loading...

मैंनें अपनी सग़ी छोटी बहन जुली को चोदा

Hindi sex story, hindi sex kahani, rialkahani,bhabhi ki chudai

मैं आपको उस हादसे के बारे में बताता हूँ जिसके कारण मैं और मेरी बहन जुली एक:-दूसरे के इतनें करीब आ गए| ये बात तब की है जब मैं कॉलेज जाता था और जुली स्कूल में पढ़ती थी|

एक दिन की बात है| जुली स्कूल नहीं गई थी क्योंकि उसके एग्जाम स्टार्ट होनें वाले थे| मैं सुबह ही कॉलेज चला गया| जब मैं दोपहर को घर लौटा तो मैंनें देखा कि घर पर कोई नहीं है|
मैंनें मम्मी और बहन जुली को आवाज़ दी लेकिन किसी नें कोई उत्तर नहीं दिया|

फिर मैं अपनें कमरे की तरफ जानें लगा| तभी मुझे अपनी छोटी बहन के कमरे से कुछ आवाजें सुनाई दीं| मैंनें जब जुली के कमरे की खिड़की से देखा तो मैं अन्दर का नज़ारा देख कर दंग रह गया| मैंनें देखा कि जुली मेरे लैपटॉप में ब्लू:-फिल्म देख रही है और उसनें अपनें सारे कपड़े उतारे हुए हैं| वो बेड पर बिल्कुल नंगी लेटी हुई है|| और अपनें एक हाथ से अपनें मम्मों को मसल रही है| ब्लू:-फिल्म देखते समय वो एक हाथ की उंगली को अपनी चिकनी चुत में दे रही है|

जुली के कमरे के पूरे नज़ारे को मैंनें अपनें मोबाइल नें क़ैद कर लिया था|
मैंनें अपनी बहन को कभी ग़लत नज़रों से नहीं देखा था, लेकिन वहाँ का नज़ारा देख कर मैं हैरान हो गया| अब मैं अपनी बहन की चुदाई के सपनें देखनें लगा|

मेरी बहन भी शायद ये बात जाननें लगी थी कि मैं उसको चोदनें की नजर से देखता हूँ| मैंनें अन्तर्वासना पर और इंटरनेंट पर कई बार भाई:-बहन की चुदाई के किस्से पढ़े और देखे थे| इसलिए मैं ये समझ गया था कि चुत और लंड में सिर्फ चुदाई का रिश्ता ही होता है|

अब मैं ये सब कर सकता था| मैं अपनी बहन के बारे में सोच कर मुठ मार लेता था| घर पर भी मैं जुली के अंगों को किसी ना किसी बहानें से छूनें की कोशिश करता था| ये बात जुली भी जान गई थी|| पर वो कभी कोई विरोध नहीं करती थी| शायद उसको भी इसमें मजा आता था|

अब तो मैं अपनी बहन की चुदाई के सपनें को किसी ना किसी तरह पूरा करनें की कोशिश करनें लगा|

कामदेव नें मेरी एक दिन सुन ली| मेरे मम्मी:-पापा को एक बार वीकेंड पर किसी काम से बाहर जाना पड़ गया| वो शनिवार की सुबह को ही निकल गए| मैं और जुली आपस में काफ़ी खुले हुए थे| हम दोनों को एक:-दूसरे की गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड के बारे में सारी बातें पता थीं|

उस दिन जब मेरे मम्मी:-पापा चले गए, तभी मैं फिर से सो गया और लगभग 8 बजे उठा| मेरे दिमाग़ में एक आइडिया आया| मैंनें अपनें लैपटॉप को साउंड सिस्टम से कनेंक्ट कर दिया और साउंड इतना रखा कि उसकी आवाज़ केवल घर में ही रहे|

अब मैंनें उस पर एक ब्लू फिल्म लगा दी ब्लू:-फिल्म की सिसकारियों की आवाज़ सुनकर जुली मेरे कमरे में आई| उस टाइम मेरी पीठ दूसरी साइड थी| इस कारण मैंनें उसे देखा नहीं| शायद उसको ऐसा लगा पर मैंनें उसे इग्नोर कर दिया था| जब मैंनें उसकी तरफ एक बार चुपके से देखा तो वो भी अपनी आँखो से ब्लू:-फिल्म के मजे ले रही थी|

तभी उसनें मुझे आवाज़ दी:- भैया ये सब क्या है?
मैंनें पूछा:- क्या||?
वो बोली:- आप गंदी मूवी देखते हो और वो भी इतनी तेज आवाज में?
मैंनें कहा:- तो इसमें बुराई क्या है?
वो बोली:- मैं ये सब मम्मी को बताऊंगी|
मैंनें कहा:- तू कौन सी सुधरी हुई है?
उसनें कहा:- क्या मतलब?

मैंनें कहा:- तू भी तो छुपकर मेरे लैपटॉप में मूवी देखती है|
उसनें कहा:- क्या प्रूफ है?
तो मैंनें उसे उसकी वही वीडियो दिखा दी|
वो बोली:- ये सब झूठ है|
मैंनें कहा:- इसमें तेरी शक्ल, तेरा रूम सब झूठ है? इसमें सब दिख रहा है| अब अगर मैं ये मम्मी को दिखा दूं तो जानती है कि क्या होगा|| तुझे पता है ना?

अब वो रोनें लगी ओर मुझे ऐसा करनें के लिए मना करनें लगी|

तब मैंनें उससे कहा:- मैं एक शर्त पर ही मानूँगा|
वो बोली:- मुझे तुम्हारी हरेक शर्त मंजूर है|
मैंनें कहा:- बाद में मुकर मत जाना!
वो बोली:- कभी नहीं|
तो मैंनें कहा:- ठीक है, सुनो जो काम इस ब्लू:-फिल्म में हो रहा है, वही मैं भी तुम्हारे साथ करना चाहता हूँ मतलब तुम्हें चोदना चाहता हूँ|

इस पर वो मना करना लगी और बोली:- हम भाई बहन हैं|
मैंनें कहा:- तो क्या हुआ|| लंड केवल चुत से रिश्ता रखता है|| चाहे वो किसी की भी हो|
ये कहते हुए मैंनें उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींच लिया ओर वो मुझसे आकर लिपट गई| मैंनें उसे कस कर पकड़ लिया|| वो मेरी पकड़ से छूटनें की कोशिश करनें लगी, पर इसका कोई फायदा नहीं हुआ|

मैं उसे अपनी बांहों में भरकर बिल्कुल पागल कुत्ते की तरह चूमनें और काटनें लगा| वो कराहनें लगी और मुझसे छूटनें की गुहार करनें लगी, पर मुझ पर हवस का नशा चढ़ चुका था|

मैंनें उसके होंठों पर अपनें होंठों को रख दिया और उसे बुरी तरह चूसनें लगा| अपनी बहन के होंठों को चूसते हुए मैं उसकी कमर, चूचे गांड सभी अंगों को मसलनें लगा, जिस कारण से वो भी गर्म होनें लगी और फिर उसका विरोध भी कम हो गया|

अब वो मेरा साथ देनें लगी| मैंनें उसके सारे कपड़े जल्दी से उतार दिए और उसे बिल्कुल नंगी कर दिया| मैंनें उस टाइम केवल अंडरवियर पहना हुआ था| जिसमें मेरे लंड के तन जानें से से तंबू बन गया था|
मैंनें जुली को अपनी गोद में उठा लिया और उसे बेड पर पटक दिया| अब वो भी पूरे मजे लेनें लगी|

मैं उसके पूरे नंगे बदन को हब्शी की तरह चाटनें लगा| वो इस सबसे कराह उठी और बोली:- अब मैं केवल तुम्हारी हूँ तो थोड़ा आराम से करो ना|
मैंनें उससे अपना लंड चूसनें को कहा तो वो मना करनें लगी, पर थोड़ा मनानें के बाद वो मान गई और मेरे निक्कर को उतारकर मेरा लंड चूसनें लगी|

जब मेरी बहन मेरा लंड चूस रही थी तो मैं जन्नत की सैर कर रहा था| मैंनें उसके बालों को कस कर पकड़ लिया था और ज़बरदस्ती अपनें लंड को उसके गले तक पहुँचा दिया, जिसके कारण उसको साँस लेनें में दिक्कत हो रही थी|
मेरा लंड छूटनें वाला था तो मैंनें अपना सारा माल जुली के मुँह में ही छोड़ दिया और वो पूरा माल पी गई|

फिर मैंनें उसे बेड पर लिटाया और उसकी चुत पर मुँह रखकर चाटनें लगा| वो सिसकारियाँ भरनें लगी, उसनें मेरे मुँह को पकड़ कर अपनी चुत में दबा दिया| लगभग 5 मिनट की चुत चुसाई के बाद मैं उसे चोदनें की पोज़िशन में आ गया| वो भी बहुत देर से चुदनें को बेताब थी|
जब मैंनें अपना लंड उसकी चुत पर रखा तो वो तड़प उठी और बोली:- भैया जल्दी करो|

फिर मैंनें जब पहला शॉट मारा तो मेरा आधा लंड जुली की चुत में जा चुका था| जुली को बहुत दर्द हो रहा था| उसकी चीख भी निकल गई थी और उसकी चुत से खून निकल रहा था| वो मुझसे लंड बाहर निकालनें को कहनें लगी, पर मैंनें उसकी ना सुनते हुए एक और झटका दे मारा|
अब मेरा पूरा लंड जुली की चुत में समा गया और जुली तड़फनें लगी| मैंनें उसे चुप किया और कहा:- थोड़ी देर रुक|| फिर बहुत मजा आएगा|

जब वो कुछ देर बाद शांत हो गई, तब मैंनें उसे चोदना स्टार्ट किया और थोड़ी देर बाद वो भी मजे लेकर चुदवानें लगी|
मैं उसे गाली देता हुआ चोद रहा था और वो भी मुझे गाली देते हुए चुदवा रही थी| मेरे हर शॉट पर वो ‘अहहाहा|| उहुहूह|| सस्स|| उह|’ इस तरह की आवाजें निकालती और कहती:- बहनचोद आज चोद दे अपनी इस नाज़ुक सी छोटी बहन को|| और बना ले इसे अपनी रखैल|

मैं भी लंड पेलते हुए कहता:- बहन की लौड़ी|| तुझे तो बहुत दिन से चोदना चाहता था|| आज मौका मिला है, आज तेरी चुत का भोसड़ा ना बनाया तो कहना||
सारा कमरा चुदाई की ‘फॅक फॅक||’ और जुली की मादक सिसकारियों से गूँजनें लगा|

यह कहानी आप सेक्स कहानी डॉट कॉम पर पढ़ रहे है |

मैं उसे लगातार चोदे जा रहा था और इसी बीच वो दो बार झड़ भी चुकी थी| फिर मैं भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया और अपनी स्पीड बढ़ा दी| मैं जुली की चुत में ही झड़ गया| मैंनें अपना सारा माल जुली की चुत में छोड़ दिया| हम दोनों एक:-दूसरे की बांहों में ही चिपक कर लेट गए|

जब मैं एक घंटे बाद उठा तो देखा कि जुली अभी भी वैसे ही बिल्कुल नंगी सो रही है| उसकी चुत खून से लाल थी| मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया| अब मैंनें फिर से जुली की चुदाई शुरू कर दी| उसके बाद हम दोनों साथ ही नहाए| वहाँ भी मैंनें उसकी चुदाई की|

जब तक अगले दिन हमारे मम्मी:-पापा घर वापस आए| इस बीच हम दोनों नें 11 बार चुदाई की थी| जुली से सही से चला भी नहीं जा रहा था| मैं उसके लिए मेडिकल से पेनकिलर और आईपिल लेकर आया| उसे खानें के बाद वो नॉर्मल हुई|

यह चुदाई मेरे जीवन की बेस्ट चुदाई थी| उस दिन के बाद मैंनें और मेरी बहन नें ना जानें कितनी ही बार चुदाई का ये हसीन खेल खेला|

मैंनें उसकी गांड भी मारी| वो रोजाना रात को मम्मी:-पापा के सोनें के बाद मेरे रूम में आ जाती और चुद कर चली जाती|
इस तरह मैंनें अपनी सग़ी छोटी बहन को चोदा था|

loading...

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *