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बेरहम बेटा (खतरनाक कहानी)

Hindi Sex Kahani:- हेल्लो दोस्तों मेरा नामरवि हैं और मैं आज आप को माँ बेटे की सेक्स कहानी बताने के लिए आया हूँ. मेरी माँ और मेरे बिच में हुए सेक्स की ये कहानी हैं. मेरे पापा को हार्ट की प्रॉब्लम हैं जिस वजह से माँ के साथ सेक्स नहीं करते हैं वो. मेरी माँ जो सेक्स की देवी हैं जिसकी उम्र 37 साल की हैं और हाईट करीब पौने 6 फिट की हैं. माँ एकदम पोर्नस्टार के जैसी सेक्सी और भरी हुई हैं माँ और पापा के बीच में आखरी सेक्स करब एक साल पहले हुआ था. और उसके बाद नहीं.

लेकीन अब्ब माँ में बहोत चेंज आने लगा था जैसे की वो मेरी तरफ अट्रेकट हो रही हैं. पहले तो मुझे लगा की ये सब मेरे दिमाग के अंदर का वहम ही हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों से माँ मुझे अपने बूब्स की झलक दिखा रही थी.

पर माँ अपनी बॉडी तो मुझे शो कर रही थी लेकिन उसका नेचर एकदम ही नोर्मल था. शायद माँ अपने बेटे के साथ यानि मेरे साथ सेक्स तो करना चाहती थी लेकिन वो पहल नहीं करना चाहती थी. माँ पापा के जान एके बाद रोज अपना पल्लू कमर से बाँध इति थी. एक दिन मैं अपनी रूम की विंडो से माँ को देख रहा था. माँ को ये नहीं मालुम था. माँ मेरे रूम में झाड़ू लगाने के लिए आई रही थी.

जा माँ मेरे रूम में इंटर करने लगी तो मुझे सेडयुस करने के लिए उसने पहले अपने पल्लू को उतार के वही साइड में रख दिया. और अपने ब्लाउज के दो बटन खोल दिए. माँ के दोनों बड़े बूब्स ब्लाउज से 60% बहार आ चुके थे.

फिर माँ कमरे में झाड़ू लगाने लगी. अब मुझे 100 प्रतिशत यकीन हो चूका था की उसके अन्दर सेक्स की आग लगी हुई थी. और वो मेरे लंड से अपनी चूत की आग को बुझाना चाहती थी. अब मैं भी माँ के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करने लगा था. माँ से बाते करते कभी कभी डबल मीनिंग बातें भी करता था. माँ भी बहुत खुश होती. अब मैं अपनी माँ को एकदम नंगा देखना चाहता था लेकिन अभी इतना आगे नहीं बढ़ी थी.

एक दिन मैं सुबह मा के आने से पहले उठ के नहाने के लिए चला गया. नहाने के बाद जब माँ मेरे रूम में सफाई करने इ लिए आई तब मैं बाथरूम से नंगा ही रूम में आ गया. मेरा  लंड पूरा कडक था उस वक्त जो की तन के पूरा 8 इंच का हुआ पड़ा था. माँ ने जब मुझे देखा तो शर्माते हुए एक स्माइल दी. माँ अभी तक मेरे लंड को ही देख अहि थी. माँ निचे झुक कर सफाई कर रही थी.

माँ के बूब्स निपल तक ब्लाउज से बहार थे. मैं माँ के पास जाकर खड़ा हो गया. मैंने माँ से माफ़ी मांगी की मुझे नहीं मालुम था की आप मेरे रूम में हो इसलिए मैं नंगा ही बहार आ गया. माँ हँसते हुए बोली की कोई बात नहीं चल अब कपड़े पहल के या फिर नंगा ही मेरे सामने खड़ा रहेगा!

फिर मैंने मा को सामने ही कपडे पहने और मा बेशर्मो की तरह मेरे लंड की तरफ देख रही थी. तो मैंने माँ से पूछा की क्या हुआ? क्या देख रह हो? तो माँ ने घबराते हुए कहा नहीं बस ऐसे ही. अब माँ मेरे लंड का साइज़ देख रही थी.

मैंने माँ की आँखों में अलग सी चमक को देख लिया था. रात को खाना खाने के बाद जब माँ बर्तन साफ़ करने लगी तो मेरे दिमाग में एक आइडिया आया. मैं माँ के पीछे से माँ को गले लगा कर खड़ा हो गया.

माँ बोली आज तो माँ पर बहुत प्यार आ रा हैं! मैं बोला माँ मैं तो आप को बहोत प्यार करता हूँ बीएस आज आप के साथ बातें करने का मन कर रहा हैं. फिर मैं माँ से उधर उधर की बातें करने लगा. बाते करते हुए मैंने मौका देख के मैंने माँ की गांड के ऊपर अपने पजामे के अन्दर से ही अपना लंड दरार के ऊपर लगा दिया था.

माँ ने कोई रिस्पोंस नहीं दिया तो मैंने अपना पजामा थोडा निचे कीया और अपने लंड माँ की दरार में दबाने लगा. माँ को मालुम चल चूका था की मैंने लंड बहार निकाल लिया हैं, माँ भी अब एन्जॉय करने लगी थी. माँ अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी. उसकी सांसे बहुत तेज चल रही थी. और वो अपना कंट्रोल खो रही थी धीरे धीरे से.

माँ का पल्लू निचे गिर गया था मैंने हिम्मत कर के अपना एक हाथ माँ के बूब्स पर लगाय. अब उस से भी रहा नहीं गया तो वो बोली बेटा मुझे मालुम था की तूम मुझसे प्यार करते हो. तभी पापा की आवाज आयतों हम दोनों को जैसे होश आया. माँ मेरे तरफ मुड़ी उसने अपना पल्लू ठीक किया. मेरा लंड अभी भी पजामे से बहार ही था.

माँ ने सब देख कर अनजान बनते हुए कहा चल अब बाकी का प्यार सुबह में कर लेना जा अब जा का सो जा. मैं अपने रूम में चला आया. सुबह जब मैं उठा तो माँ नाहा रही थी. और उसने आज दरवाजे को पूरा खुला रखा हुआ था. हमारे बाथरूम के ठीक सामने छोटा सा गार्डन हैं. माँ जानती थी की मैं वहां योगा करता हूँ. जब मैं वहां गया तो माँ बाथरूम में पूरी नंगी नाहा रही थी.

वैसे तो उसका फेस मेरी तरफ ही था. लेकीन फिर भी वो अनजान बने हुए जैसे कुछ हुआ ना हो वैसे नहाने में ही व्यस्त थी. मेरी तो आँखे ही फटी की फटी रह गई माँ को नंगा देख के. मेरा लंड पजामे में टेंट बना चूका था. माँ मेरे सामने नहाती रही. फिर नहाने के बाद माँ तोवेल में बहार आई. माँ मुझे डेक के अनजान बनते हुए बोली तुम कब उठे? मैं बोला माँ बस अभी ही उठा हूँ तो माँ ने मुझे एक सेक्सी स्माइल दी और वो अपने रूम में चली गई.

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फिर अगले दिन पापा न कहा की रात को हम सब बुआ के घर जायेंगे तो हम सब रेडी हो कर जब कार में बैठे तो देखा की पापा ने कार में बहुत सब साड़ियाँ रखी हुई थी. क्यूंकि हमारी लेडी गारमेंट की शॉप हे तो पापा ने वो सारा माल बुआ के शहर म सप्लाय करना था. इसलिए पापा ने साड़ियों को कार में रखा हुआ था. आगे की फ्रंट सिट पर भी कपडे ही थे. सिर्फ पीछे की एक सिट खाली थी तो मैं वहां बैठ गया.

जब माँ आई तो पापा से बोली अब मैं कहा बैठूंगी? पापा बोले तुम दोनों एडजस्ट कर लो. मैंने माँ को कहा माँ आप यहाँ आ जाओ मैं आप की गोदी में बैठ जाता हूँ.

तो माँ ने कहा अरे तू तो बहुत भारी हैं मेरी टांग तोड़ देगा गोदी में बिठाया तो. फिर मैं डबल मीनिंग में अपने लंड की तरफ हाथ कर के बोला, फिर आप मेरी गोदी में आ जाओ. मैं आप को बिठाने के लिए मजबूत हूँ!

माँ मेरी बात समझ गई और वो हँसते हुए बोली चल आज तेरी मजबूती का टेस्ट ले लेती हूँ. ये बोल माँ मेरी गोद में बैठने लगी तो मैंने हाथ से अपने लंड को पहले ही पूरा सीधा खड़ा किया. पापा के और हमारे बिच में कपड़ो की गठरियाँ थी इसलिए वो हमें देख नहीं सकते थे. माँ ने देखा की मैं लंड सीधा कर रही हूँ तो वो थोडा शर्मा गई और फिर वो अपनी गांड को मेरे लंड के ऊपर एडजस्ट कर के बैठ गई. मेरा लंड माँ की गांड की दरार में घुस चूका था. पापा को ये सब नहीं दिख रहा था.

फिर पापा कार ड्राइव करने लगे. अब मैं माँ की गांड को धीरे धीरे झटके देने लगा था. माँ भी मस्ती में थी. वो एन्जोये करते हुए ज़रा मुझे पकड के बैठो बेटा. माँ ने मेरे दोनों हाथ अपने बूब्स प् रख दिया. माँ के बूब्स को मैं मसलने लगा था.

माँ भी अब मेरा साथ दे रही थी. मैंने अपने दोनों हाथ माँ के ब्लाउज में डाल दिए. माँ ने निचे ब्रा नहीं पहनी थी. तभी स्पीड ब्रेक आया तो मैंने माँ के दोनों बूब्स को ब्लाउज से बहार निकाल लिया. माँ बोली ठंडी हैं ना? मैंने कहा हां और मैंने दोनों साइड के शीशे ऊपर कर दिया. अब हम दोनों को साइड से कोई नहीं देख सकता था. और पापा की नजर में तो सिर्फ गठरियाँ ही थी, हालांकि हमारे फेस वाला हिस्सा उन्हें दिख रहा था. मैंने दोनों हाथ में माँ के नंगे बूब्स ले लिए और उन्हें दबाने लगा. माँ की  हलकी सिसकियाँ मेरे कान में पड़ रही थी.

मैं माँ के बूब्स को दबाते हुए बोला माँ आप को मेरी गोदी में बैठने में कोई तकलीफ तो नहीं हो रही. माँ बोली बेटा नहीं मुझे बहोत ही आराम लग रहा हैं तू तो अपने पापा से भी भी ज्यादा ख्याल रखता हैं मेरा. मैंने अब मा को कमर से पकड़ के ऊपर किया तो वो समझ गई और ऊपर की और हुई. मैंने अपनी पेंट को और अंडरवियर को घुटनों तक ले लय. मेरा तना हुआ लंड अब पूरा नंगा माँ के सामने था.

माँ तो बस अब मेरी गुलाम बन चुकी थी. मैंने माँ के कान में कहा कैसा अपने बेटे का सांप. तो माँ शर्म से पूरी ला हो गई. वो बोली बेटे का सांप तो बाप से भी बड़ा हैं. और फिर उसने कहा बस अब जल्दी से इस सांप को उसकी बिल दिखा दो. फिर कान में धीर से बोली, जल्दी कर डाल दे अन्दर और मुझे अपनी माँ से अपनी रंडी बना दे.

फिर माँ ने अपनी साडी को कमर तक किया तो मैंने अपना लंड माँ की चूत में डाल दिया. रात के करीब 10 बज चुके थे. अभी 3 घंटे का सफ़र बाकी था. पापा ने अब कार के अन्दर की लाईट भी बंद कर दी थी. हम दोनों को कुछ दिख नहीं रहा था लेकिन हम अपनी मस्ती में ही थे.

फिर माँ ने मेरे कान में कहा की बेटा मुझे तो बहुत मजा आ रहा हैं, सच में तेरे पापा ने भी कभी ऐसे नहीं चोदा हैं. मैंने माँ के बूब्स को पकडे और और उसे पीछे खिंच के उसे किस कर लिया. चलती हुई कार उछल रही थी और उसके साथ ही मेरा लंड भी माँ की चूत में ऊपर निचे हो रहा था. माँ की चूत से पानी का झरना निकल चूका था.

मैंने माँ को लिप किस किया और उसको और भी जोर जोर से झटके देने लगा. माँ बोली, पानी अंदर ही निकालना सब मेरे राजा. मैंने कहा, हां जरा हिलाओ अपनी गांड तो पानी निकलेगा. माँ ने जोर जोर से गांड हिलाई और मेरे लंड का पानी सब अपनी चूत में छुडवा लिया.

हमने कपडे सही किये और माँ मेरी गोदी में लंड चूसते हुए ही सो गई. दोस्तों आप को माँ बेटे के सेक्स की ये कहानी कैसी लगी???

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