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मामा की बेटी की बुर चटाई (सेक्सी कहानी)

Antarvasna: सभी को मेरा नमस्कार, प्यारी लड़कियों और जवान मर्दों, आज मैं अपनी पहली सच्ची कहानी लिखने जा रहा हूँ जो मेरे साथ कुछ ही दिनों पहले हुई. मेरा नाम स्टीफलेर (बदला हुआ) है.. मेरा गाँव यूपी के आगरा के कुछ आगे मध्य प्रदेश में पड़ता है. मेरे सगे मामा की एक बेटी है.. उसका नाम खुशबू है, वो मुझसे एक महीने ही छोटी है. वो दिखने में शक्ल से तो नॉर्मल ही है, पर माँ कसम क्या माल है.. आह.. उसके मम्मों का साइज़ 34 इंच है. साले इतने बड़े चूचे हैं कि दूर से उन पर नज़र चली जाती है.

पहले तो मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया था, लेकिन पता नहीं एक दिन क्या हुआ कि मैंने उससे बोला कि खुशबू मेरी एक बात मानेगी, मुझे कुछ कहना है.
उसने बोला- हाँ बोल?
मैंने बोला- मुझे तेरे साथ एक बार लिप किस करना है.
ये सुनकर वो चिल्लाने लगी- मैं तेरी बहन हूँ, ऐसी बातें तू सोच भी कैसे सकता है.

उसकी बात सुन कर मैं शरम से वहां से चला गया पर मेरा 6 इंच लंबा लंड कहां मानने वाला था.
खुशबू आगरा की रहने वाली है.. और मैं एमपी का हूँ. मैं हर साल गर्मियों की छुट्टी में अपने मामा के घर घूमने जाता था, उस बार तो बात नहीं बनी, फिर दीवाली आई, खुशबू मामा के साथ भाई दूज पर हमारे घर आई. इस बार भी मैं उसके पीछे खूब पड़ा रहा ‘प्लीज़ एक बार लिप किस कर ले, मैं उसके बाद कुछ नहीं कहूँगा.’ लेकिन वो नहीं मानी.

ऐसे ही मिन्नतें करते करते पूरा दिन निकल गया.. कुछ नहीं हुआ. पर शायद उसको भी अन्दर से मन कर रहा था किस करने का.
रात में हम सब भाई बहन एक कमरे में बैठे थे. गाँव में लाइट तो आती ही नहीं थी, तो अंधेरा था. वो रज़ाई में एक साइड लेटी थी, में उसके पीछे लेट गया और पीछे से हाथ जोड़ रहा था कि एक बार किस कर ले प्लीज़..

पता नहीं उसे एकदम से क्या हुआ वो मेरी तरफ हुई और गुस्से में देखने लगी.
मैंने सोचा आज तो मैं गया, ये सबको बता देगी.
अभ मैं ये सोच ही रहा था कि वो मुझे चूमने लगी. वो मेरे होंठों को कस के दबा दबा के चूस रही थी. उसकी इस हरकत से मैं तो पागल हुए जा रहा था.
लेकिन उधर सारे भाई बहन थे, तो ज्यादा कुछ नहीं हुआ.

फिर रात हुई, सब सोने को हो गए थे तो मैंने खुशबू को बोला कि छत पर आके मिलना.
वो हंस कर चली गई.
रात में करीब 1 बजे वो ऊपर आई तो मैंने पूछा कि क्या हो गया एकदम से तेरे को?
वो बोली कि इधर सिर्फ़ बात ही करने आया है?

ऐसा सुनते ही मैं उसके ऊपर ऐसे टूट पड़ा. जैसे भूखा शेर अपने शिकार पर टूट पड़ता है.
मैं उसके होंठों को दबा दबा के चूस रहा था, वो भी चिल्ला रही थी- थोड़ा धीरे कर… खून निकाल देगा क्या..
करीब 15 मिनट तक चूमने के बाद मैंने उसकी शर्ट निकाल कर दूर फेंक दी. पहली बार मैंने सामने से किसी लड़की के चूचे देखे थे, वो भी इतने बड़े.. मैंने उसके चुचों को दोनों हाथों में पकड़ा और उसकी रसभरी चुचियों को दबाने लगा, चूसने लगा.
वो कामुक सिसकारियां लिए जा रही थी- आह.. अरे धीरे धीरे आआहा.. अया आहहाअ..
मैं कहाँ रुकने वाला था. उसके चूचे लाल पड़ गए थे.

मैं आगे बढ़कर पैन्ट उतारने ही जा रहा था कि नीचे से कुछ आवाज़ आई शायद कोई जाग गया था. हम दोनों की इतनी तेज आवाज़ जो निकल रही थी.

खुशबू ने जल्दी से कपड़े पहने और जाने लगी, तो मैंने जाने नहीं दिया और पैन्ट के ऊपर से ही अपना लंड उसकी चूत पे दबाने लगा. उसका मन तो कर रहा था लेकिन डर भी लग रहा था. उसके बाद अगले दिन वो आगरा चली गई.
उसी दिन मैंने सोच लिया था कि इधर तो मैं उसको चोद कर ही रहूँगा. वो भी पूरे दिन चोदूंगा.
ये ही सोच सोच के मैंने मुठ मार ली.

फिर गर्मियों की छुट्टियां आई, मैं फिर मामा के घर गया, खुशबू की छुट्टियाँ एक दिन बाद से शुरू होने वाली थी, मैं उसके कॉलेज से आने से पहले ही उसके घर पहुँच चुका था. मैं खुश्बू के बारे में मन ही मन सोच सोच के कई बार मुठ मार चुका था.

वैसे ही उस दिन मैंने एक बार सोचा कि जो पानी निकलता है ब्लू फिल्म में वो रस लड़की चाट जाती है, मैं चाट कर देखूँ, तो मैंने फिर से मुठ मारी और टेस्ट करके देखा, सच में लंड के पानी का टेस्ट बहुत अच्छा था.
आप भी कभी ट्राइ करके देखना दोस्तो टेस्टी होता है. तभी तो लड़कियां इस रस के लिए मरती हैं.

तीन बजे खुशबू आ गई. मेरा मन तो कर रहा था कि बाहर गेट पर ही उसको चोद डालूँ, पर उसकी एक बड़ी बहन और छोटा भाई भी था. इसी चक्कर में मैं उसे कुछ ज्यादा कर नहीं पा रहा था.
कभी ना कभी कोई ना कोई आता ही रहता था. वैसे उसकी बड़ी बहन भी माल है.

अगले दिन भगवान ने मेरी सुन ली शायद, उस दिन मैं उसके छोटे भाई के साथ बैठ के टीवी देख रहा था. खुशबू कपड़े धोकर ऊपर जा रही थी, तो मुझे देख कर सेक्सी अंदाज़ में बोली- ऊपर चल.. कपड़े डलवा दे.. मैं अकेले इतना नहीं डाल पाऊंगी.
यह सुनते ही मेरा लंड एक से खड़ा हो गया. मई का आखिरा हफ्ता था, गरमी बहुत थी, मैंने उस दिन केवल शॉर्ट्स पहना हुआ था तो मेरा लंड साफ खड़ा दिख रहा था. उसने शायद मेरे खड़े लंड को देख लिया था. वो हंस कर चली गई, मैं नाच नाच के ऊपर जाने लगा.

ऊपर कोई ज़्यादा आता जाता नहीं है. मैं जैसे ही ऊपर गया तो वो मुझसे आकर लिपट गई और चूमने लगी. शायद वो गाँव में जो मैंने आग जलाई थी, उसकी वजह से वो अन्दर ही अन्दर तड़प रही थी.
मैं तो उसके मम्मों का दीवाना था, ऊपर एक चौबारा था, मैंने उसे उसके अंदर ले गया, दरवाजा बंद कर लिया. वहां एक फोल्डिंग चारपाई पड़ी थी, हम उसी पर बैठ गए. मैंने उसका कुर्ता उतारा लेकिन वो उतर नहीं रहा था, शायद अटक गया था तो मैंने कुर्ता जैसे कैसे कर उसको हटा दिया.. और उसके मम्मों को चूमने लगा. मैं अपने हाथों से मम्मों को दबा रहा था और चाटता जा रहा था.
वो मादक सिसकारियां भरते हुए बोल रही थी- अब नहीं तड़पा राजा भाई… मेरे से रहा नहीं जा रहा है..

यह सुनते ही मैंने शार्ट्स नीचे की ओर किया, मेरा लंड बिल्कुल स्ट्रेट खड़ा देख कर वो हंसने लगी, वो बोली- लंड तो तेरा बहुत बड़ा है.
मैंने उसे पूछा- ऐसे तूने कितने लंड देखें हैं जो कह रही है कि मेरा लंड बड़ा है.
वो बोली- असली का तो यही देखा है, विअसे पोर्न फिल्मों में तो खूब देखे है, तेरा भी विअसा ही है.

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रखवाया तो उसने मेरा लंड पकड़ लिया, मैंने उसे लंड हिलाने को कहा तो वो उसे आगे पीछे करके हिलाने लगी.
कुछ देर बाद मैंने उसे कहा- इसे मुंह में लेकर चूस जैसे पोर्न फिल्म में चूसते हैं और उसे अपने हाथों से नीचे बैठाया तो वो नीच जमीन पर बैठ कर बैठ कर मुँह में मेरे लंड को लेने लगी.

सच बता रहा हूँ दोस्तो.. पहली बार किसी लड़की ने मेरा लंड चूसा था.. आह.. क्या बताऊं ऐसा लग रहा था, जैसे जन्नत में आ गया हूँ.. मैंने उसका सिर पकड़ा और लंड अन्दर घुसाने लगा.
वो शायद साँस नहीं ले पा रही थी, जिस कारण उसके आँसू निकल रहे थे उसके.. मैं भी कहां रुकने वाला था.

हम चारपाई पर लेट कर 69 की पोज़िशन में आ गए, मैंने उसका लोअर और कच्छी भी उतार दी, उसकी चूत एकदम चिकनी थी, बाल साफ़ किये हुए थे. मैंने पूछा- यार तूने तो इसे चिकनी चमेली बना रखा है?
वो बोली- हां भाई, तेरे लिए ही इसे चिकनी किया है, मुझे पता था कि इस बार तू मुझे चोदे बिना मानने वाला नहीं और मेरी काह्मिकता भी बहुत सर उठा रही थी, मुझे भी चुत चुदाई की काफी तलब लग रही थी.

मैंने उसके मुंह में लंड घुसा दिया, अब वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चुत.
क्या मखमली चुत थी आय हाय.. मक्खन जैसी.. एक भी बाल नहीं था, बिल्कुल सील पैक माल लग रही थी. मैं उसकी चुत चाटने लगा, वो सीत्कारें भरे जा रही थी.

कुछ मिनट के बाद खुशबू बोली कि राजा अब बहुत हो गया, मेरी प्यास बुझा दे.. वरना मर जाऊंगी..
मैंने बोला- इतनी भी क्या जल्दी है जानेमन..
फिर मैंने अपना लंड हाथ में लिया और उस पर थोड़ा तेल लगाया क्योंकि मैं भी पहली बार चोदने जा रहा था और खुशबू भी पहली बार चुद रही थी.

मैंने उसकी चूत में भी ढेर सारा तेल डाल दिया. फिर अपना लंड उसकी चुत पे रखा तो वो मचल पड़ी. मैंने लंड उसकी चूत के अन्दर डालने की कोशिश की, लेकिन वो जा ही नहीं रहा था.
शायद मुझे पता नहीं था कि कितनी जोर से डालते हैं, कैसे डालते हैं. मैंने पूरा दम लगाया और लगभग पूरा लंड उसकी चुत में घुसता चला गया. वो दर्द में ऐसे चिल्लाई… मैंने एकदम उसके मुंह पर हाथ रखा और जैसे तैसे उसे शांत किया.. और उसके मम्मों को दबाने लगा, उसे किस करने लगा. तब जाकर वो कुछ शांत हुई. फिर मैं धीरे धीरे लंड आगे पीछे करने लगा. अब वो भी मजे लेने लगी थी. वो मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैं कभी थक जाता, तो वो मेरे होंठ मुँह में लेकर चूसने लगती..

उसको देख कर मुझमें नई दम आ जाती थी. अब मैंने उसे गोदी में उठाया और चोदने लगा.. क्या मज़ा आ रहा था. काफी देर हो गई थी, वो झड़ चुकी थी.. और मैं भी झड़ने ही वाला था.
मैंने पूछा- जानेमन कहां डालूँ?
उसने चिल्ला कर कहा- चूतिये अभी से माँ बनाना है क्या?
ये सुनते ही मैंने लंड निकाला और ज़ोर से हिलाने लगा. खुशबू मेरे लंड के नीचे आ गई.. मैंने बोला- देख जानेमन आज तेरी को दुनिया की सबसे स्वादिष्ट चीज़ टेस्ट करवाता हूँ.

मैंने अपना सारा माल उसके मुँह में छोड़ दिया. पहले तो उसने मना किया लेकिन बाद में मज़े से मेरा दही पी लिया. कुछ देर तक हम ऐसे ही एक दूसरे के समीप लेटे रहे. मैं उसके चूचे दबाने लगा.

फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और पहले मैंने नीचे चला गया, कुछ देर बाद खुशबू भी नीचे आ गई.

इस कहानी में कोई भूल हुई हो तो माफ़ करना और बताइएगा ज़रूर कि ये चुदाई की कहानी कैसी लगी.
दोस्तो ये मेरी सच्ची चोदन कहानी है, कोई फेंकू कहानी नहीं है.

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