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“जीजा के सामने बहन की चुदाई कर के बहन को प्रेग्नेंट किया”

ये कहानी मेरी बहन अंशी और हमारे इन्सेस्ट रिश्तो को समर्पित हैं || मेरी बहन अंशी आई लव यु”
मैंने अपनी बहन अंशी को पहले भी बहुत चोदा था उसकी शादी के पहले| अब तिन महीने से वो अपनी शादी के बाद ससुराल में ही थी| फिर एक दिन उसका कॉल आया तो मैंने ही उठाया| मेरी हल्लो सुन के वो बड़ी खुश हुई| उसने कहा कोई हैं | तो नहीं वहां पर| मैंने कहा नहीं तो| वो किस देते हुए बोली” एक गुड न्यूज हैं | मनु भाई| मैंने कहा हां बोलो डार्लिंग|
वो बोली मैं प्रेग्नेंट हूँ” मैंने कहा अच्छा” वो बोली और हाँ कुछ ही दिनों में करवा चौथ हैं | तो मम्मी मेरे लिए कुछ सामान भेज रही हैं || और मैंने मम्मी को कहा हैं | की वो तुम्हारे साथ ही सामान भेजें और मैं तुम्हैं | यहाँ कुछ दिन अपने घर रखूंगी| वो बात सुन के मुझे बहुत अच्छा लगा| दीदी ने कहा” सच में और भी बहुत कुछ हैं | तुझे बताने के लिए लेकिन वो सब तू जब यहाँ आएगा तो हम साथ में बैठ के डिसकस करेंगे”

मैंने मम्मी को बताया तो वो खुश हो के बोली” वाह मेरा मनु अब जल्दी ही मामा बनेगा”
फिर कुछ ही दिनों में मैं मम्मी की दी हुई सामान और भेट सौगादों के साथ धडकते हुए दिल के साथ अपनी अंशी दीदी के घर जाने के लिए निकल पड़ा| अंशी दीदी ही मेरा पहला प्यार और सेक्स थी| उसने ही अपनी शादी के अगले दिन तक भी मुझे अपनी चूत का सहारा दिए हुए था| घर पहुँच के बेल बजाई तो मेरे जीजू ने ही दरवाजा खोला|
जीजा ने मुझे कहा” आओ मेरे लकी साले जी कुछ ही दिनों में तुम मामा बनोगे अब तो|
अंशी दीदी जो शोर्ट निकर और ढीली टी शर्ट में थी वो भी मुझे देख के भागी आई| उसके उछलते हुए चुन्चो ने मुझे बता दिया की उसने अन्दर कोई ब्रा नहीं डाली थी| और वो सीधे ही मुझे लिपट गई| उसके नुकीले बूब्स मेरी छाती के ऊपर इश्क के खंजर के जैसे चिभ से गए| शादी के बाद तो उसके बदन में और भी बदलाव आये थे| वो और कस सी गई थी और उसके बूब्स और भी फुल चुके थे| वो अपनी सेक्सी गांड को हिलाते हुए मेरे पास दौड़ के आइ थी| फिर उसने मुझे होंठो के ऊपर किस दिया अपने पति के सामने ही तो मुझे थोडा अजीब लगा|
मैंने धीरे से दीदी के कान में कहा अरे लिप किस नहीं जीजू देखेंगे| वो बोली” कौन ये? अरे वो मर्द ही नहीं हैं | तेरे मुकाबले में| एक लुल्ली को पेंट में घुमा रहा हैं | इतना बड़ा हो के| तेरे और उसके लंड को साइड बाय साइड रख दिया तो उसका लंड बच्चा लगेगा तेरे लंड का| और जो मेरे पेट में पल रहा हैं | जो उसका नहीं लेकिन हम दोनों का ही बच्चा हैं | मेरे भाई| इस हलकट की औकात नहीं हैं | बच्चा पैदा करने की| वो तो देखेंगा की एक मर्द और औरत के बिच में प्यार कैसे होता हैं | जब तुम मुझे सेक्स के दरिया में डालोगे मेरे भाई| और फिर उसने जीजा के सामने देख के कहा| क्यूँ किरन तुम असली लंड से मुझे चुदते हुए देख के मुठ मारोगे ना अपनी लुल्ली की? तुम एक कौने में छिप के हम दोनों को देखना की कैसे दो बदन मिलते हैं ||
जीजा ने जो कहा वो मेरे लिए शोकिंग था| वो बोला” अरे कौने में क्यूँ मैं सामने बैठ के ही तुम दोनों का मिलन देख सकता हूँ ना? मैं भी इसके लंड को करीब से देखना चाहता हु मेरी जान| मैं अपने हाथ से उसके लंड को तुम्हारी पुसी में रखूँगा ना|
अंशी ने चिल्ला के कहा” नहीं साले कुत्ते तू हम से दूर रहैं |गा| साले हरामी तू क्या देखेगा लंड को| तिन महीने में एक बार भी मुझे ढंग से चोद नहीं सका| लंड डाल के सू सू कर लेता हैं | भडवे| मेरा भाई मुझे चोदेगा आराम से और तू अपनी मुठ निकाल देना तोवेल के अन्दर जैसा तू बचपन से करता आया हैं | अपनी छुटकी लुल्ली से| चाहिए तो तू भी मेरे भाई के लंड को थोड़ा चूस लेना ताकि तेरे लंड में भी कुछ कुछ असर आ जाए उसका”
जीजू ने गीली आँखों से कहा” लेकिन मैं तुम्हारा निकर तो उतार दू सिर्फ और तुम्हारी पुसी को उसके लिए नंगी कर दूँ| अंशी दीदी ने कहा ठीक हैं |” लेकिन मेरी चूत को टच करने की कोशिश भी मत करना| जीजू ने हां में अपनी मुंडी को हिलाई और वो मेरे सामने ही मेरी बहन को न्यूड करने लगा|
मैं वही खड़ा हुआ इस अजीब सिन को अपनी आँखों से देख रहा था| मेरा लंड अब खम्बा होने लगा था| जब दीदी का निकर उसके घुटनों के ऊपर था तो मेरा तम्बू बन चूका था| जीजा ने खड़े हुए मेरे कडक लंड को देखा और वो एक गन्दी स्माइल से हंस पड़ा धीरे से| और फिर उसने कहा” कहो तो इस मर्द की पेंट भी मैं ही निकाल दू? मैंने कहा ठीक हैं | जीजू और चाहो तो लंड की चुम्मी भी ले लेना| और फिर मैं तुम्हारी बीवी को मजे से चोदुंगा| जीजू ने मेरी पेंट उतारी और फिर अंडरवेर को भी| मेरे लंड को देख के उसके हाथ जैसे कांपने लगे थे|
उसने मेरे मोटे लंड के ऊपर हाथ लगाया और उसे टच कर के उसकी आँखों में एक चमक सी आ गई| अंशी दीदी ने भी शायद मेरे आने के लिए अपनी झांट बनाई हुई थी| उसकी चूत फूलों के जैसी सेक्सी लग रही थी| मेरे लंड को छोड़ के जीजा अब हमारे लिए वोडका लेने चला गया| और फिर उसने हम तीनो के लिए पेग बनाए| अंशी दीदी दीवान बेड के ऊपर जा बैठी और वोडका पिने लगी| मैंने और जीजा ने तो एक ही घोंट में सब वोडका पी ली| और फिर मैं अपनी बहन के पास चला गया बेड के ऊपर|
अंशी दीदी ने अपनी कमर को मोड़ के मेरे लंड के ऊपर अपनी उंगलिया रख दी| उसके हाथ में मेरी फेवरेट ग्रीन नेल पोलिश लगी हुई थी| वो लंड को एकदम प्यार से टच कर रही थी ऊपर से निचे तक| और फिर दीदी ने पुरे लंड को अपने हाथ की मुठ्ठी में दबा सा लिया|
वो बोली” वाह मेरे छोटे भाई तेरा लंड देख के आज तेरी बहन को जो सकून मिला हैं | वो मैं बता नहीं सकती हूँ| किरन की हाजरी से खलल तो नहीं होगा ना तेरे सेक्स में? वो तू कहैं |गा तब यहाँ से खिसक लेगा|
और फिर मेरा लंड उसकी पूरी लम्बाई में तन गया दीदी के हाथ में ही| अंशी दीदी ने अपनी टी शर्ट को ऊपर कर दिया और अपने सेक्सी बूब मुझे दिखाए| तभी किरन जीजा वहाँ से दूर चले गए और हम दोनों को एक कौने से देखने लगा| मैं दीदी के पास लेट गया और हम दोनों ने 69 पोजीशन बना ली| मैंने अपने चहरे को उसकी चूत में दफन कर लिया और वो मेरे लंड को अपने मुहं में भर के उसे चूसने लगी|
कुछ देर लंड चूस के मेरी दीदी एकदम चुदासी हो गई थी| वो मेरे लंड को अपनी प्यासी चूत के अन्दर डलवा लेना चाहती थी जल्दी से जल्दी अब| उसने मेरे लंड के मांस को खूब चूसा और अन्डो को हाथ में ले के दबाये| मैंने भी उसकी सेक्सी गांड को दबा दबा के उसकी चूत के जाम को पी लिया|
वो बोली” अपनी ऊँगली को मेरी गांड में डाल दो मजा आता हैं ||
मैंने उसकी बात मान ली और अपनी बड़ी ऊँगली को उसकी टाईट एसहोल में घुसा दी|
अपने मुहं से मेरा लंड निकाल के वो बोली” अह्ह्ह्ह अह्ह्ह यस और अन्दर डाल ना उसे मादरचोद|
मैंने कहा मेरी रंडी बहन के लिए कुछ भी” और तुम्हैं | मेरा लंड कहा चाहिए? तुमने गांड मरवाने का वादा किये भी काफी वक्त हो गया हैं ||
वो बोली” गांड में बाद में मेरी जान| पहले तो मेरी चूत की आग को शांत करो| तेरे रंडवे जीजा का पेनिस किसी काम का नहीं हैं || उसके पास तो मैंने ऊँगली से ही अपनी चूत को शांत करवाया हैं | अब तक| वो सिर्फ चूत को देख के लंड हिला सकता हैं | उसके अन्दर औरत को चोदने की ताकत ही नहीं हैं | जैसे| भाई तुम ही मेरे असली प्रेमी और मेरे पति हो| आज तुम ही मेरी चूत को खुश कर दो|
उसकी जबान मेरे लंड के ऊपर और भी जोर करने लगी थी और वो मेरे बॉल्स को भी जोर से मसल रही थी| सच में एकदम ही अलग फिलिंग थी| और फिर वो मुझे एकदम पागल के जैसे सक करने लगी थी| और मेरा लंड बड़ा होता ही गया जैसे आज तो| मैंने भी खूब खाई अपनी बहन की चूत को|
मेरे मुहं से निकला” ओह दीदी आज तो बड़ा मजा आ गया| अब चलो जल्दी से अपनी पुसी दे दो वरना मेरा पानी मुहं में ही निकल पड़ेगा|
वो निचे लेट गई और मैं उसके ऊपर चढ गया| मैंने उसकी गांड की फांक को हाथ से सहलाया| उसने अपनी टाँगे मेरे लिए खोल दी| और मेरे लंड के डंडे को वो अपनी चूत की दिवार के ऊपर ब्रशिंग करने लगी| उसकी चूत के अन्दर से प्यार के रस बहने लगे थे और उस फूली हुई चूत में जैसे लंड अपने आप ही घुस रहा था| मैंने उसे एक किस किया और अपने लंड के सुपाडे को उसके खुले हुए पुसी लिप्स में मारा| मैं ज्यादा वक्त लेना चाहता था एन्जॉय कर कर के|
जैसे ही उसको मेरे लंड का टच फिल हुआ अपनी चूत में वो बोल पड़ी” ओह भाई मुझे चोद दो”
मैंने धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूत में चलाना चालू कर दिया| और जब मेरा लंड उसकी क्लाइटोरिस के ऊपर टच होता था तो उसे बहुत ही अच्छा लगता था|
वो बोली” मनु मादरचोद मेरे भाई इतना क्यूँ तडपा रहैं | हो मुझे पता हैं | की अभी तो आधा लंड ही अन्दर डाला हैं || अपनी बहन की प्यासी चूत को और मत प्यासा रखो अपना पूरा लंड डाल के अपनी हॉट बहन को चोदो मेरे भाई|
ये सुन के मैंने अपने लंड के झटके बढ़ा दिये और पुरे लंड को अन्दर पेल के झटके देने लगा|
ये हुई ना बात” अब अच्छा लगा जब ये लंड मेरी चूत की गहराई में घुसा मेरे भाई” वो बोली| मैंने उसे धक्का दिया और पूरा लंड चूत में डाल के उसे किस करते हुए एकदम जंगली के जैसे उसे चोदने लगा| मैं जैसे कोई जानवर बन गया था अपनी बहन की चूत को चोदते हुए| मेरे लंड और उसकी चूत का ये मिलन सच में बहुत ही मिस किया था हम दोनों ने ही”
तभी मेरे बदन का खून एकदम गरम हो गया| लंड की नाली में वीर्य बह निकला था| मैंने लंड को अंदर पार्क कर दिया और बहन ने भी चूत के मसल को मेरे लंड के ऊपर दबा दिया| उसे भी पता लग गया था की मैं झड़ने को था| मैंने निचे झुक के उसके बड़े निपल्स को अपने मुहं में डाल के चूसे|
अंशी दीदी बोली” आवाज आ रही हैं | मेरे रंडवे पति की मुठ मारने की| वो साला हम दोनों को चोदते हुए देख रहा हैं || फिर वो बोली” तुम कहो तो उसका लंड भी डलवा लेती हूँ उसे भी अच्छा लगेगा| मैंने कहा जैसे तुम चाहो मेरी जान| अंशी दीदी ने आवाज लगाईं|” अरे ओ मेरे नामर्द पति आज बहती हुई चूत में तू भी अपना लोडा भिगो ले| मेरे भाई के लंड की वजह से आज तुझे चूत की गर्मी का अहसास होगा इसलिए उसका शुक्रिया कर और चोद ले आज मेरी हॉट चूत को|
मेरे जीजा का 4 इंच का लंड सेमी इरेक्ट सा लग रहा था| उसकी उंगलिया लंड के दोनों तरफ थी| वो हम दोनों को चोदते हुए देख के सच में अपना लंड ही हिला रहा था| फिर अंशी दीदी ने कहा मुझे चोदने से पहले तुम मेरे भाई के मर्द लंड को देखो” देखो वो कैसा लम्बा और मोटा हैं || तुम बादाम और घी दूध खाओ और ऐसे लंड बनाने की कोशिश करो” इस जनम में तो नहीं शायद अगले जनम में काम आये|
मैंने कहा मेरा पानी निकल जाए फिर तू चोदना” तब तक ऐसे ही मुठ मार| और फिर मैं जोर जोर से अपनी बहन को चोदने लगा| मैंने उसकी गांड के मांस को दबाया हुआ था और कस कस के उसे पेल रहा था| जैसे ही मेरा पानी निकला अंशी दीदी ने एक लम्बी सांस ली और वो भी साथ में ही झड़ गई| मैंने लंड बहार निकाला तो दीदी बोली” चूस मेरे भाई के लंड को और उसका पानी पी ले साले|
और सच में मेरे जीजा ने मेरे लंड को अपने मुहं में भर के लिक कर लिया| दीदी ने कहा” कैसे लगा गरम लोडा साले रंडवे| जीजा ने लंड के ऊपर लगे हुए सब रस को चाटा| लंड को एकदम साफ़ कर के फिर वो बोला” अब मैं डालूं अंदर|
मैंने कहा डाल देने दो ना इसे दीदी|
अंशी दीदी ने टाँगे खोली और मेरे जीजा ने अपने अधमरे से लंड से कुछ देर उसको चोदा| और दो मिनिट में ही उसका पानी निकला लेकिन वो एकदम पतला था जैसे उसके अन्दर स्पर्म थे ही नहीं|
मेरी दीदी ने कहा” देख इस लंड से मेरा क्या होना था तू ही बता”
मैं हंस पड़ा और बोला” जीजा आप हटो यार|
फिर मैं वापस से दीदी को किस करने लगा| दीदी ने भी लंड को पकड़ के हिलाया जिस से वो एक बार फिर से लम्बा और टाईट हो गया| अब की जीजा ने अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी वाइफ की चूत में सेट कर दिया| मैंने दीदी को कहा मेरे ऊपर सवारी नहीं करोगी डार्लिंग?
दीदी ने कहा अभी प्रेग्नन्सी में ये सब नहीं कर सकती मैं| लेकिन बच्चा होने के बाद फिर से वही लव बर्ड हैं | हम| अब ये सोच रहा हैं | की उसका ट्रान्सफर वही करवा लेगा| मम्मी के पास ही मैं कही घर ले लुंगी और फिर तुम मुझे रोज चोदना|
दीदी को रोज चोदने का ख़याल ही एकदम रोमांचित था| मेरा लंड उसकी चूत में जैसे अपने आप चलाने लगा था”””

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