सहेली के बॉयफ्रेंड ने की मेरी पहली चुदाई

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दोस्तो, मेरा नाम रेणु है| मैं राजस्थान में रहती हूँ| मेरी उम्र 28 साल है| मेरा फिगर 34-26-36 का है| मेरी शादी को तीन साल हो चुके हैं, मेरा एक बच्चा है डेढ़ साल का… और पति का खुद का बिजनेंस है| मैंनें दिल्ली से एम बी ए की डिग्री हासिल की हुई है|मेरे पति सेक्स में बहुत अच्छे हैं, मुझे चूत चुदाई का पूरा मजा देते हैं|

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज साईट पर ये मेरी पहली कहानी है|

मेरी पहली चुदाई साढ़े अठारह साल की उम्र में हुई थी| उसके बाद सेक्स मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गया| इसके बाद मैंनें कितनी चुदाई करवाई और कितनों से करवायी, मुझे भी याद नहीं|

दोस्तो, जैसे लड़कों को सेक्स की चुल्ल लगती है, वैसे ही किसी लड़की या औरत को सेक्स की तलब लगती है, कामुकता, चुदास, वासना लड़कियों को भी वैसे ही परेशान करती है जैसे लड़कों को!

यह बात कुछ साल पहले की जयपुर की है| मैंनें कोचिंग के लिए जयपुर के एक इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया था| मेरी एक रूम मेट थी जिस का नाम कोमल था| हम एक घर में एक रूम किराये पर लेकर रहती थी| कोमल पंजाब के किसी छोटे कसबे की थी| हम दोनों जिस घर में किराये पर रहती थी, उसी के साथ वाले घर में कोमल का बॉयफ्रेंड रहता था| कोमल रात को बीयर पीती थी| धीरे धीरे कोमल नें मुझे भी पीना सिखा दिया| रात को सोते वक्त वो मेरे साथ सेक्सी हरकतें करती, मुझ से अपनें बोबे दबवाती, निप्पल चुसवाती थी| वो भी मेरे चूचे दबाती, मेरे निप्पल चूसती, मैं मना करती रह जाती लेकिन वो मुझसे ज्यादा ताकतवर थी तो मैं उसके सामनें हार मान जाती और वो मेरे साथ अपनी मनमानी करके छोड़ती| इस तरह से मुझे भी सेक्स में मजा आनें लगा था और चस्का सा लग गया था|

लेकिन अभी भी हम दोनों चूत तक नहीं पहुंची थी| लेकिन एक दिन मेरी रूममेट के साथ मैंनें एक बार एक खेल खेला| इस खेल में उसनें मुझे हरा दिया| इसके बाद उसनें मुझे नंगी कर दिया| मेरे हाथ बांध दिये और मेरी चूत चूस चूस कर लाल कर दी|
फिर तो इस प्रकार का सिलसिला ही चल पड़ा| रोज रात को हम एक दूसरी को नंगी करती और एक दूसरी के बोबे और चूत चूस चूस कर लाल कर दिया करती|

कोमल अपनें बॉयफ्रेंड से अक्सर चुदाई करती और मुझे उसके और उसके बॉयफ्रेंड की चुदाई की वीडियो दिखाती| तो अब मेरा भी चुदाई का मन करनें लगा था|

एक बार मैं कोमल और उसका बॉयफ्रेंड मणि… हम तीनों डिस्को में गए| वहाँ हमनें ड्रिंक की| डिस्को में बहुत ही भीड़ और बहुत ही अंधेरा था| हम दोनों को नशा और माहौल हावी हो गया था| हम सब डांस कर रहे थे| बीच-बीच में मणि मुझे भी टच कर के मजे ले रहा था, मुझे भी अच्छा लग रहा था तो मैं कोई ऐतराज नहीं कर रही थी|

इसी बीच कोमल टॉयलेट चली गई| फिर तो मणि नें खुल कर ही मेरी गांड पर अच्छे से दबा कर हाथ डाल दिया|
मैंनें थोड़ी शर्म दिखाते हुए उसे ऐसा करनें से मना किया तो वो बोला- क्या यार… हम अच्छे दोस्त हैं और दोस्ती में इतना सब तो चलता है न!

फिर उसी रात को मणि छत से कूद कर हमारी बिल्डिंग में आ गया| हमारे रूम में एक ही डबल बेड था| हम दोनों सहेलियाँ लेस्बियन सेक्स कर रही थी, बीच में मणि आ गया|
हम दोनों पूरी नंगी लेटी थीं||
मैंनें कोमल की ओर घूर कर देखा तो कोमल मुझसे बोली- यार, कुछ देर के बाद मणि चला जाएगा|

मणि बिस्तर पर बैठ गया| अब हालात यह थे कि मैं कोमल और मणि वासना भरी निगाहों से एक दूसरे को देख रहे थे| मैं और कोमल बिस्तर की चादर में नंगी थीं|
मणि को पता चल गया कि हम दोनों नंगी हैं| मणि नें बिस्तर में कोमल की तरफ आकर उसकी गांड चौड़ी कर चूत चाटनें लगा|
अब हालात ऐसे थे कि हम तीनों ही नंगे थे| कोमल मुझे लेस्बियन का मजा दे रही थी और पीछे से मणि नें कोमल की चूत चूस चूस कर लाल कर दी और फिर उसनें पीछे से ही उसकी चूत में लंड पेल दिया और चूत चोद चोद कर चौड़ी कर दी|
सुबह मणि चला गया|

अब तो अक्सर मणि आता और कोमल की चूत मारता| साथ में मणि मुझे भी टच करके मजे से चूत गांड के मजे लेता|
दो दिन बाद कोमल को पंजाब जाना पड़ा| मणि को पता चल गया कि मैं अकेली हूं|
मणि नें मुझे कहा- चल यार, आज डिस्को चलते हैं|

मन तो था मेरा भी डिस्को जानें का लेकिन मैंनें मना कर दिया|
रात को मणि छत से कूद कर हमारी बिल्डिंग में आ गया| वो साथ में बीयर ले आया| मैंनें शॉर्ट्स और टीशर्ट पहनी थी| हम दोनों दो दोस्तों की तरह बैठ कर बीयर पीनें लगे| धीरे धीरे बीयर मुझ पर हावी हो गई| फिर तो मणि खुल कर किस मांगनें लगा| मैंनें उसको मना किया तो वो बोला कि हम अच्छे दोस्त हैं और दोस्ती में सब चलता है|

मणि बिस्तर पर मेरे पास आकर बैठ गया और उसनें मेरे हाथ पकड़ कर कहा कि हम दोनों दोस्त की तरह रहेंगे|

हम दोनों नें एक बीयर और पी ली| उसकी जींस पर बीयर गिर गई थी, या उसनें जानबूझ कर गिरा ली थी, मणि नें जींस गीली होनें के बहानें से उतार दी|

मणि फिर से एक किस मांगनें लगा, मैंनें मना कर दिया और करवट बदल कर लेट गई|
अचानक मणि पीछे से मुझसे चिपक गया| मणि का लंड मुझे मेरे चूतड़ों की दरार पर चुभनें लगा| मणि नें मुझे पीछे से पकड़ कर मेरी करवट बदल दी और मेरे होंठ चूसनें लगा|
मैंनें मना किया तो वो बोला कि हम सेक्स नहीं करेंगे| सिर्फ किस करेंगे|

फिर हमनें बहुत देर तक लगातार एक दूसरे के होंठ चूसे| मणि मुझे उल्टा लिटा कर मेरी कमर पर किस करनें लगा| वो अपना लंड मेरी चूतड़ की दरार पर घिसनें लगा| मेरी कामुकता मेरे दिलो दिमाग पर हावी होनें लगी, मैंनें भी अपनें चूतड़ ऊपर नीचे करनें शुरू कर दिए|

मणि नें मेरा टॉप उतार दिया और मेरे मम्मों को चूसनें लगा| थोड़ी देर बाद मणि नें मेरे शॉर्ट्स को खोल कर उतार दिया और फिर मेरी पैंटी भी उतार दी, वो मेरी चूत में उंगली डालनें लगा तो मैंनें उसे ऐसा करनें से रोका तो वो बोला- यार रेणु, अभी चूत की किस बाकी है|
वो इतना कह कर मेरी चूत पर चुम्बन करनें लगा और देखेते ही देखते उसनें अपनी जिह्ह मेरी चूत की दरार में घुसा दी और उसे चाटनें, चूसनें लगा| मणि नें मेरी चूत चाट चाट कर, चूस चूस कर मुझे पागल कर दिया| अब मेरा भी चुदाई का मन करनें लगा था कि मणि नें अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ा दिया|

मैं अपनें आप ही उसका लंड चूसनें लगी| मणि मेरे मुँह को चोदनें लगा| मणि नें कहा- रेणु, तू अपनी चूत के ऊपर लंड रगड़वा कर देख, तुझे मजा आएगा|

मणि नें मेरी दोनों टांगें चौड़ी करवा दीं और मेरे ऊपर आ कर लेट गया और मेरी कुंवारी चूत पर अपना लंड रगड़नें लगा| मणि तो जैसे मुझे पागल कर रहा था| तभी मणि मेरे होंठ चूसनें लगा और अपना लंड हाथ से मेरी चूत के छेद पर पर अच्छे से लगा कर जोर से एक झटका दिया|
उसका लंड मेरी बंद चूत में घुसनें लगा और मेरी चीख निकल गई- उई माह… मर गई मैं… हटो…

मणि नें मुझे कस के पकड़ रखा था और मैं हिल भी नहीं पाई| मणि नें अपना लंड धीरे धीरे मेरी चूत में डाल ही दिया मैं दर्द के मारे तड़पती रही, मचलती रही, बिलखती रही लेकिन उस बेदर्दी को मेरे ऊपर ज़रा भी दया नहीं आई, वो मेरी चूत की सील तोड़ कर अपना लंबा लंड मेरी चूत में पूरा घुसा कर ही माना|

इसके बाद मणि धीरे धीरे लंड मेरी चूत के अन्दर बाहर करनें लगा| कुछ देर बाद मुझे भी थोड़ा थोड़ा मजा आनें लगा|
कुछ मिनट तक ऊपर से मेरी चूत चुदाई करनें के बाद उसनें मुझे कुतिया स्टाइल में खड़ा होनें को कहा और मेरे पीछे आकर कर के मेरे दोनों चूतड़ चौड़े करके अपना लंड मेरी चूत में घुसा दिया और जोर जोर से चोदनें लगा| अब मुझे फिर से दर्द होनें लगा था, उम्म्ह… अहह… हय… याह… उसका लंड अब ज्यादा अंदर तक जा रहा था| मैंनें उसे रोकना चाहा लेकिन उसनें मेरी चुदाई नहीं रोकी|

थोड़ी देर बाद उसनें अपनी चुदाई की स्पीड एकदम बढ़ा दी और वो मेरी चूत में ही झड़ गया| वो हांफता हुआ मेरे पीछे से हटा और बिस्तर पर गिर गया| मैं भी सीधी होकर उसकी बगल में लेट गई|

जब उसकी साँसें कुछ धीमी हुई तो मणि बोला कि आज उसे भी बहुत ही मजा आया|
मैंनें जवाब दिया- तुम्हें तो मजा आया पर मेरा क्या, मेरी तो जान निकल गई थी एक बार तो… मेरी तो फट गई ना…
वो बोला- ये दर्द तो एक ना एक दिन होना ही था… आज हो गया तो अब आगे दोबारा तो नहीं होगा| अब तो रास्ता खुल गया… जितनी मर्जी मौज करो!

मैंनें उससे पूछा कि कोमल को क्या बोलेंगे| अगर उसे पता लगा तो वो नाराज होगी?
मणि बोला- हम उसे कुछ नहीं बताएँगे… हम दोनों दोस्त हैं बस| और अगर पता भी लग गया उसे तो वो नाराज नहीं होगी, वैसे भी कोमल नें मुझे तुम्हारे बहुत मजे दिलवाए हैं|
मैंनें पूछा- कैसे?

मणि नें मुझे बताया कि जब तुम दोनों ड्रिंक करके नंगी होतीं और मैं कोमल की चूत मारता था और वो तुम्हारी चूत में उंगली डालती थी| मम्मों को दबाती थी साथ में मेरी उंगली भी तुम्हारी चूत में डलवाती थी| मैं भी पीछे से हाथ आगे लाकर तुम्हारे मम्मे दबा दबा कर मजा लेता था|

तभी मुझे ध्यान आया कि मणि में कंडोम तो लगाया ही नहीं था, मैं एकदम से घबरा गई और रोनें को हो गई, मैंनें मणि को डांटना शुरू कर दिया|
उसनें मुझसे कहा- अभी जाकर चूत को धो लो, कल मैं तुम्हें गोली ला दूंगा, बस एक गोली खा लेना और सारा डर खत्म|
यह बात सुन कर मुझे कुछ तसल्ली हुई, मेरी जान में जान ई| मैं एक दम से उठी, पहले तौलिया लाकर अपनी चूत साफ़ की, फिर बाथरूम में जाकर साबुन और पानी से अपनी चूत रगड़ रगड़ कर धोई| लेकिन चूत में साबुन लगानें से उसमे जलन हो रही थी और हाथ लगानें से दर्द हो रहा था| मेरी चूत की तो शेप ही बदल गई थी|

उस पूरी रात मणि मेरे कमरे में ही रहा और उस नें मुझे पीछे से पकड़ कर, कुतिया बना कर तीन बार चुदाई का खेल खेला|

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