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सहेली के भाई के साथ चुदाई

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  1. दोस्तों ये कहानी मेरी बेस्ट फ्रेंड निशा और मेरी चुदाई की हे। बात उन दिनों की हे जब मेरी फ्रेंड निशा की शादी हुई थी। और वो शादी के बाद अपने मइके में आई हुई थी। यूँ तो निशा की शादी भी हम लोगो के होमटाउन में ही हुई हे जैसे मेरी हुई हे। पर जब वो पहली बार घर आई तो मैंने सोचा क्यूँ ना मैं जाकर निशा से उसके और उसके हसबंड के साथ सेक्स की बातों का मजा लूँ। यही सोचकर मैं निशा के घर के लिए अपनी कार से निकली। मैं निशा के घर पहुंची और कार उसके गेट के सामने खड़ी कर दी।
    मैं उतरी तो देखा की निशा की मम्मी कही बहार जा रही थी। मतो मैं वही गेट पर रुक कर उनके साथ बात करने लगी। हम दोनों बातों में इतने मग्न हो गए की टाइम का ध्यान ही नहीं रहा और आधे घंटे जैसा हो गया। अचानक आँटी को याद आया की वो कही जा रही थी। तो वो मुझे बोली की मैं जल्दी वापस आती हूँ, ये कह के वो चली गई। मैं घर के अन्दर गई और मैंने गेट बंद कर दिया। मैं सीधे ही निशा के कमरे में गई तो निशा वहां पर नहीं थी। मैं घर के अंदर निशा को ढूंढने लगी।
    ढूंढते ढूंढते मैं तीसरे फ्लोर पर गई तो मुझे पीछे वाले कमरे से कुछ आवाज सुनाई दी। मैं समझ गई की निशा ही हे। मैंने झटके से दरवाजा खोला।
    ओह माय गॉड!
    मैंने जो नजारा देखा वो देख कर मैं दंग रह गई। निशा बिलकुल नंगी लेटी हुई थी और उसका छोटा भाई राजू उसकी जोरदार चुदाई कर रहा था। राजू मुझे देख कर चौंक गया। और हडबडाके भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन निशा ने उसको रोका और बोली जाता कहा हे तू चोद ना। निशा के बारे में मुझे पता था की वो भी मेरी तरह ही कई लोगो से चुद्वाती हे। लेकिन वो अपने भाई का भी लेती हे वो मुझे पता नहीं था।
    वो अपने सगे भाई को पकड़ के उसके को वापस चूत में डालने लगी। और ये देख कर मेरी उत्तेजना भी जाग उठी थी। मैं उन दोनों की तरफ खिंची चली गई। और उनके पास पहुँच कर मैंने राजू के को निशा की चूत से निकाला और उसे चूसने लगी। वाह निशा की चूत के रस में भीगा हुआ कितना टेस्टी लग रहा था मुझे, मैं शब्दों में वो सुख की बात बता नहीं सकती हूँ आप को। मैं कस कस कर उसका चूसने लगी। मैं एक बार पकड़ कर निशा की चूत में घुसाती और एक बार अपने मुहं में डाल के चूसती।
    मैंने झट से अपने कपडे उतार दिए और निशा के मुहं में अपनी चूत रख के उसके ऊपर बैठ गई। निशा मेरी चूत चाटने लगी और राजू जबरदस्त चोद रहा था उसे। मैंने अब राजू के होंठो पर होंठो को रख के उसे लिप्स कीस किया। अब निशा उठी और राजू ने मुझे खिंच लिया और पीछे से मेरी चूत में डाल दिया। मेरी चीख निकली, वाह इसका तो बहुत मोटा और मजेदार हे। राजू मुझे जम कर चोद रहा था। अचानक मैं चौंकी क्यूंकि निशा ने अपनी ऊँगली मेरी गाँड में डाल दी थी। वाह आनंद आ गया मेरी दोनों तरफ से चुदाई जो हो रही थी।
    अब राजू ने मेरी गाँड में अपना लँड घुसेडन शरु किया लेकिन इतना मोटा था की मेरी गाँड में जा ही नहीं रहा था। तो निशा ने अपने भाई का मुहं में ले लिया और उसको चूस चूस के गिला कर दिया। फिर उसने को मेरी गाँड के छेद पर लगा दीया। और वो राजू से बोली, अब मार धक्का भाई और फाड़ दे रिंकी की गाँड!
    राजू ने एक ही धक्के में पूरा मेरी गाँड में घुसेड दिया। मैं चीख उठी ऐसा लगा जैसे मेरी गाँड फट गई हो। मेरी आँख से आँसू आने लगे लेकिन राजू नहीं रुका। उसने अपना मेरी गाँड में अन्दर बहार करना शरु कर दिया। मैं जोर जोर से चीख रही थी, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह अह्ह्ह ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह मर गई, अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मारो गाँड मेरी अह्ह्ह अह्ह्ह!
    मेरी चीखों से जैसे राजू को और भी उत्तेजना मिल रही थी। वो निशा से बोला, इसके मुहं को बंद करवा दो बहन।
    तो निशा ने मेरे सामने टाँगे फैला कर मेरे सर को पकड़ लिया। मेरे माथे को उसने अपनी चूत में खिंच लिया। और मैं अपनी सहेली की गरम गरम चूत को चाटने लगी। और इधर उसका भाई राजू मेरी गाँड चोदने में लगा था। अब मेरी गाँड में दर्द होने लगा तो मैंने राजू से बोला मेरी चूत को भी चोदो!
    राजू तो जैसे मेरा आदेश मानने लगा, उसने तुरंत निकाल के मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को चोदने लगा। और मैं फिर से निशा की चूत को चाटने लगी। करीब 15 मिनिट चोदने के बाद राजू बोला, मेरा निकलने वाला हे। तुरंत मैं और निशा उसके के ऊपर झपटे। लेकिन निशा ने पहले अपने मुहं में भर लिया और मैं निराश हुई। लेकिन मैंने उसके बॉल्स मुहं में ले ली।
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