मौसेरे भाई

Antarvasna, hindi sex story,sex kahaniहाय, मेरा नाम निर्माण है। मेरी इस साइट पर पहली और रियल सेक्स की गंदी कहानी है।बात पिछले साल की है, मेरी मम्मी मेरी मौसी की लड़की काजल को गाँव से लेकर आई थी, उनके घरेलू काम की हेल्प के लिये पहले तो वो इतनी सुन्दर नहीं थी लेकिन 2 महीने शहर में और घर के अंदर रहने से वो गोरी और सुन्दर हो गयी थी शुरू में तो मैंने उस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन 2 महीने बाद जब वो सुन्दर दिखने लगी तो मेरा ध्यान उस पर गया. लेकिन फिर भी मेरे मन में सेक्स की उतनी फीलिंग्स नहीं आई थी उसके लिये.
लेकिन 15 अगस्त को जब हम शाम को कार से घूमने निकले, तब ऐसा कुछ हो गया जिससे में और वो एक दूसरे की तरफ आकर्षित हो गये. हुआ यह कि पीछे की सीट पर लेफ्ट विंडो पर मेरे पापा फिर मैं और मम्मी और राइट विंडो पर काजल बैठी थी कार मेरे चाचा ड्राइव कर रहे थे और उनके बगल में दूसरा चाचा और मेरा भाई बैठा था.
तो मैं इस तरह से बैठा था कि मेरा राइट हैण्ड सीट के ऊपर से जाकर काजल के सिर के पीछे रखा हुआ था, मेरी उंगलियां उसके कान के पीछे टच हो रही थी और यह जगह लड़कियों को गर्म करने के लिये बहुत ही अच्छी है लेकिन शुरू में मैंने ध्यान नहीं दिया. फिर जब मुझे एहसास हुआ कि मेरा हाथ उसके कान के पीछे टच हो रहा है तो मैंने सोचा कि ये तो बहुत देर से ऐसे ही रखा हुआ है तो इसने (काजल) कुछ किया क्यों नहीं… जैसे सिर आगे की तरफ करना या साइड में होना आदि!
अब मेरा ध्यान केवल काजल पर था कि वो क्या कर रही है. मैंने देखा कि वो जानबूझ कर मेरे हाथ से अपना सिर नहीं हटा रही थी. तब मैंने सोचा कि क्यों ना इसको गर्म किया जाये तो मैंने बहुत हिम्मत करके हल्के से अपनी उंगलियों से उसके कान के जस्ट पीछे सहलाया, इससे वो और रिलेक्स हो कर पीछे सीट पर सहारा लगा कर मेरी उंगलियों पर अपने सिर का बल दे कर बैठ गयी.
इससे मुझे यकीन हो गया कि ये मजा ले रही है जिससे मेरी भी हिम्मत बढ़ गयी और मैं उसे सहला कर गर्म करने लगा. अब मैं उसके कान के पीछे के पूरे हिस्से पर गर्दन पर और गाल पर सहलाने लगा अब क्योंकि ये सब पीछे की साइड हो रहा था और बहुत धीरे हो रहा था तो किसी को कुछ पता भी नहीं था. मैं उसे कभी गर्दन पर सहलाता, कभी कान के नीचे सहलाता, इस तरह से हम दोनों ही बहुत ज़्यादा ही गर्म हो चुके थे.यह मैं 1 घंटे से भी ज्यादा समय तक करता रहा और फिर हम डिनर करके रात में 11.30 बजे पर घर वापस आ गये.
अब हम सोने की तैयारी करने लगे. मैं मेरी मम्मी और काजल एक ही कमरे में सोते थे, हम डबल बेड पर सोते थे और मेरे और काजल के बीच में मम्मी सोती थी लेकिन अभी तक मेरी और काजल की कोई बात नहीं हुई थी.
हम केवल एक दूसरे को देख ही रहे थे और मुस्कुरा रहे थे इससे मैं समझ गया कि यार आज तो कुछ हो सकता है.हम सब लेट गये और मैं सब के सोने का इंतज़ार करने लगा. रात में करीब 2 बजे मैंने मम्मी को हिला के चेक किया कि मम्मी सोई या नहीं… मम्मी उस समय गहरी नींद में थी. तब मैं धीरे से उठा और काजल के पास गया तो देखा कि वो सीधी लेट कर सो रही है तो मैंने फिर से उसके कान के पीछे सहलाना शुरू करना ही बेहतर समझा, मैंने उसके कान के पीछे से उसके बाल हटा कर धीरे से सहलाना शुरू किया तो उसने कोई हलचल नहीं की, मुझे लगा कि वो सो रही है.
पहले तो मैंने हाथ से सहलाया और फिर मैंने जीभ से टच किया मेरे टच करते ही उसे एक करंट लगा और वो हल्की सी हिली मैं समझ गया कि वो जाग रही है.
फिर मैं अपनी जीभ और होंठों से कभी उसके कान के पीछे तो कभी गर्दन पर और गालों पर जीभ से सहलाता जिससे उसकी धड़कन और सांसें बढ़ती जा रही थी जो मुझे महसूस हो रही थी. फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये जिससे वो हिल गयी, उसकी आँखें खुल गयी और मेरी आँखों से मिल गयी.उसे किस करना आता नहीं था तो मैं जैसे जैसे करता, वो भी वैसा ही करती. मैं अपनी जीभ उसके मुँह के अंदर डालता और उसकी जुबान को टच करता और उसके होंठों को अपने दांतों से काटता.
मैं धीरे धीरे अपना हाथ उसकी चूची पर ले गया और उसे दबाने लगा. उसकी चूचियां ज़्यादा तो नहीं लेकिन हाँ मतलब भर की थी जो मेरे हाथ में आ रही थी और अब मैं उन्हें धीरे धीरे दबाता और उसे फ्रेंच किस भी करता जाता.
अब मैं धीरे से उसके ऊपर लेट गया और मेरा तना हुआ 6 इंच का लंड उसकी चूत के ऊपर आ गया जो उसे फील हो रहा होगा. उसके मुँह से सी…सी… की आवाज़ आने लगी लेकिन मैं उसे किस कर रहा था तो उससे आवाज़ नहीं आ रही थी. उसने मुझे अपनी बांहों में जकड़ लिया और मेरी पीठ पर और सिर पर हाथ फेरने लगी, इसका मतलब था कि अब उसको भी मस्ती चढ़ने लगी थी. उसने चेन वाला टॉप पहन रखा था जो नीचे तक खुलता था और टॉप के नीचे कुछ भी नहीं पहन रखा था शायद जानबूझ कर!
तो मैंने उसकी चेन खोल दी और उसकी चूची को हल्के से उजाले (नाइट बल्ब) में देखने का मजा ही कुछ अलग था. उसका निप्पल भी एकदम हार्ड और एक सेंटीमीटर का हो चुका था, चूची देखते ही मैंने उसे चाटना शुरू कर दिया, उसका निप्पल चूसने लगा जिससे उसका निप्पल और बड़ा हो गया और उसकी पकड़ और टाइट हो गयी.
अब मैं कभी उसकी चूची चाटता तो कभी निप्पल पर जुबान फेरता, इससे उसकी आवाज़ बढ़ती जा रही थी तो मैंने अपने एक हाथ से उसका मुँह बंद किया. अब वो भी इतने जोश में आ गयी कि उसने मेरा लंड पकड़ लिया मेरी शॉर्ट्स में हाथ डाल कर… उसे हिलाने लगी.
हम इस समय पूरे जोश में थे कि अचानक मम्मी ने अंगड़ाई ली, इससे हम दोनों की तो गांड ही फट गयी और हम जल्दी से अलग हुये और मैं अपनी जगह पर लेट गया.
अभी लेटे हुये 5 मिनट ही हुये होंगे कि मम्मी उठी और बाथरूम चली गयी हमने एक दूसरे की तरफ देखा और मैंने धीरे से कहा- बच गये, वरना आज तो गये थे!और फिर हमें कब नींद आ गयी, हमें पता ही नहीं चला.
सुबह जब मैं उठा तो 9.30 बज रहे थे और सभी लोग कहीं जाने के लिये तैयार हो रहे थे तो मैंने मम्मी से पूछा- आप लोग कहाँ जा रहे हो?तो उन्होंने कहा- हम ताऊ जी के यहाँ जा रहे हैं, उनके यहा कथा है.और मुझसे कहा- तुम काजल को बाइक से ले आना!इस पर मैं मन ही मन खुश हो गया कि चलो अब मुझे कुछ देर अकेले में काजल के साथ टाइम बिताने का मौका मिलेगा.
मैंने पूछा- काजल है कहाँ?मम्मी ने कहा- वो नहा रही है!और फिर मम्मी पापा चले गये और चाचा लोग भी ऑफिस जा चुके थे. फिर मैं जल्दी से फ्रेश होने चला गया ताकि हमें टाइम ज़्यादा मिल सके. हमारे घर में 2 फ्लोर हैं तो काजल नीचे के बाथरूम में नहा रही थी और मैं ऊपर के बाथरूम में चला गया.मैं तो जल्दी ही निकल आया था.
तब तक काजल भी निकल आई थी, उसने पिला और सफ़ेद मिक्स कलर का सूट पहना हुआ था और आज उसने बाल भी धोये थे. गीले बालों में और उस सूट में वो और भी सुन्दर लग रही थी.मैं गया और झट से उसे पीछे से पकड़ लिया तो वो पहले तो डर गयी, फिर जब उसने मुझे देखा तो मुस्कुरा दी. मैंने उससे कहा- आज तुम बहुत ही खूबसूरत लग रही हो!
और फ्रेंड्स, आप जानते ही हैं कि लेडीज की कमज़ोरी उनकी ब्यूटी की तारीफ होती है. तो वो मुस्कुराई और कहा- सच में?मैंने कहा- हाँ, सच्ची में!और फिर मैं अपने होंठ उसके कान के पीछे गर्दन पर फेरने लगा और चूमने लगा जिससे उसकी आँखें बंद होने लगी और धड़कनें बढ़ने लगी.
फिर मैंने अपना हाथ धीरे से उसकी चूची पर रखा और धीरे धीरे दबाने लगा. उसकी चूची थोड़ी हार्ड थी और निप्पल भी अब खड़ा होने लगा था. फिर मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया तो उसकी नज़र नीचे की ओर थी, उसके होंठ बिल्कुल गुलाबी रंग के थे, मैंने धीरे से उन पर अपने होंठ रखे तो उसने भी मुझे रेस्पोन्स दिया और वो मेरे होंठ चूसने लगी.मैं उसका नीचे का होंठ चूस रहा था और वो मेरा ऊपर का होंठ चूस रही थी. क्या बताऊँ फेंड्स कि कितना मजा आ रहा था. मैं कभी उसके होंठ चूसता तो कभी उसकी जीभ… इतना मजा मुझे जिंदगी में कभी नहीं आया था.
करीब 15 मिनट तक किस करने के बाद मैंने उसको उठाया और बेड पर लेटा दिया, फिर उसे क़िस करने लगा, फिर किस करते हुये मैंने उसका कुर्ता उतारा.वाओ… क्या चूचियां थी उसकी… दिन के उजाले में मैंने ब्रा के अंदर चूचियां पहली बार देखी थी और फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी. उसका पिंक कलर का 1 सेंटीमीटर का निप्पल खड़ा हुआ निप्पल देख कर तो मैं पागल हो गया और मुँह में लेकर उसे चूसने लगा.
इससे वो भी जोश में आ गयी और आहह आहह की आवाज़ें निकालने लगी. अब हमें किसी का डर नहीं था चाहे हम कितनी भी आवाज़ें निकालें क्योंकि घर पर तो कोई था नहीं!अब मैं उठा और उसकी सलवार का नाड़ा खोला और उसे उतार दिया. वाओ… क्या जांघें थी उसकी… एकदम गोरी. चिकनी. भरी हुई!
मैं तो उसकी जांघें ही चाटने लगा, इससे वो और भी गर्म हो गयी और मेरा सिर कस के पकड़ लिया. मैं धीरे धीरे जांघों से किस करता हुआ उसकी चूत तक पहुँचा, उसकी चूत की खुशबू इतनी मादक थी कि क्या कहना! मैंने जैसे ही अपनी नाक उसकी चूत पर टच की तो उसके मुँह से ज़ोर से आअहह की आवाज़ निकल पड़ी. उसकी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी मैंने अपनी जीभ निकाली और उसके चूत रस को चाटने लगा पेंटी के ऊपर से… इससे वो आउट ऑफ कंट्रोल हो गयी और कहने लगी- रवि प्लीज सताओ नहीं, बस अब डाल दो!
फिर मैंने कहा- इतनी जल्दी कहाँ, अभी तो शुरुआत है.उसने कहा- हमें पूजा में भी जाना है, टाइम कम है हमारे पास!तो मैंने कहा- वो बाद में देखा जायेगा.
मैं फिर से शुरू हो गया, मैंने उसकी पेंटी भी निकाल दी. वाओ… क्या चूत थी उसकी एकदम गोरी, हल्की हल्की झांटें और लिप्स के अंदर गुलाबी… वाह पहली बार मैंने अपनी लाइफ में चूत देखी थी, मैं तो पागल ही हो गया और झट से उसे मुँह में ले लिया और चूसने लगा.ऐसा करते ही काजल के मुँह से ज़ोर से आहह की आवाज़ आई और फिर वो लगातार तेज तेज आवाज़ें निकालती ही रही और साथ में कहती भी रहती- चूसो… और चूसो मेरी चूत को!उसके चूत रस का तो जवाब ही नहीं था, मैं अपनी जीभ से उसकी चूत को कभी नीचे से ऊपर और कभी अंदर तक चाटता और वो भी मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाती और कमर उठा उठा कर मेरा साथ देती.
अब वो पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और मेरे लंड का तो हाल ही बुरा था, अंडरवीयर में वो तन कर एकदम अकड़ चुका था, मेरी अंडरवीयर और मेरा लंड भी मेरे प्रि-कम से गीली हो चुका था. फिर मैंने अब उसे अपनी जीभ से चाटना शुरू किया, मैं अपनी जुबान निकाल कर उसे चोद रहा था, इससे वो अपनी कमर उठा उठा कर चुदवाने लगी और कहने लगी- बस अब नहीं रुका जाता, अब प्लीज चोद दो मुझे!मैं खड़ा हुआ, मैंने उसे इशारे से कहा- तुम मेरी अंडरवीयर उतारो!तो उसने झट से मेरी अंडरवीयर उतार दी और मेरा 6 इंच का लंड बाहर निकल आया जिसे उसने झट से पकड़ लिया और कहने लगी- आज मैंने पहली बार लंड देखा है. इतना बड़ा लंड मेरे अंदर कैसे जायेगा?तो मैंने कहा- कुछ नहीं होगा.
मैंने उसे लेटाया और एक तकिया उसकी क्मर के नीचे लगाया और मैंने थोड़ा उसका चूत रस लिया, उसे लंड के उपरी हिस्से पर 3 इंच तक लगाया ताकि लंड आसानी से चूत में जा सके और फिर मैंने अपना लंड जैसे ही उसकी चूत पर रखा उसके मुँह से हह्ह्ह्ह की आवाज़ निकल आई.
मैंने धीरे से अपना लंड आगे की तरफ किया तो उसको थोड़ा सा दर्द हुआ. मैंने पूछा- दर्द हो रहा है?तो उसने कहा- हाँ! लेकिन थोड़ा सा!तो मैंने फिर से जोर लगाया लेकिन थोड़ा तेज़… तो मेरा इस बार लंड का टोपा अंदर चला गया, तब उसे दर्द हुआ और उसकी आहह की आवाज़ निकली तो मैंने कहा- बस थोड़ा सा!और फिर मैंने एक तेज़ झटका मारा, इससे उसकी दर्द भरी चीख निकली तो मैं रुक गया और उसे किस करने लगा और उसकी चूची दबाने लगा.
2 मिनट तक ऐसा करने के बाद वो रिलेक्स हुई तो मैंने अपना लंड हिलाना शुरू किया. मेरे ऐसा करने से उसे भी मजा आने लगा. मेरा 3 इंच ही लंड गया था लेकिन उसकी चूत ने लंड को एकदम जकड़ रखा था, इतना मजा आ रहा था कि क्या बताऊँ.
जब उसे मजा आने लगा तो मैंने एक और ज़ोर का झटका मारा और इस बार पूरा लंड अंदर चला गया और फिर मुझे कुछ गर्म सा महसूस हुआ मुझे लग गया कि इसकी सील टूट गयी है और खून निकल रहा है. मैंने झटका मारने से पहले उसके मुँह पर हाथ रख दिया था जिससे उसकी चीख की आवाज़ दब गयी लेकिन उसकी आँखों से आँसू गिरने लगे तो मैंने अपना हाथ हटा दिया तो वो कहने लगी- प्लीज इसे निकालो, बहुत दर्द हो रहा है.तो मैंने उससे कहा- थोड़ी देर ही दर्द होगा, फिर मजा आयेगा!और उसे किस करने लगा और उसकी चूची चूसने लगा.
इससे उसे आराम मिला और 2 मिनट के बाद मैंने लंड को हिलाया लेकिन मेरा लंड बहुत ही मुश्किल से हिल पा रहा था क्योंकि उसकी चूत ने लंड को पूरा जकड़ रखा था, उसकी चूत के अंदर एक भट्टी जितना गर्म था. मैंने धीरे धीरे लंड हिलाना शुरू किया, इससे उसको भी मजा आने लगा और फिर जब लंड आसानी से अंदर बाहर होने लगा तो हम दोनों को इतना मजा आने लगा कि जैसे हमको स्वर्ग मिल गया हो.जब लंड अंदर बाहर होता तो चप चप की आवाज़ होती, मैं उसकी चूत मारते समय कभी उसके होंठों को चूसता तो कभी बूब्स चूसता. मेरा लंड सटासट अंदर बाहर हो रहा था और हम दोनों ही आहह की आवाज़ें निकल रही थी, वो भी मेरा कमर उठा उठा कर साथ दे रही थी.
उसने अपनी दोनों टाँगों से मेरी कमर पकड़ ली और कह रही थी- मुझे चोदो… और चोदो… उम्म्ह… अहह… हय… याह… और अंदर तक डालो!अब मेरा लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था, छप छप की आवाज़ से पूरा कमरा गूँज रहा था. फिर हम दोनों ही क्लाइमेक्स पर पहुँच गये तो उसने कहा- मुझे कुछ हो रहा है, जैसे कुछ छूटने वाला है अंदर से!तो मैंने कहा- हाँ, मुझे भी कुछ ऐसा ही लग रहा है.
अब हम दोनों की स्पीड और भी बढ़ गयी, मैं जब लंड उसकी चूत के अंदर डालता तो वो भी कमर ऊपर उठाती जिससे लंड पूरा अंदर तक जा रहा था और फिर उसकी आवाज़ आई कि मैं छूटने वाली हूँ…और वो आहह की आवाज़ के साथ झड़ गयी और फिर कुछ सेकेंड के बाद मैं भी झड़ गया और मेरे मुँह से भी एक ज़ोर की आहह निकली और फिर मैं उसके ऊपर गिर पड़ा.
हम दोनों ही बहुत थक चुके थे. और अब हमें याद आया कि हमें ताऊ जी के यहां जाना है तो हम फिर बाथरूम में गये और फिर दोनों ही साथ नहाये और फिर हमने अनार का जूस पिया ताकि हम में ताक़त आ सके वहाँ जाने की!
फिर हम तैयार होकर निकल पड़े.

लोग अभी ये कहानियाँ पढ़ रहे हैं

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *