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नौकरानी के बूब्स-7

Chudai ki kahani, sex kahani, hindi sex kahani, अपने बेडरूम मे जाने के बाद आँचल ने दरवाज़ा बंद किया और वो जल्दी से बाथरूम में नहाने चली गयी. उसे मालूम था मायके में उसे ना पाकर सुनील भी आता ही होगा. नहाने के बाद उसने तरोताज़ा और खुशी महसूस की. खूब चुदाई होने से अब वो बहुत सॅटिस्फाइड फील कर रही थी . लेकिन सुनील के बारे में सोचकर उसे गिल्टी भी फील हुआ. वो सोचने लगी सुनील में थोड़ी कमी ज़रूर है , पर है तो वो अच्छा आदमी. उसका ख्याल रखता है सब ज़रूरते पूरी करता है. 

आँचल ने सोचा अब वो सुनील से किसी अच्छे सेक्स क्लिनिक जाकर वहाँ डॉक्टर से एडवाइस लेने को कहेगी , रोज़ अख़बार में कितने सेक्स क्लिनिक्स के एड आए रहते हैं. सुनील को अपनी सेक्स ड्राइव बढ़ाने और शीघ्र पतन की समस्या के इलाज़ के लिए डॉक्टर को दिखाना ही चाहिए. आँचल ने देख लिया था की समीर, रामू, सलीम ये सब लोग कितनी देर तक उसे चोदते रहे थे और एक बार झड़ने के तुरंत बाद फिर से उनका लंड तनकर खड़ा हो जाता था. इन सबने ने आँचल को एक चुदाई सेशन में कई कई बार ओर्गास्म दिया था और जबरदस्त चुदाई से आँचल को बहुत मज़ा मिला था. वो सोचने लगी की अगर उसका पति सुनील भी अपना इलाज़ करवा ले तो उसको घर पर ही भरपूर चुदाई का मज़ा मिलेगा .

यही सब बातें सोचते हुए आँचल ने नहाकर एक पारदर्शी नाइटी पहन ली और सुनील का इंतज़ार करने लगी. फिर उसने सोचा की अब तक किस्मत ने साथ दिया है और सुनील या किसी और ने उसे चुदते हुए नही पकड़ा , लेकिन कभी पकड़ लिया तो बहुत बदनामी होगी और माँ बाप को मुँह दिखाने लायक नही रहेगी. उसका ससुर ज़रूर जान गया था की ये कई बार चुद के घर आई है पर अपने परिवार की और बेटे सुनील की बदनामी के डर से वो मुँह नही खोलेगा ये बात आँचल समझ गयी थी. वैसे भी ससुर उल्टा इस जानकारी का फायदा उठाकर उसे चोदने की कोशिश में लगा रहता था. लेकिन अब अपनी सास के वापस लौट आने से ससुर को तो कोई मौका वो देने वाली नही थी.

अगर किसी तरह से वो सुनील को इलाज़ के लिए राज़ी करने में सफल हो जाती है तो फिर उसे दूसरे मर्दों का मुँह ताकने की ज़रूरत नही पड़ेगी. सुनील ही उसको खुश रख पाएगा. वरना कभी ना कभी तो वो पकड़ी जाएगी और फिर अंज़ाम बहुत बुरा भी हो सकता था. उसने निश्चय कर लिया की वो सुनील को इलाज़ के लिए मनाने की पूरी कोशिश करेगी.

उधर आँचल का ससुर आँचल को चोद पाने का कोई मौका ना मिल पाने से बहुत ही फ्रस्टरेट हो गया. वो सोचता था घर के नौकर तक मेरी बहू को चोद गये और मैं मालिक होकर भी सूखा बैठा हूँ. आज ही अपने मायके से जब आँचल लौटी थी तो उसके भरपूर चुदाई से मिली संतुष्टि से दमकते चेहरे को देखकर ससुर बहुत एक्साइटेड हो गया और साथ ही साथ झल्ला भी गया की फिर कहीं से चुदा के आ गयी ये आज. लेकिन वो ठरकी ससुर कर ही क्या सकता था सिर्फ़ बाथरूम में जाकर आँचल के दमकते चेहरे को याद करके उसके नाम की मूठ लगा आया. वैसे भी अब उसकी बीवी अपनी भतीजी की शादी से वापस आ गयी थी तो बहू के साथ ज़्यादा कुछ वो कर भी नही सकता था. लेकिन वो हार मानने वालों में से नही था उसने सोचा मौके का इंतज़ार करना ही ठीक रहेगा , जब भी सही मौका लगेगा चोद डालूँगा साली को.

उधर सुनील को उसकी सास यानी आँचल की माँ ने जल्दी लौटने नही दिया. घर में आँचल के ना होने से उसे बहुत एंबरेसमेंट हुई तो उसने सुनील की खूब आवभगत करी ताकि जमाई राजा खुश हो जाए और बुरा ना माने कि आँचल बिना बताए चली गयी. जब सुनील अपने घर पहुँचा तो रात हो गयी थी. वो अपने साथ आँचल के कपड़ों से भरा सूटकेस भी उसके मायके से लाया था जिसे आँचल वहीं छोड़ आई थी. वो अपनी बीवी को मिस कर रहा था , इसलिए जब उसने आँचल को पारदर्शी नाइटी पहने बेड पर लेटे हुए देखा तो खुश हो गया . उसे इस बात की भनक ही नही थी की उसकी प्यारी बीवी अपने मायके में क्या गुल खिलाके आई है. बेड पर लेटी आँचल को देखकर सुनील का चुदाई का मूड बन गया और वो आँचल को आलिंगन में भरके किस करने लगा और उसकी चूचियाँ मसलने लगा. आँचल भी उत्तेजित होने लगी और उसे खुशी हुई की चलो आज तो पतिदेव की सेक्स की इच्छा बढ़ी हुई लग रही है , आज तो ये मज़ा देगा ही देगा. थी वो सुनील की बाँहों में लेकिन फिर उसको याद आने लगे दोपहर के वो सीन , जब रामू के कमरे में उसकी ठोक ठोक कर चुदाई हुई थी. अब वो गरम होने लगी.

तभी किसी ने बेडरूम का दरवाज़ा खटखटाया . हद है यार ये कौन है जो ठीक चुदाई के टाइम में डिस्टर्ब कर रहा है .

आँचल और सुनील दोनो का मूड ऑफ हो गया. दरवाज़ा खोला तो सामने सास ससुर खड़े थे. उसकी सास ने उसको चूमा और शादी में मिली हुई दो साड़ी उसको भेंट की. आँचल को पारदर्शी नाइटी में देखकर ससुर का लंड वहीं पैंट में तंबू बनाने लगा. उसने “ वेलकम होम बहू “ कहके बहू को आलिंगन में भर लिया और अपना तंबू उसके पेट पर रगड़ दिया. और ज़ोर से आलिंगन करके उसकी बड़ी चूचियाँ अपनी छाती से दबा दी. फिर उसने आँचल के गाल से अपने गाल भी रगड़ दिए और एक हल्का गालों का किस ले लिया.

आँचल ने अपने पेट पर ससुर का लंड महसूस किया , वो अपने ससुर के इस बोल्ड व्यवहार से भौंचक्की रह गयी. ससुर के इस ठरकीपन से वो सास के सामने शरम से लाल हो गयी.

सुनील अपनी चुदाई का प्रोग्राम डिस्टर्ब होने से अपसेट था लेकिन उसको अपने बाप के व्यवहार में कोई ग़लत बात नही लगी. उन लोगों को बातें करता हुआ छोड़कर वो नहाने चला गया. आँचल देख रही थी की उसका ससुर पारदर्शी नाइटी में उसके अंदरूनी अंगों को खा जाने वाली नज़रों से ताक रहा है. उसके ऐसे ताकने से आँचल को अपनी चूत में गीलापन महसूस हुआ और फिर उसने बेड पर बैठे बैठे ही पोज़िशन बदलने के बहाने ससुर को अपना बदन दिखाकर तड़पाना शुरू कर दिया. वो बात अपनी सास से कर रही थी पर ध्यान उसका ससुर की हरकतों की तरफ था. उसके जिस्म ने दिमाग़ को फिर अपने कंट्रोल में ले लिया और वो मासूम बहू की तरह सास से बात करते हुए ससुर को बदन की झलकियाँ दिखाने लगी.

ठरकी ससुर सब समझ रहा था , मन ही मन सोचने लगा , “ साली टीज़िंग बिच! अगर उसी दिन जब सलीम तुझे बेड पर नंगी छोड़कर भाग गया था , तब मैंने भी मौके का फायदा उठाकर तुझे चोद दिया होता तो आज ऐसे नखरें करके मुझे नही तड़पाती . पर मुझे उस दिन तेरी हालत पर दया आ गयी और मैंने चोदने का मौका गवां दिया. और अब तू मेरी बीवी के सामने मुझे टीज़ कर रही है क्यूंकि तू जानती है की अब मैं बीवी के सामने कुछ नही कर सकता .”

तभी सुनील भी नहाकर आ गया और फिर पूरा परिवार डिनर के लिए डाइनिंग रूम मे जाने लगा.
सबसे लास्ट में आँचल के पीछे ससुर चल रहा था. आँचल की मटकती गांड को देखकर उसने अपना हाथ गांड पर रख दिया और फिर थोड़ी गांड दबा दी. आँचल असहाय थी , सास और पति के सामने कुछ नही कर पाई , ससुर मज़े लेता रहा और मन ही मन सोचने लगा, “ ये तो रोक नही रही है, लगता है मुझसे चुदवाने को तैयार है. अहा! मज़ा आ गया आज पहली बार इस चिकनी की गांड पर हाथ फेरा है.”

डिनर के बाद जब आँचल और सुनील अपने बेडरूम में वापस आए तो दोनो ही उत्तेजित फील कर रहे थे. सुनील इसलिए क्यूंकी उसकी बीवी कई दिन से मायके में थी तो वो चोद नही पाया था. और आँचल इसलिए उत्तेजित थी क्यूंकी उसके ठरकी ससुर ने अपनी हरकतों से उसके बदन में आग लगा दी थी.

आँचल ने जब सुनील का तना हुआ लंड देखा तो जल्दी से घुटनों के बल बैठ गयी और लंड मुँह में लेकर चूसने लगी . अपनी खूबसूरत बीवी को फटाफट लंड चूसते देखकर सुनील भौचक्का रह गया . आँचल के खूबसूरत चेहरे में लंड अंदर बाहर जाते देखकर वो बहुत उत्तेजित हो गया और तुरंत मुँह में ही झड़ गया . आँचल गटागट सारा वीर्य निगल गयी , सुनील ये देखकर और भी हैरान हो गया. छी ! ये तो सब पी गयी. उसकी नज़र में सेक्स करना मतलब बीवी की टाँगे फैलाओ और चूत में वीर्य गिरा दो , बस इतना ही था. लंड चूसने , चूत चाटने , गांड मारने , डॉगी पोज़ और भी अन्य कई तरीक़ो से भी सेक्स किया जा सकता है , इसका उसे कोई ज्ञान नही था ना ही वो इन सब में कोई इंटरेस्ट रखता था . वैसे भी उसे अपनी फैक्ट्री से फ़ुर्सत ही नही मिलती थी.

आँचल ने सुनील का लंड तब तक मुँह से नही निकाला जब तक वो मुरझा के बिल्कुल छोटा नही हो गया. आँचल को बहुत उत्तेजना चढ़ी हुई थी और एक मोटा लंड उसको अपनी चूत में चाहिए था. लेकिन सुनील उसके मुँह में झड़ चुका था और उसका लंड अब मुरझा चुका था. सुनील बेड पर लेट गया. आँचल ने सुनील के बदन में हर जगह चूमना शुरू कर दिया. उसने सुनील के चेहरे , छाती को चूमा उसके कंधे को दांतो से काट लिया और फिर मुरझाया हुआ लंड फिर से मुँह में डालकर उसको खड़ा करने की कोशिश करने लगी पर सब बेकार. सुनील ने ,मुझे नींद आ रही है, कहते हुए आँचल को अपने ऊपर से हटा दिया और चादर ओढ़कर करवट लेकर सो गया.

आँचल को बहुत गुस्सा आया और उसने बहुत फ्रस्टरेटेड फील किया. लेकिन उसने अपने ऊपर काबू रखा और सुनील को कुछ भी भला बुरा नही कहा. रात में एक बार और उसने सुनील के लंड को खड़ा करने की कोशिश की पर सुनील ने उसको एक तरफ को धकेल दिया.

अगली सुबह सुनील जब नहाकर बाथरूम से बाहर आया तो आँचल ने हाथ पकड़कर उसे अपने पास बैठाया और बोली, “ देखो सुनील, मुझे तुमसे कुछ ज़रूरी बात करनी है.”

सुनील ने कहा, “ . क्या बात है ?”

आँचल : “ देखो हमारी शादी हुए 6 महीने बीत गये हैं और तुम्हारी माँ और मेरी माँ , दोनो ही बच्चे के लिए मुझे पूछ रही थी.”

फिर उसने सुनील से झूठ बोला की वो कोई पिल भी नही ले रही है और तुम भी कंडोम यूज नही करते फिर भी मैं प्रेग्नेंट नही हो रही हूँ. इसलिए हमको अपने फैमिली डॉक्टर से कन्सल्ट करना चाहिए.
(असल बात ये थी की जब समीर ने उसे चोदा था वो तबसे प्रेग्नेंट होने के डर से पिल ले रही थी.)

फैमिली डॉक्टर के पास जाने की सलाह से सुनील गुस्सा हो गया , वो किसी जान पहचान वाले आदमी से अपनी सेक्स लाइफ के बारे में डिस्कस करने को तैयार ही नही हुआ.

फिर उसने कहा, “ अभी हमारी शादी को 6 महीने ही तो हुए है. टाइम आने पर तुम प्रेग्नेंट भी हो जाओगी , चिंता मत करो.”

आँचल चुप रही पर मन ही मन बोली, अगर हफ्ते में एक दिन मुझे चोदोगे तो मैं कैसे प्रेग्नेंट होऊँगी ईडियट!
वैसी भी प्रेग्नेन्सी का तो बहाना था , वो तो सिर्फ़ सुनील को किसी डॉक्टर को दिखाना चाहती थी. ताकि उसके जल्दी झड़ जाने का इलाज़ हो सके. प्रेग्नेंट वो होती कैसे जब पिल ले रही थी. वैसे भी अभी वो जवानी के मज़े लेना चाहती थी और इतनी जल्दी बच्चा नही चाहती थी. और अपनी चूत की प्यास बुझाने के लिए जितने लोगों से उसने चुदवाया था और जितना वीर्य उसकी चूत की गहराईयों में पड़ चुका था , उससे तो वैसे ही वो अब तक प्रेग्नेंट हो जाती अगर पिल ना लेती तो. लेकिन सुनील को डॉक्टर के पास जाने को तैयार ना देखकर उसने बात आगे नही बढ़ायी और कोई दूसरा तरीका आज़माने की सोची.

कुछ दिन बाद आँचल की सास ने उससे बच्चे की बात छेड़ी. आँचल ने पूछने पर बताया की वो कोई कॉन्ट्रासेप्टिव नही ले रही है. उसकी सास पुराने विचारों की थी , उसका कहना था कि शादी के बाद बहू का तुरंत बच्चा होना ज़रूरी है इससे पति पत्नी में जोड़ और मजबूत हो जाता है. फिर वो कहने लगी की तुम मेरे साथ एक स्वामी बाबा के पास चलो. स्वामी भोगानंद चमत्कारी बाबा है. जो भी औरत उनके पास जाती है उसको बच्चा ज़रूर पैदा होता है.

आँचल इसके लिए राज़ी नही थी पर सास को मना नही कर पाई. इलाज की ज़रूरत सुनील को थी आँचल को नही. फिर उसकी सास ने स्वामी भोगानंद से अगले हफ्ते का अपायंटमेंट ले लिया. आँचल ने सोचा की वो इसमे सुनील को भी इन्वॉल्व कर लेगी तो सुनील जाने के लिए मना कर देगा और उसे भी स्वामी के आश्रम में नही जाना पड़ेगा. लेकिन हुआ उल्टा . सुनील को जब आँचल ने ये बात बताई तो वो बोला, “ मम्मी ने बिल्कुल ठीक सजेशन दिया है. तुम स्वामी को अपने को दिखा लाओ.”

आँचल के पास अब कोई चारा नही था , वो मन ही मन सुनील पर गुस्सा हुई, तुम बस मम्मी मम्मी ही करते रहो. जो मम्मी ने कहा वही सही.

अपायंटमेंट के दिन आँचल बेमन से अपनी सास के साथ स्वामी भोगानंद के आश्रम गयी. वहाँ पहुँचकर उन दोनो को एक वेटिंग रूम में बिठा दिया गया और कहा गया की स्वामी भोगानंद के दर्शन के लिए यहीं बैठ कर इंतज़ार करो. करीब आधा घंटा वेट करने के बाद आँचल को बेचैनी होने लगी और उसका मन हुआ की वो अपने घर वापस चली जाए. पर सास के सामने कुछ नही बोल पाई.

लेकिन उनको मालूम ही नही था की अपने एसी रूम में बैठकर भोगानंद CCTV में उसकी बेचैनी सब देख रहा है. वो एक लड़की से अपना लंड चुसवा रहा था और CCTV में आँचल को भी देख रहा था. आँचल को देखकर वो सोच रहा था ये मक्खन मलाई आज मेरे जाल में आ फँसी है. उत्तेजना से उसने लंड चूस रही लड़की के मुँह में वीर्य भर दिया और खुद फटाफट उठ कर अपने वस्त्र ठीक किए. आँचल को वो जाने का मौका देने वाला नही था, इसलिए उसने जब आँचल को बेचैन होता देखा तो फटाफट वेटिंग रूम में आ गया.

आँचल ने देखा सफेद वस्त्र पहने हुए लंबा चौड़ा दाडीवाला बाबा है और उसकी चौड़ी छाती बालों से भरी है. उसकी आँखों में बहुत चमक और तेज था. आँचल ने उठकर उसको हाथ जोड़े और नज़रें झुकाकर खड़ी हो गयी. स्वामी भोगानंद ने उन दोनो से बैठने को कहा और उनकी समस्या पूछी. जब सास ने बताया की शादी को 6 महीने हो गये है और बहू प्रेग्नेंट नही हुई है , तो नयी नवेली शादीशुदा आँचल को सिड्यूस करने के ख़याल से स्वामी की लार टपकने लगी. उसने आँचल को अपने पास बुलाया और फिर एक हाथ से उसके बालों को सहलाते हुए , उसकी आँखों में आँखे डालकर धीमे स्वर में पूछा, “ तुम्हारा पिछला पीरियड कब आया था ?”

स्वामी के अपने पीरियड के बारे में पूछने से आँचल एकदम से शरमा गयी और फिर नज़रें नीचे करके उसने डेट बता दी.
स्वामी ने फटाफट मन ही मन डेट का हिसाब लगाया और फिर सास से बोला, “ आज से दो दिन बाद यानी की परसो से आँचल को लगातार 3 दिन तक आश्रम में आना होगा. तड़के सुबह 5:30 बजे आ जाना. मैं इसके लिए तीन घंटे तक स्पेशल पूजा करूँगा और उसके बाद कुछ खास जड़ी बूटी दवाई के लिए दूँगा. उस दवाई को आँचल को तीसरी रात को अपने पति के साथ सेक्स से पहले खाना होगा. और गारंटी है की अगले पीरियड आने से पहले ही ये प्रेग्नेंट हो जाएगी.”

ये सुनकर सास बहुत खुश हुई और स्वामी भोगानंद को बार बार धन्यवाद देने लगी . फिर उसने स्वामी को स्पेशल पूजा के लिए 25000 रुपये दिए. सास ने स्वामी से कहा की परसो सुबह ठीक 5:30 बजे वो दोनो आश्रम में हाज़िर हो जाएँगी.

स्वामी भोगानंद बोला, “ अरे नही नही …..आपको आने की ज़रूरत नही है. सिर्फ़ आँचल को ही भेजना. आपके आने से पूजा में दुष्प्रभाव पड़ जाएगा और फिर फल नही मिलेगा. इसलिए आप मत आना वरना आँचल प्रेग्नेंट नही होगी.”

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ये सुनकर सास डर गयी और हाथ जोड़कर बोली, “ अगर मेरे आने से पूजा खराब हो जाएगी तो मैं नही आऊँगी , बहू को अकेले ही भेज दूँगी.”

स्वामी बोला, “ हाँ एक बात और…..जब तक आँचल आश्रम में आती रहेगी , इसके पति को आँचल से दूर रहना होगा. तभी पूजा सफल होगी.”

दोनो सास बहू आश्रम से घर आ गयी. आँचल को अपनी सास का ये नाटक पसंद नही आ रहा था. वो चाह रही थी की सुनील का सेक्स कमजोरी का इलाज़ हो और उसकी सास आँचल का ही इलाज़ करवाने पर तुली थी. उसने सोचा , ये बुढ़िया खाली मेरे से इधर उधर के फालतू चक्कर लगवा रही है , मुझे क्या हुआ है मैं तो ठीक हूँ, मुझे परेशान करने की बजाय अपने बेटे का कमजोरी का इलाज़ करवा लेती तो ज़्यादा अच्छा रहता.

लेकिन अब तो सास 25000 रुपये भी पूजा के लिए दे चुकी थी , अब मना करना मुश्किल था इसलिए आँचल को ना चाहते हुए भी स्वामी के पास पूजा के लिए जाना पड़ा.

पूजा के दिन सुबह सुनील उसको कार में आश्रम के गेट तक छोड़ गया और दोपहर में लेने आऊँगा बोलकर चला गया. इतनी सुबह अभी बाहर उजाला नही हुआ था , हल्का अंधेरा ही था. आँचल उसी वेटिंग रूम में जाकर बैठ गयी. जल्दी ही दो लड़कियाँ वहाँ आई , उन्होने सिर्फ़ एक सफेद कपड़ा अपने बदन पर डाला हुआ था. आँचल ने हैरानी से देखा उस सफेद कपड़े के अंदर उन्होने कुछ भी नही पहना था और उनकी चूचियाँ और चूत के ऊपर के काले काले बाल सफेद कपड़े से साफ दिख रहे थे. उन्होने आँचल से अपने साथ चलने को कहा. 

वो दोनो आँचल को एक ऐसे कमरे में ले गयी जहाँ सिर्फ़ कैंडल्स जल रही थी. फिर उन्होने आँचल से अपने सारे कपड़े उतारकर नग्न होने को कहा क्यूंकी पूजा से पहले आँचल को पवित्र जल से नहला के शुद्ध करना होगा . आँचल के चेहरे के भाव देखकर वो लड़की बोली इसमे घबराने की कोई बात नही है.

लेकिन आँचल नंगी होने को तैयार नही हुई. दोनो लड़कियों ने बहुत ज़ोर दिया की स्पेशल पूजा के लिए सभी औरतों को ऐसा ही करना पड़ता है. पर आँचल नही मानी. थोड़ी देर तक समझाने के बाद वो दोनो लड़कियाँ आँचल को अकेले छोड़कर चले गयी. 

कुछ देर बाद स्वामी भोगानंद खुद उस कमरे में आया और आँचल से कहा की जैसा जैसा तुमको बताया गया है वैसा तुमको करना पड़ेगा. स्वामी की चमकती आँखों का सामना आँचल नही कर पाई और उसने हामी भर दी. स्वामी कमरे से बाहर चला गया और वो दोनो लड़कियाँ फिर से कमरे में आई. 

फिर उन्होने आँचल के कपड़े एक एक कर उतारने शुरू कर दिए. आँचल को पता नही था पर कमरे में एक बड़े काले परदे के पीछे से भोगानंद , आँचल को निर्वस्त्र होते हुए देख रहा था. आँचल ने अपने कपड़े उतारे और फिर वो सिर्फ़ ब्रा पैंटी में रह गयी. स्वामी सब देख रहा था. फिर आँचल ने अपनी ब्रा भी उतार दी. उसकी दूध जैसी गोरी बड़ी बड़ी चूचियाँ अब नग्न थीं. फिर उसने अपनी पैंटी भी उतार दी. स्वामी ने देखा उसकी मादक चूत के ऊपर काले काले बालों का घेरा है. भोगानंद का लंड टन टनाकर खड़ा हो गया.

फिर उन लड़कियों ने आँचल को फर्श पर लिटा दिया और एक सुगंधित तेल को उसके बदन पर मलने लगीं. उन्होने धीरे धीरे उसके बदन पर तेल मलना शुरू किया और चूचियों पर कुछ ज़्यादा ही देर तक मसलते हुए तेल लगाया. तेल की भीनी भीनी खुशबू और लड़कियों के अपनी चूचियों को मसलने से अब आँचल को उत्तेजना आने लगी. उसकी चूचियों के निपल तन के खड़े हो गये और उसको अपनी चूत में रस निकलता महसूस हुआ. और उन लड़कियों के हाथों के उसके नंगे बदन पर स्पर्श से उसकी हल्की हल्की सिसकारियाँ निकलने लगी.

आँचल को उत्तेजित होते देखकर , लड़कियाँ एक दूसरे को देखकर मुस्करायीं. उन्होने ना जाने कितनी जवान औरतों के ऊपर ये उत्तेजित करने का तरीका अपनाया था. वो दोनो अपने काम में अब माहिर हो चुकी थीं. वो दोनो समझ गयीं अब इसकी चुदाई के रास्ते खुल गये हैं.

मालिश के दौरान उन्होने आँचल की चूत के होठों के ऊपर भी तेल लगाया , वहाँ गीलापन देखकर वो समझ गयीं ये लड़की तो कामुक है. अभी हमने इसकी क्लिट को मसला भी नही है और यहाँ इसका चूत रस निकलना शुरू हो गया है, ये तो जल्दी ही उत्तेजित हो गयी. स्वामी भोगानंद ये सब पर्दे के पीछे से देखकर अपना लंड मसल रहा था , ये तो जल्दी ही गीली होने लगी है , बहुत कामुक लगती है.

लड़कियों के मालिश करने से आँचल सिसक रही थी , “ आहह……आहह….उईईईईईई….”

“अच्छा लग रह है तुमको ?” एक लड़की ने पूछा.

आँचल ने ज़ोर से सिसकारियाँ भरते हुए जवाब दिया, “ आ…हाँ….बहुत अच्छा…..उन्न्ञन्नाआहह…”

अब उस ठंडे फर्श पर नंगी पड़ी आँचल पूरी तरह से उत्तेजना में भर चुकी थी. उसने एक लड़की की चूची पर अपना हाथ फेर दिया. पर उस लड़की ने आँचल के हाथ पर एक थप्पड़ मारकर झटक दिया. और उसे झिड़कते हुए बोली, “ ये तू क्या कर रही है ?”

आँचल मदहोशी में कहने लगी , “ आहह…इधर आओ ….मेरे पास आओ….., प्लीज़ ….आहह….” वो उन अधनंगी लड़कियों के बदन को छूना चाह रही थी पर उन्होने उसे हाथ नही लगाने दिया. 

फिर उन लड़कियों को लगा की अब आँचल को ओर्गास्म आ जाने वाला है और ये झड़ने वाली है तो उन्होने उसके बदन की मालिश रोक दी. उनको भोगानंद ने साफ निर्देश दे रखा था की इसको चुदाई के लिए तैयार कर के रखो लेकिन खुद उसके साथ कुछ मत करना, बस उत्तेजित करके तडपा के छोड़ देना.

उन्होने आँचल को फर्श से उठाया और एक पतला पारदर्शी सफेद कपड़ा पहना दिया जिससे उसका बदन और भी कामुक लग रहा था. फिर वो आँचल को एक कमरे में ले गयीं और वहाँ फर्श पर बैठा दिया. आँचल अभी भी उत्तेजना से तेज तेज साँसे ले रही थी.

फिर स्वामी भोगानंद उस कमरे में आया , उसे देखकर तीनो खड़ी हो गयी और उसको हाथ जोड़कर प्रणाम किया. वो आँचल के पास आया और एक झटके में उसका सफेद वस्त्र खींच लिया. अब आँचल पूरी नग्न थी. उसका पूरा बदन तेल और पसीने से भीगकर चमक रहा था और चूत के काले बाल भीगकर आपस में उलझ गये थे. स्वामी के तेज को नग्न आँचल सह नही पाई और उसने कमज़ोरी सी महसूस की तब उन दोनो लड़कियों ने उसे सहारा दिया.

स्वामी ने एक बाल्टी से आँचल के ऊपर बर्फीला ठंडा पानी डाल दिया . आँचल की साँसे थम सी गयी और वो हकबकाकर ज़ोर से चिल्ला पड़ी. फिर स्वामी ने एक टॉवेल लिया और आँचल का बदन पोछने लगा. वो काफ़ी देर तक उसकी गोरी बड़ी चूचियों को टॉवेल से रगड़ता रहा और फिर नीचे जांघों को टॉवेल से पोछा. उसके बाद चूत को भी पोछने के बहाने टॉवेल से काफ़ी देर तक रगड़ा. रफ टॉवेल के इस तरह अपने बदन, चूचियों और चूत पर देर तक मल मल कर रगडे जाने से आँचल मदहोशी में ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी और उसकी चूत से रस बहने लगा. फिर स्वामी ने अपने वस्त्र उतार दिए और आँचल के सामने अब वो भी पूरी तरह से नग्न हो गया.

आँचल ने अपने सामने उस लंबे चौड़े स्वामी को नंगे खड़ा देखा , उसका मोटा लंड खुली हवा में झटके खा रहा था. आँचल सिसकारियाँ लेती हुई घुटने के बल बैठ गयी और स्वामी का लंड मुँह में लेने लगी. 

लेकिन स्वामी ने उसको रोक दिया और बोला, “ ये क्या कर रही हो तुम?”

“आह…….मुझे चूसना है, प्लीज़……? ” , रोके जाने से निराश होते हुए आँचल बोली.

“तुम होश में तो हो ? शादीशुदा औरत होकर भी तुम ये क्या कर रही हो ?” स्वामी बोला.

आँचल अब उत्तेजना से तड़प रही थी और वो चुदाई के लिए तरस रही थी.

उसने कहा, “ मुझे चोदो….हाँ मुझे चोदो स्वामीजी…..प्लीज़….”

लेकिन उसको पता नही था की कमरे में लगे कैमरा से ये सब रेकॉर्ड हो रहा है, असल बात ये थी की स्वामी का बहुत नाम था, इसलिए आँचल की सेक्स के लिए सहमति बहुत ज़रूरी थी. अब वो खुद अपने मुँह से चोदने के लिए कह रही थी जो की रेकॉर्ड हो चुका था. अगर कोई औरत बाद में खुद या किसी के दबाव में आकर स्वामी पर रेप का इल्ज़ाम लगाती तो स्वामी उसके घरवालों को वो टेप दिखा सकता था की ये तो खुद ही चोदने को बोल रही थी. उस आश्रम में सभी औरतों के साथ ऐसा ही टेप बनाया जाता था जिसमे उनको उत्तेजित करके इतना तड़पाया जाता था की वो खुद ही चोदने को बोलती थी. 

अभी तक स्वामी को कभी भी उन टेप्स का इस्तेमाल करने की ज़रूरत नही पड़ी थी क्यूंकी किसी भी औरत ने उसके खिलाफ कंप्लेंट नही करी. लेकिन एक मामला ऐसा था जब स्वामी ने टेप का यूज़ किया था. हुआ ये की एक बार स्वामी को एक पॉलिटीशियन से काम पड़ा , तो उस काम को करने के बदले में उसने एक औरत को कहा की तुम 2 घंटे के लिए उस मोटी तोंद वाले नेता के पास जाकर उसको खुश कर दो , नहीं तो मैं तुम्हारा टेप तुम्हारे घरवालों को दिखा दूँगा. इस तरह स्वामी ने नेता से अपना काम निकलवा लिया.

उस आश्रम में सभी जवान शादीशुदा औरतें अपनी सास के साथ आती थी और इसी तरह स्वामी उन सब को चोदता था

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