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बीबी की चूत चुदाई मेरे दोस्त से-1

25 जनवरी 2018 को मेरी पत्नी प्रिया बहुत कामुक मूड में थी।
मेरी पिछली कहानी

पढ़ कर जैसा आप सब जानते ही हैं कि वह घर में कपड़ो के नीचे ब्रा या पेंटी नहीं पहनती पर नार्मल कपड़े पहनती है। उस दिन मैं भी शाम से ही उसके साथ हल्की फुल्की मस्ती कर रहा था; बच्चे अपने कमरे मैं बैठ कर स्टडी कर रहे थे; हमारी नौकरानी गाँव गयी हुई थी और हमारा मूड मस्ती का था।
मैंने ऐसे ही अपनी कई सालों से ब्याही पत्नी से पूछा कि आज क्या कहीं चलने का मन है तो उसको समझ आ गया कि मैं उसको किसी नेट फ्रेंड के साथ ड्राइव पर ले जाने के मूड में हूँ।
वो बोली- चल सकते हैं पर किसके साथ?
मैंने पूछा- तुम बताओ किसके साथ चलना है?
प्रिया- आदित्य से पूछो वो फ्री है क्या?
मै- पूछता हूँ!

असल में आज आदित्य का शाम को मेरे पास फ़ोन आया था कि उसके घर में कोई नहीं है और अगर हम चाहें तो प्रोग्राम बना सकते हैं। मेरे मन में यह ख़याल था कि अगर प्रिया मान जाए तो आज आदित्य से उसको चुदवा दूँ।
हालाँकि प्रिया हमारी कार में मेरे कई नेट फ्रेंड्स के लंड के साथ खेल चुकी है पर अभी तक मेरे अलावा किसी लण्ड से चुदी नहीं। एक बार हमारे नेट दोस्त रजनीश ने उसको मेरे सामने ही कार में ही चोदने की कोशिश की थी पर प्रिया की चूत में लण्ड डालते ही उसको ओर्गास्म हो गया था और प्रिया बेचारी भूखी ही रह गयी थी और फिर मैंने उसको चोद कर ओर्गास्म कराया था।

मैंने उस दिन थोड़ी देर बाद प्रिया को आकर बताया कि आदित्य फ्री है और उसके घर में कोई नहीं है।
प्रिया थोड़ा चिंतित थी पर उसकी कामुकता भी उफान पर थी, मुझसे बोली- क्या उसके घर जाना सेफ रहेगा?
तो मैंने उसको बताया- मैं आदित्य को कई सालों से जानता हूँ और मुझे कभी कोई ऐसा मौका नहीं मिला जब मुझे लगा हो कि उसके साथ हमें कोई खतरा हो सकता है।
फिर प्रिया को मैंने ये भी समझाया कि जब मैं साथ हूँ तो उसको चिंता नहीं करनी चाहिए।

हम किचन में थे और प्रिया उत्तेजित थी और चुदने को तैयार थी, आज उसकी चूत कुछ ज्यादा फुदक रही थी। मैं भी कई बार उसकी चूचियाँ मसल चुका था, शाम से ही उसके निप्पल कई बार मेरी उंगलियों द्वारा छेड़े जा चुके थे। उसकी पतली टीशर्ट में उसकी छलछलाती चूचियाँ और उभरे हुए निप्पल साफ़ दिख रहे थे जो मेरे लौड़े को पागल बना रहे थे।

वैसे भी प्रिया मेरे और आदित्य के साथ 4-5 बार कार में मस्ती कर चुकी थी। हम दोनों कार में जाते थे और आदित्य को पिक करके किसी सुनसान जगह चले जाते थे।
पहली बार में तो हम एक सुनसान जगह पहुँचने तक शराफत से बैठे रहे थे। आदित्य को बहुत बातें करने की आदत थी तो वो पूरे रास्ते बोलता रहा था।

उस सुनसान जगह पहुँच कर कुछ देर तो हम सभी सकपकाये से बैठे रहे। प्रिया ने हमेशा की तरह एक फ्रॉक जैसी ड्रेस पहनी थी जो शोल्डर-लेस थी। यह ड्रेस प्रिया की चूचियों पर इलास्टिक से टिक जाती है और उसके आधी जांघों तक जाती है। हम जब भी मस्ती के लिए कार ड्राइव पर जाते हैं तो मैं प्रिया को इस ड्रेस के नीचे कुछ नहीं पहनने देता। इसके दो फायदे होते हैं- एक तो मुझे और प्रिया दोनों को मालूम होता है कि उसके जिस्म पर केवल एक कपड़ा है तो दोनों पूरे टाइम कामुक रहते हैं, दूसरे जब मस्ती करने का समय आता तो मैं अपनी इच्छानुसार फटाफट उसकी चूचियाँ नंगी कर सकता हूँ या चूत खोल कर मसल सकता हूँ। इस ड्रेस में मैं प्रिया को कुछ ही सेकण्ड्स में पूरी नंगी भी कर सकता हूँ इसलिए मस्ती के लिए ड्राइव पर जाने से मेरी मनपसंद ड्रेस है।

इस ड्रेस के नीचे वो कुछ नहीं पहनती है और हमें मज़ा लेने का पूरा मौका देती है और मौका मिलते ही उसको फटाफट नंगी करने में आसानी रहती है। प्रिया को भी ये ड्रेस इसीलिए पसंद है बस घर से निकलते समय वो एक दुपट्टा ऊपर डाल लेती है ताकि सोसाइटी वाले पड़ोसी न देखें।

उस दिन मुझे लग रहा था कि आदित्य शायद प्रिया को छेड़ना शुरू करेगा पर वो शरीफ बन्दे की तरह बैठा मेरे शुरुआत करने का इंतज़ार कर रहा था। शायद क्योंकि उसके साथ हम पहली बार गए थे इसलिए वो झिझक रहा था।
मैंने सुनसान जगह पर पहुँच कर कुछ देर इंतज़ार लिया कि आदित्य मेरी गर्म और मस्त बीवी को छूना और छेड़ना शुरू करेगा क्योंकि हम सबको मालूम था कि हम वहां किसलिए आए हैं, मैं और कुछ देर तक बातें करता रहा.
पर जब आदित्य ने शुरुआत नहीं की तो थोड़ी देर बात करने के बाद मैंने प्रिया की तरफ झुक कर उसको चूम लिया।

मैं ड्राइविंग सीट में बैठा था और प्रिया मेरे बगल वाली सीट पर और आदित्य मेरी सीट के पीछे… मैंने प्रिया को चूमना शुरू किया तो प्रिया फ़ौरन मेरा साथ देने लगी और उसने अपने हाथ मेरे सर पर रख दिए और मुझे जोर से चूमने लगी। आदित्य पीछे बैठ कर बड़ी रूचि से हम दोनों को देख रहा था पर अभी तक शांत बैठा था।

मैंने धीरे से ड्रेस के ऊपर से प्रिया की मोटी मोटी चूचियों पर हाथ रखा तो उसने मुझको चूमते चूमते अपनी चूचियाँ उभार दी। मैंने मजे में आकर कस कर उसकी चूचियाँ मसली और धीरे से उसकी ड्रेस को नीचे सरकाना शुरू कर दिया। उसकी चूचियाँ नंगी करके मैंने अपना मुंह अपनी तरफ वाली चूची पर लगा कर भूखे बच्चे की तरह इसको चूसना शुरू कर दिया। मेरे ऐसा करते ही प्रिया ने सर पीछे को करके मस्ती भरी आह भरी।

कुछ देर चूची चूस कर मैंने आदित्य की तरफ देखा, वह बड़ी चाहत से प्रिया की चूची देखने की कोशिश कर रहा था। गाड़ी में अँधेरा था, बस बाहर से चाँद की हल्की हल्की रोशनी आ रही थी और उस रोशनी में प्रिया की गोरी और मोटी चूचियाँ खजाने की तरह चमक रही थी।

मैंने उसकी चूची से अपना मुँह हटा कर आदित्य का हाथ पकड़ कर खुद ही अपनी बीवी की नंगी चूची पर रख दिया। उसकी, मोटी, चिकनी, सख्त और गर्म चूची पकड़ते ही आदित्य पर जैसे नशा छा गया। वह कुछ मिनट तक तो धीरे से, प्यार और नजाकत से प्रिया की चूचियाँ सहलाता रहा. प्रिया भी मस्त चुदक्कड़ की तरह अपनी मादक चूची पर किसी दूसरे का हाथ लगते ही और भी ज्यादा मस्त हो गयी।
प्रिया की चूचियाँ बहुत संवेदनशील हैं और जैसे ही उनको कोई भी मसलना शुरू कर दे, वो गर्म होने लगती है। मैंने एक बार तो डीटीसी की बस में देखा है जब किसी मनचले ने उसकी चूची बस में केवल दो तीन मिनट ही मसली थी और प्रिया वहीं गर्म होने लगी थी, उसकी चूत बस में ही गीली हो गयी थी और घर आते ही मुझसे चुदी थी।
कभी कभी सोचता हूँ कि अगर उस दिन बस में साथ में शायद मैं साथ न होता तो प्रिया उसी बदमाश से कहीं चुद लेती.

खैर जैसे ही आदित्य ने प्रिया की चूची मसलनी शुरू की, तो वह बिल्कुल मस्त होकर आहें भरने लगी। आदित्य को भी मज़ा आने लगा और वो भी सिसकारी भर के प्रिया के मस्त मोटे चिकने अमृत कलशों को जोर जोर से मसलने लगा।
मैंने आगे झुक कर प्रिया की सीट की बैक पीछे झुका दी थी ताकि वो अपनी सीट में लेटी हुई हो जाए। आदित्य ने इस बीच प्रिया की चूचियों को जोर से पकड़ कर मसला और खूब जोर से भींच कर ऊपर को खींचा जैसे किसी मोटी गाय का दूध दोहने की तैयारी कर रहा हो।

प्रिया जोर से कराही पर उसकी इस कराह में दर्द कम और मस्ती और समर्पण ज्यादा था।
अब प्रिया पूरी तरह गर्म हो चुकी थी और सीट में टॉपलेस लेटी हुई बिल्कुल रंडी लग रही थी। आदित्य भी अब तक जोश में आ चुका था और पूरी बेदर्दी से प्रिया के बूब्स से खेल रहा था, उन्हें रौंद रहा था।
गाड़ी में मस्ती का आलम था और इस आलम में मैंने एकाएक महसूस किया कि आदित्य और प्रिया मस्ती कर रहे थे और मैं उन दोनों के मस्ती भरे खेल को देख कर ही मस्त हो रहा था।

मस्ती में मैंने आगे बढ़ कर प्रिया की एक चूची आदित्य के चंगुल से छुड़ाई और खुद उस पर टूट पड़ा। मैंने पूरी मस्ती से प्रिया की चूची का मर्दन शुरू कर दिया और थोड़ी देर में इसके निप्पल को मुंह में भर कर चूसने लगा। मैंने आदित्य को भी इशारा किया कि वह भी प्रिया की दूसरी चूची को मुंह में भर ले और उसने ऐसा ही किया। दोनों चूचियाँ एक साथ चूसी जाते ही प्रिया मस्ती से पागल हो गयी।
वो पहले भी कई बार मुझे कह चुकी है कि अगर दोनों चूची एक साथ चूसी जाएँ तो शरीर के एक एक रोम में सिहरन दौड़ जाती है और चूत लपलपाने लगती है।

अब तक हम तीनों मस्त होने लगे थे। प्रिया ने हम दोनों के सर पकड़ कर अपनी चूचियों पर दबाने शुरू कर दिए। हमने और जोर से उसकी चूची चूसनी शुरू कर दी और उसके निप्पलों को अपने दांतों से हल्के हल्के काटने लगे।
प्रिया और मस्ती से कराहने लगी और बोलने लगी- और जोर से चूसो, काट लो इनको, आज उखाड़ डालो आह! आह!! राज मेरी चूत फुदक रही है।
प्रिया की मस्ती भरी गर्म गर्म बातें सुन कर हम दोनों भी गर्म हो गए थे। मेरा लौड़ा मेरे शॉर्ट्स में बिल्कुल तना हुआ था और मुझे यकीन है कि आदित्य का भी यही हाल होगा। मैंने प्रिया का हाथ पकड़ कर शॉर्ट्स के ऊपर अपने लण्ड पर रख दिया। प्रिया ने किचकिचा कर मेरा लण्ड कस के पकड़ लिया और शॉर्ट्स के ऊपर से ही मुठियाने लगी।
मैंने भी हमारे नियम के हिसाब से शॉर्ट्स के नीचे कुछ नहीं पहना था।
प्रिया ने दो मिनट बाद ही शार्ट के ऊपर के बजाये अंदर हाथ डाल कर मेरे लौड़े को सहलाना और मसलना शुरू कर दिया।

अब तक आदित्य प्रिया पर पूरी तरह छा जाने के मूड में आ गया था, उसने खींच कर प्रिया को लगभग अपने आगोश में ले लिया था और उसको पूरे चेहरे, गर्दन, कन्धों और मम्मों पर चूम रहा था। प्रिया भी पूरी मदहोशी और मस्ती में उसका पूरा साथ दे रही थी।

मैंने आगे बढ़ कर प्रिया की फ्रॉक उसकी चूत पर से हटाई और उसकी चूत पहली बार आदित्य के सामने नंगी कर दी। आदित्य अभी तक मेरी बीवी के नंगे जिस्म को चूमने में लगा था। प्रिया ने उसके मुख में दोबारा अपनी चूची डाल दी और वो भूखे भेड़िये की तरह उस पर टूट पड़ा जोर जोर से मसल मसल कर उसकी चूची निचोड़ने और चूसने लगा।

इस बीच मैंने प्रिया की चूत को नंगी करके अपने हाथ में भर कर मसलना शुरू कर दिया था। मस्ती में प्रिया ने अपनी चिकनी जांघें चौड़ी करके टाँगें खोल दी थी और अपनी चूत ऊपर को उचका कर मेरे हाथ पर रगड़ रही थी। मैंने धीरे से उसकी गीली चूत में एक उंगली डाल कर चोदना शुरू कर दिया और प्रिया उस ऊँगली के अंदर बाहर होने से गर्म हो गयी और अपनी कमर ऐसे चलाने लगी जैसे किसी मोटे लौड़े से चुद रही हो।
उधर आदित्य पूरी बेदर्दी से मेरी पत्नी की चूचियों निचोड़ और मसल रहा था।

थोड़ी देर के बाद मैंने आदित्य को इशारा किया कि अब हम कुछ पोजीशन बदलते हैं। वो थोड़ा कंफ्यूज हो गया, पर जैसे ही उसने प्रिया की मोटी चूचियों को अपने हाथ की जकड़ से छोड़ा, प्रिया ने एक निराशा की गहरी सांस भरी और जब मैंने उसकी चूत से अपना हाथ निकाला तो उसको लगा कि मैंने शायद आज की मस्ती वहीं खत्म कर दी है। उसने मद भरी निगाहों से मेरी तरफ देखा और उसकी आँखों में साफ़ निमंत्रण था कि मैं अभी न रुकूँ

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