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मैडम ने जॉब देकर चूत चटवाई

हाय दोस्तो, मैं अनिकेत हूँ और आपका नया दोस्त भी. यहाँ कुछ हिंदी सेक्सी कहानियां पढ़ने के बाद लगा कि मुझे भी अपने साथ घटे पूर्व के बारे में कुछ शेयर करना चाहिए. मेरी कहानी शत प्रतिशत असली है, इसलिए आप इसे शान्त होकर पढ़िएगा.

मैं पुणे में रहता हूँ और अभी सेकेंड ईयर में हूँ, उसी के साथ मसाज पार्लर में भी जॉब किया था, ताकि पढ़ाई के लिए थोड़े पैसे मिल जाएं.

यह सेक्सी कहानी अभी कुछ महीने पहले की ही है. मैंने काफी जगह अपने रेज़्यूमे दिए थे, जिस वजह से मुझे कुछ दिन बाद एक मधुरा नाम की लड़की ने फोन किया. उन्होंने कहा कि उन्होंने मेरी रेज़्यूमे देखी है और मैं उनकी जरूरत के लिए सही हूँ. वो मेरी फोटो देखना चाहती हैं.

मैंने उसी वक्त अपनी फोटो उन्हें भेज दी. उन्होंने मेरी फोटो देखी और कॉल किया. उन्होंने कहा कि वो आज ही मेरा नेट पर से इंटरव्यू लेंगी.
इंटरव्यू हुआ और इसमें उन्होंने मुझसे पर्सनल सवाल ज्यादा पूछे औऱ फिर उन्होंने अपने बारे में भी बताना स्टार्ट किया. उनकी फैमिली अमीर घर से है, पति लन्दन में रहते हैं और उनकी हेल्प के लिए मधुरा इंटरव्यू लेती हैं. पर उन्होंने मुझे कभी ये नहीं बताया कि मुझे काम क्या करना है.

फाइनली वे मुझे काम पे रखने के लिये रेडी हुई और उन्होंने मुझे मिलने के लिए उनके ही घर में बुलाया.
मैं टाइम पर वहाँ पहुँच गया.
मैं जब उनके घर पहुँच गया तो उस वक्त वो आराम कर रही थीं. पहले तो मैंने उन्हें सिर्फ इंटरनेट पर वीडियो कॉलिंग करते समय देखा था, पर अब सामने देख कर काफी खुशी हुई थी. वो दिखने में बहुत गोरी थीं.
उनका बंगला भी काफी बड़ा था, वहाँ जाने के बाद वो भी मुझे देख कर काफी खुश हुईं. मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि इतने कम समय में जान पहचान में ही उन्होंने मुझे टाइटली हग कर लिया.
मुझे हग करते वक्त उनके चूचे ज़रा ज्यादा जोर से दब गए, उनको ये फील हुआ.. पर वो कुछ नहीं बोलीं, बस एक हल्की सी स्माइल दे दी.
फिर हम बातें करने लगे. बातें ख़त्म होने पर वे लैपटॉप ले आईं.

उनका प्लान शायद पहले से ही सैट था कि मेरे सामने कोई अडल्ट वीडियो लगाया जाए, जिससे मैं उनकी तरफ़ अट्रेक्ट हो जाऊँ. पर मेरा ध्यान अब लैपटॉप पर नहीं बल्कि उनके इरादे पर था, क्योंकि वो जॉब का तो नाम भी नहीं ले रही थीं.
फिर ऐसे ही वीडियो देखते वक्त उनके शादी की वीडियो आई, तो मैं उनसे पूछने लगा- आपकी शादी कब हुई और आपके बच्चे किधर हैं?
इस सवाल से मधुरा का थोड़ा मूड खराब हुआ और वो बोलने लगीं कि उनके पति मुझसे प्यार नहीं करते, वो बस अपने जॉब और पैसों से प्यार करते हैं. उनको बच्चों से काफी नफरत है, इसलिये वो मुझसे भी दूर ही रहते हैं. साल में सिर्फ एक ही बार आते हैं.

इसी तरह की बातों में मालूम हुआ कि मधुरा उनसे सेटिस्फाइड नहीं होती हैं.
मधुरा ने ये सब बताते हुए रोना स्टार्ट कर दिया.
अब तो मुझे भी उनके बारे में सोच कर थोड़ा दुख भी हुआ क्योंकि मधुरा सेक्स के लिये काफी दुखी दिख रही थीं.

मैं उन्हें खूब प्यार से समझाने लगा कि जीवन में धैर्य बड़ी बात होती है. अभी मैं उन्हें ये सब समझा ही रहा था कि वो अचानक मेरे गले लग गईं और कहने लगीं कि अब मैं क्या करूँ, तुम ही बताओ?
वो यह कहते हुए रोने लगीं. तब मुझे थोड़ा सा दुःख हुआ. मैंने अपना हाथ उनके कंधे पर रखा और दूसरा हाथ सर पर फेरने लगा. मैंने मधुरा से कहा कि मैं आपकी मदद करने के लिये ही यहाँ आया हूँ और अब तो हम फ्रेंड्स हैं, सो डोंट वरी.. आय एम हियर फॉर युवर हेल्प.

ये सब सुन कर वो रोते रोते स्माइल करने लगीं. पर इस बार वो थोड़ी खुश लग रही थीं.
मैंने उनसे कहा- चलो हम दोनों इसका सोल्यूशन निकालते हैं.
यह सुन कर वे काफी खुश हुईं और फ़िर मुझसे कहने लगीं कि वैसे तो मैं ज्यादा लोगों से बातें नहीं करती, मगर तुम अच्छी तरह समझा रहे हो, इससे मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है.

यह सुन कर मैंने उनको हल्की सी स्माइल दी. मैं समझ गया था कि वे जॉब के बहाने खुद को सेटिस्फाइड करवाना चाहती हैं.
मैंने फ़िर से कह दिया- आप तो मेरी नयी फ्रेंड हो, इसलिए मैं आपकी कोई भी हेल्प कर सकता हूँ.

यह सुनते ही उन्होंने मुझे फ़िर से पकड़ लिया और मुझे स्माइल देते हुए किस करने लगीं. मेरे लिए तो ये सब पहली बार था. वो बीच में किस करते हुई रुक गईं और कहा कि ये तुम्हारा फर्स्ट टाइम है ना?
मैंने ‘हाँ’ में सिर हिलाया.
उन्होंने कहा- चलो, मैं तुम्हें सिखाती हूँ कि कैसे डीप किस करते हैं.

हमने किस करना स्टार्ट कर दिया. उन्होंने किस करते वक्त अपनी पूरी जीभ मेरे मुँह में डाल दी. मैं भी उनकी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. उन्होंने मुझे डीप किस करना बड़े अच्छे से सिखाया. तभी उन्होंने मेरा एक हाथ अपने मम्मों पर रख दिया, मैं भी जोश में आकर उनके मम्मों को दबाने लगा. उनके कड़क हो चुके निप्पल को हाथ से पकड़ कर मसलने लगा.

मेरा दूसरा हाथ उन्होंने अपनी कमर पर रख दिया. फ़िर मैं दोनों हाथों से उनके मम्मों को जोर जोर से दबाने लगा. उस वक्त मेरा किस भी चालू था. मैंने उन्हें करीब दस मिनट तक लगातार किस किया, उसमें मुझे काफी मजा आया. मैं बता नहीं सकता कि मुझे कैसा लग रहा था, मैं मानो सपना देख रहा था.

काफी देर तक चूमाचाटी करने के बाद वो मेरे कपड़े निकालने लगीं और खुद के कपड़े तो उन्होंने फाड़ ही डाले.

अब तो मधुरा जी सेक्स के लिए पागल हुए जा रही थीं. हम दोनों सिर्फ इनर गारमेंट में ही रह गए थे. मैं उन्हें सोफा पर से उठा कर बेडरूम में ले गया और बेड पर लिटा दिया. बेड पर लेटते ही उन्होंने अपनी पेंटी उतार दी. मैं उन्हें एकटक देखता ही रह गया.
उन्होंने मुझे आँख मार कर कहा- अब सिर्फ देखोगे या करोगे भी.

उनकी चूत पूरी सफाचट थी, जैसे आज के ही प्रोग्राम के लिए ये सब किया हो.
मैंने मस्ती से उनकी चूत को देखा और अपनी दो फिंगर उनकी चूत में डाल कर काफ़ी स्पीड में अन्दर बाहर करने लगा. वो काफी मजे से फिंगर फक एन्जॉय कर रही थीं. वो कुछ मिनट में ही झड़ गईं.
मेरे ऐसे करने से वो काफी गर्म हो चुकी थीं और जोर जोर से आवाजें निकाल रही थीं. उनकी कामुक आवाजों को सुनकर मुझे काफ़ी जोश आ गया था.

तभी उन्होंने मेरे बालों को पकड़ा और अपनी जांघों के बीच अपनी चूत के यहाँ जोर से दबाने लगी. मुझे थोड़ा गिल्टी फील हुआ लेकिन काफी मजा भी आ रहा था. अब वो इतनी गर्म हो चुकी थी कि खुद बर्दाश्त नहीं कर सकती थीं.
वो मुझे बोलने लगीं- प्लीज़ अनिकेत अन्दर डाल दो… मैं 4 सालों से प्यासी हूँ.

मुझे उनके ऊपर दया आ रही थी और मजा भी आ रहा था. मुझे मालूम था कि औरत को जितना तड़पाओगे, उतना ज्यादा मजा आता है.
फ़िर मैंने अपना लंड उनकी चूत के अन्दर डालने की कोशिश की, मगर नहीं गया क्योंकि मेरा लंड कुछ ज्यादा मोटा और लम्बा है.
उन्होंने कहा- प्लीज़ जल्दी डाल दो, मैं चिल्लाऊं तो भी तुम रुकना मत.

मैंने ‘हाँ’ कह दिया. फ़िर मैंने उनके बाजू में रखी क्रीम की शीशी उठाई और अपने लंड के साथ साथ उनकी चूत पे भी क्रीम लगा दी. इसके बाद मैंने फ़िर से ट्राय किया.. इस बार मेरे लंड का सिर्फ टोपा अन्दर गया था, फ़िर भी वो काफी जोर से चिल्ला उठीं.
मैंने उन्हें किस करना भी स्टार्ट किया और साथ में मम्मों को भी दबाने लगा, जिससे उनकी आवाज़ में काफी कमी आ गई.

जब वो फ़िर से नॉर्मल हुईं तो मैंने फ़िर से धक्का दिया, इस बार मेरा लंड काफी अन्दर घुस गया था. अब मैं पहले धीरे धीरे चुदाई कर रहा था, जिससे उनको दर्द भी कम हो और मजा भी आता रहे. फ़िर आहिस्ता आहिस्ता अपनी स्पीड तेज कर दी और उन्हें पूरे जोश से चोदने लगा.

वो काफी एन्जॉय कर रही थीं. मैं भी उनके साथ काफी मजे लेता रहा.
थोड़ी देर बाद मेरा पानी निकलने वाला था, उन्होंने वीर्य अन्दर ही छोड़ने के लिए कहा. मैंने उसे एक जोर का झटका दिया और उनकी चूत के अन्दर ही झड़ गया. हमने उस वक्त 20 मिनट चुदाई की थी.
झड़ने के बाद मैंने उन्हें किस करना चालू रखा और साथ में उनके मम्मों को भी चूसता रहा. मेरा ऐसे करने से उनको फ़िर से कुछ ही मिनट में जोश आ गया और साथ में मुझे भी उत्तेजना आ गई.
इस चुदाई में वो दो बार झड़ चुकी थीं. मैंने उन्हें छोड़ा, तो वो वहाँ से उठ कर फ्रिज की तरफ़ गईं और वहाँ से ठंडी आइसक्रीम लाकर मेरे लंड पर डाल दी.

इस बार हम सिक्स्टी नाइन की पोज़िशन में आ गए थे. मुझे एकदम से ठंडक का एहसास हुआ क्योंकि आइसक्रीम काफी ठंडी थी, पर उन्होंने लंड चूसना स्टार्ट कर दिया, जिससे मजा आने लगा. वो काफी अच्छी तरह से लंड चुसाई कर रही थीं, बिल्कुल ऐसे जैसे कोई प्रोफेशनल पोर्न एक्ट्रेस हों. उस वक्त मैं तो जैसे खो गया था. मैं भी उनकी चुत चूसता रहा और उनकी चुत के दाने को अपने दांतों से दबा कर मींजने लगा, फिर अपनी पूरी जीभ उसकी चुत में डाल दी.
मैं उनसे लंड चुसाई करवाते वक्त उसके मुँह में ही झड़ गया, वो मेरा सारा कम पी गईं.

उन्होंने मेरा लंड फ़िर से चूस कर नेक्स्ट राउंड के लिए खड़ा कर दिया और मैंने उन्हें फ़िर से इशारे से कहा- लेट जाओ.. मेरा लंड दुबारा चुदाई के लिए तैयार है.
मेरे लंड ने भी मुंडी हिला कर तुनकी सी मारी, इससे वो जोर से हँस पड़ीं और बेड पर जाकर अपनी टांगें उठा के लेट गईं. फ़िर मैंने उनकी चूत पर अपना लंड रखा और जोरदार शुरुआत की.

थोड़ी देर बाद उन्होंने अपनी गांड की तरफ़ इशारा किया. मैं भी राजी हो गया. उन्होंने मेरे लंड को हाथ से पकड़ा और अपनी गांड के छेद पर रखा, मगर छेद छोटा होने की वजह से मेरा लंड अन्दर नहीं गया.

मैंने लंड पर फ़िर से ऑयल लगाया और लंड अन्दर धकेलना स्टार्ट किया. धीरे धीरे लंड अन्दर जा रहा था.. उन्हें दर्द भी हो रहा था मगर मैंने उनकी चिंता नहीं की और एक ही झटके से पूरा डंडा उसकी गांड में डाल कर रुक गया.
थोड़ी देर तक उनके चूचे दबाने लगा, जब दर्द कम हुआ… तो मैं फुल स्पीड में उसे डॉगी स्टाइल में चोदने लगा और साथ में उनके मम्मों भी जोर जोर से दबाने लगा. उनके चूचे ज्यादा मसलने की वजह से लाल पड़ गए थे. हमने काफी देर सेक्स किया.

अब उनके चेहरे पर जो खुशी थी, उस वक्त वो खुशी मैं भी महसूस कर रहा था. क्योंकि उनकी बरसों की मनोकामना मैंने पूरी कर दी थी.

काफी रात हो चुकी थी मैंने उन्हें फ़िर से लम्बा चुम्बन किया और वहाँ से चला आया.
अब मैडम जब भी मुझे बुलाती हैं, हम फ़िर से चुदाई के खेल में शुरू हो जाते हैं. वो मुझे इसके लिए अच्छे पैसे भी देती हैं. अपने इस काम में मैं भी खुश हूँ और मैंने ये सब उनकी खुशी के लिए किया, ना कि खुद के मजे के लिए!

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