जरा धीरे-धीरे डालना

antarvasna stories
नमस्कार मित्रो, मेरा नाम हिमांशु है। मैं हरियाणा के अम्बाला शहर का रहने वाला हूँ। मैं काफी समय से अन्तर्वासना पर सेक्स कहानिया पढ़ रहा हूँ जिनमें मुझे कुछ सच्ची तो कुछ झूठी लगीं।

आज मैं आप के सामने अपनी रियल सेक्स कहानी पेश करता हूँ। यह कहानी मेरी और मेरी मौसी की बेटी यानि मौसेरी बहन कनिका की है। कनिका देहरादून उत्तराखंड में रहती है और बहुत ही अच्छे स्वभाव की लड़की है। वो बी ए फाइनल इयर की पढ़ाई कर रही है।

बात उन दिनों की है.. जब वो बी ए के फर्स्ट इयर में थी.. तो मेरा अचानक उस के घर जाना हुआ क्योंकि मेरी मौसी जी की तबियत खराब हो गई थी।
कनिका मुझ से बहुत फ्रैंक थी.. जिस वजह से वो मुझ से सब बातें शेयर करती थी। मैं उस के बॉयफ्रेंड को भी जानता था तथा उस से कई बार मिला भी था। कनिका ने मुझे उस के बारे में कई बातें बताई थीं कि वो कैसे उस के नजदीक आने की कोशिश करता रहता था.. पर वो उसे ज्यादा नजदीक नहीं आने देती थी। उन दोनों के बीच थोड़ी बहुत चूमा चाटी ही होती थी बस! या बस एक दो बार उसने उस के चूचों को छुआ था. कनिका ने अपने बॉयफ्रेंड को इससे आगे बढ़ने नहीं दिया था.

मैं और कनिका रात में काफ़ी देर तक बातें करते रहते थे। जिस के कारण कभी कभी मैं रात को उसी के कमरे में सो जाता था.. क्योंकि हम भाई बहन लगते थे.. तो कोई कुछ कहता भी नहीं था।

एक रात सोने के बाद लगभग 2 बजे मेरी नींद खुली.. तो मैं पीने का पानी ढूँढने लगा। जब मुझे पानी की बोतल नहीं मिली तो मैंने लाइट ऑन की.. तो मैंने देखा कि कनिका की शर्ट उसके मम्मों के ऊपर आ गई है। उसने ब्रा नहीं पहनी थी तो उसकी नंगी चूचियां दिखाई दे रही थी. यह रंगीन दृश्य देख कर मेरी नीयत खराब होने लगी, मेरी कामुकता जागने लगी, मैंने तुरंत अपने मोबाइल का कैमरा ऑन किया और अपनी बहन की नंगी चूचियों की वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
फिर मैं काफी देर तक उसे देखता रहा.. मेरी बहन की चूचियां एकदम गोरी थी, चिकनी दिख रही थी, एक निप्पल भी दिख रहा था, निप्पल मटर के दाने जितना गुलाबी रंग का था. फिर मैंने रसोई में जाकर पानी पीया और वापिस आ कर सो गया।

सुबह मैं 5 बजे जब उठा तो मेरी आँखों के सामने वही रात वाला दृश्य नजर आ रहा था। अब मैं अपनी बहन के कपड़े ठीक करने लगा.. तो वो जाग गई और कहने लगी- क्या कर रहा है?
तो मैं उसे बताने लगा- तुम्हारी शर्ट ऊपर हो गई थी और तुम्हारी छाती दिख रही थी।
पहले तो वो शरमाई.. पर फिर उसने अपने कपडे ठीक किये और सब नार्मल हो गया।

मैं अगली रात को अपनी बहन की चूचियों का वीडियो देख रहा था.. तो अचानक वो आई और कहने लगी- भाई, क्या देख रहा है?
तो मैंने कह दिया- वीडियो..
तो वो कहने लगी- मुझे भी देखना है..
मुझे मस्ती सूझी और मैंने उसे उसी का सेक्सी वीडियो दिखाना शुरू किया। वो अपनी चुचियों की वीडियो देख कर गुस्सा हो गई.. तो मैं उसे मनाने लग गया।

मैंने उससे मजाक में कह दिया- अरे यार, मैं तुम्हें पसंद करता हूँ.. तो तुम्हें देख रहा था।
तो वो कहने लगी- हम भाई-बहन हैं.. जो तुम सोच रहे हो.. वो गलत है।

मेरी बहन की जवानी पर नीयत तो मेरी पहले ही खराब थी और मुझे लगा कि इसको चोदने का काम बन सकता है.. तो मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और उसके गले पर किस कर दिया। वो एकदम से डर गई और मुझ से छूटने की कोशिश करने लगी। पर हम हरियाणा के जाट भाई.. ऐसे कहाँ छोड़ने वाले थे।

पर तभी उसका छोटा भाई आ गया.. तो मैंने उसे छोड़ दिया और वो बाहर वाले कमरे में चली गई। उसके पीछे पीछे मैं भी बाहर चला गया। मैं उस के पास बैठ गया और उस से बात करने लगा। पर वो मेरी किसी भी बात का कोई जवाब नहीं दे रही थी। लगा रहा था कि वो मुझसे काफी नाराज है.
फिर मैंने उससे माफ़ी मांगी और हम फिर से कमरे में आ गए।

तब तक सब अपने कमरों में जा चुके थे। फिर कमरे में आते ही मैं उसे नॉनवेज जोक्स सुनाने लगा। थोड़ी देर में वो मेरी बातों से गर्म हो गई और तेज तेज साँसें लेने लगी।
मैं समझ गया कि मेरी बहन अब गर्म हो गई है.. तो मैं उस के और पास को हो कर बैठ गया और उस की जांघ पर हाथ रख दिया।

तो उसने मेरा हाथ एकदम से हटा दिया. तब मैंने फिर से उस के गले पर किस करना चालू कर दिया। इस बार वो अधिक विरोध नहीं कर रही थी.. तो मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए। वो हल्का सा विरोध करने लगी तो मैंने उसके चूचों पर हाथ रख दिया और उन्हें दबाने लगा। वो फिर भी नाम मात्र का विरोध करती रही.. पर थोड़ी देर में वो गर्म हो गई और मेरा साथ देने लगी। उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और फ्रेच किस करने लगी.

फिर मैंने उस की शर्ट में हाथ डाल दिया। अब मैं उस की ब्रा के ऊपर से ही उस के चूचे दबाने लगा.. क्योंकि हमारा कमरा तो फर्स्ट फ्लोर पर था और बाक़ी सभी के कमरे ग्राउंड फ्लोर पर थे। इसलिए हमें कोई डर भी नहीं था।

फिर मैंने उस की शर्ट निकाल दी और ब्रा के ऊपर ही अपना मुँह रख दिया। उस ने कामुकता के वशीभूत हो कर मेरा मुँह अपने चूचों में दबा लिया। मैंने उस की ब्रा भी निकाल दी। उस के नंगे चूचे देख कर मैं पागल हो गया. आज उसके उरोज कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रहे थे। मैंने जब उन पर हाथ रखा.. तो बस पागल हो गया। उस के मम्मे छोटे-छोटे थे.. पर सख्त थे।

मैंने उस को बिस्तर पर लिटाया और अपनी बहन के मम्मों पर टूट पड़ा। मैं उस के मम्मे काफी तेज दबा रहा था.. तो उसे दर्द हो रहा था, वो बोल रही थी- भाई, आराम से दबाओ…
पर मैंने उसकी एक न सुनी और अपनी बहन की चूचियों का मजा लेने में लगा रहा।

अब मैं उसके मम्मों से नीचे आया और उसके पेट से होता हुआ उस की नाभि तक आ गया। मैंने उस की नाभि में जीभ घुसा दी.. वो ‘सी सी…’ की आवाजें निकालने लगी। फिर मैंने उस के पजामे में हाथ डाल दिया तो मुझे पता चला कि चूत से निकलने वाले काम रस से इस की पैन्टी गीली हो गई है।

मैंने उस का पजामा निकाल दिया.. फिर तुरंत ही मैंने उस की पैंटी भी निकाल दी। मैं तो उस की कच्ची चूत देख कर पागल ही हो गया.. उस की चूत पर छोटे छोटे से भूरे रेशमी से बाल थे.. वो चमक रहे थे।

तभी मैंने अपना मुँह उस की चूत पर लगा दिया.. वो चिहुँक उठी और मेरा मुँह अपनी चूत में दबाने लगी। मैं तब तक उस की चूत चाटता रहा.. जब तक वो ठंडी नहीं हो गई। मैं उस का सारा रस पी गया था।
अब मैं उठा और अपने सारे कपड़े निकाल दिए और पूरा नंगा हो गया.

उस की नजर सीधे मेरे लंड पर गई.. जिसे देख कर वो डर गई क्योंकि मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। तब मैंने अपना लंड उसके हाथ में दे दिया.. तो वो उसे हिलाने लगी।
मैंने उसे चूसने को कहा.. तो उसने मेरा लंड मुंह में ले कर चूसना शुरू कर दिया।
हाय… मैं तो मानो सातवें आसमान पर था। मेरी सिसकारियां निकलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूस यार कनिका… मजा आ रहा है.
थोड़ी देर में मेरा वीर्य निकल गया.. जो मैंने उसने मुँह में ही छोड़ा। वो एकदम से उठी और बाथरूम में जाकर मेरा वीर्य थूक कर आई और कुल्ला करके अपने मुख को साफ़ भी किया.

फिर थोड़ी देर हम लेटे रहे.. कुछ समय बाद जब मेरे लण्ड में दुबारा जान आई.. तो मैं उस की टाँगों के बीच गया और बहन की चूत का मुँह खोल कर देखने लगा.. क्योंकि मैं पहली बार सेक्स कर रहा था.. तो मैंने अन्दाजे से अपना लंड चूत पर रखा और बहुत सारा थूक लंड पर मल दिया।

मैंने लंड का सुपारा चूत की दरार में लगा कर थोड़ा जोर लगाया.. तो लण्ड फिसल गया.. वो हँसने लगी। फिर उसने ही मेरा लण्ड अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखा और अन्दर डालने को कहा.. तो मैंने फिर से जोर लगाया। इस बार लंड उसकी चूत में थोड़ा सा घुस गया.

क्योंकि हम दोनों का पहला चोदन था.. तो हम दोनों को ही दर्द होने लगा.. पर मैं फिर भी जोर लगाता रहा। लंड अन्दर घुस ही नहीं रहा था। तो मैंने फिर से थोड़ा बाहर निकाला और फिर जोर से धक्का लगाया.. इस बार 3 इंच लंड अन्दर चला गया।

वो थोड़ा चिल्लाई.. तो मैं उसे किस करने लगा और फिर जोर से धक्का लगाया। इस बार पूरा लण्ड अन्दर चला गया। उसकी चीख मेरे मुँह में घुट कर रह गई.. पर उसकी आँखों से लगातार आंसू निकल रहे थे। मैं कुछ समय रुक गया.. तो थोड़ी देर में वो अपनी गाण्ड हिलाने लगी।

मैंने उसकी हरी झण्डी समझ कर धक्के लगाना शुरू कर दिए, वो “आह.. आह.. अह..” की आवाजें निकालने लगी। सारा कमरा उसकी आवाजों और लण्ड और चूत की थापों से गूँज रहा था।
फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरी कमर में नाख़ून गड़ा दिए और जोर जोर से गाण्ड हिलाने लगी.. तब मुझे लगा कि इसका होने वाला है.. तो मैं भी जोर जोर से धक्के मारने लगा।

फिर उसका छूट गया और 5 मिनट बाद मैं भी उसकी चूत के अन्दर फारिग हो गया। उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव झलक रहे थे।

फिर 5 मिनट बाद हम उठे और देखा कि सारे बिस्तर पर खून ही खून फैला है। किसी को इस बारे में पता न चले.. इसलिए हमने अपने कपड़े ठीक किए और चादर धोने चले गए। फिर कमरे में आकर दूसरी चादर बिछाई और फिर से चुदाई के काम पर लग गए।

उस रात हमने दो बार और चुदाई की और मैंने हर बार वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ा।

जब सुबह उठे तो उसने अपनी एक सहेली को फ़ोन किया.. जिसके पापा केमिस्ट थे और उसे अनवांटेड-72 लाने को कहा। वो थोड़ी देर में गोली ले आई और कनिका ने वो खा ली।

फिर उसने अपनी सहेली मनीषा को पूरी कहानी बताई। मनीषा की नजरें मेरे लौड़े पर थीं।

नमस्कार मित्रो, मेरा नाम हिमांशु है। मैं हरियाणा के अम्बाला शहर का रहने वाला हूँ। मैं काफी समय से अन्तर्वासना पर सेक्स कहानिया पढ़ रहा हूँ जिनमें मुझे कुछ सच्ची तो कुछ झूठी लगीं।

आज मैं आप के सामने अपनी रियल सेक्स कहानी पेश करता हूँ। यह कहानी मेरी और मेरी मौसी की बेटी यानि मौसेरी बहन कनिका की है। कनिका देहरादून उत्तराखंड में रहती है और बहुत ही अच्छे स्वभाव की लड़की है। वो बी ए फाइनल इयर की पढ़ाई कर रही है।

बात उन दिनों की है.. जब वो बी ए के फर्स्ट इयर में थी.. तो मेरा अचानक उस के घर जाना हुआ क्योंकि मेरी मौसी जी की तबियत खराब हो गई थी।
कनिका मुझ से बहुत फ्रैंक थी.. जिस वजह से वो मुझ से सब बातें शेयर करती थी। मैं उस के बॉयफ्रेंड को भी जानता था तथा उस से कई बार मिला भी था। कनिका ने मुझे उस के बारे में कई बातें बताई थीं कि वो कैसे उस के नजदीक आने की कोशिश करता रहता था.. पर वो उसे ज्यादा नजदीक नहीं आने देती थी। उन दोनों के बीच थोड़ी बहुत चूमा चाटी ही होती थी बस! या बस एक दो बार उसने उस के चूचों को छुआ था. कनिका ने अपने बॉयफ्रेंड को इससे आगे बढ़ने नहीं दिया था.

मैं और कनिका रात में काफ़ी देर तक बातें करते रहते थे। जिस के कारण कभी कभी मैं रात को उसी के कमरे में सो जाता था.. क्योंकि हम भाई बहन लगते थे.. तो कोई कुछ कहता भी नहीं था।

एक रात सोने के बाद लगभग 2 बजे मेरी नींद खुली.. तो मैं पीने का पानी ढूँढने लगा। जब मुझे पानी की बोतल नहीं मिली तो मैंने लाइट ऑन की.. तो मैंने देखा कि कनिका की शर्ट उसके मम्मों के ऊपर आ गई है। उसने ब्रा नहीं पहनी थी तो उसकी नंगी चूचियां दिखाई दे रही थी. यह रंगीन दृश्य देख कर मेरी नीयत खराब होने लगी, मेरी कामुकता जागने लगी, मैंने तुरंत अपने मोबाइल का कैमरा ऑन किया और अपनी बहन की नंगी चूचियों की वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
फिर मैं काफी देर तक उसे देखता रहा.. मेरी बहन की चूचियां एकदम गोरी थी, चिकनी दिख रही थी, एक निप्पल भी दिख रहा था, निप्पल मटर के दाने जितना गुलाबी रंग का था. फिर मैंने रसोई में जाकर पानी पीया और वापिस आ कर सो गया।

सुबह मैं 5 बजे जब उठा तो मेरी आँखों के सामने वही रात वाला दृश्य नजर आ रहा था। अब मैं अपनी बहन के कपड़े ठीक करने लगा.. तो वो जाग गई और कहने लगी- क्या कर रहा है?
तो मैं उसे बताने लगा- तुम्हारी शर्ट ऊपर हो गई थी और तुम्हारी छाती दिख रही थी।
पहले तो वो शरमाई.. पर फिर उसने अपने कपडे ठीक किये और सब नार्मल हो गया।

मैं अगली रात को अपनी बहन की चूचियों का वीडियो देख रहा था.. तो अचानक वो आई और कहने लगी- भाई, क्या देख रहा है?
तो मैंने कह दिया- वीडियो..
तो वो कहने लगी- मुझे भी देखना है..
मुझे मस्ती सूझी और मैंने उसे उसी का सेक्सी वीडियो दिखाना शुरू किया। वो अपनी चुचियों की वीडियो देख कर गुस्सा हो गई.. तो मैं उसे मनाने लग गया।

मैंने उससे मजाक में कह दिया- अरे यार, मैं तुम्हें पसंद करता हूँ.. तो तुम्हें देख रहा था।
तो वो कहने लगी- हम भाई-बहन हैं.. जो तुम सोच रहे हो.. वो गलत है।

मेरी बहन की जवानी पर नीयत तो मेरी पहले ही खराब थी और मुझे लगा कि इसको चोदने का काम बन सकता है.. तो मैंने उसे अपनी ओर खींच लिया और उसके गले पर किस कर दिया। वो एकदम से डर गई और मुझ से छूटने की कोशिश करने लगी। पर हम हरियाणा के जाट भाई.. ऐसे कहाँ छोड़ने वाले थे।

पर तभी उसका छोटा भाई आ गया.. तो मैंने उसे छोड़ दिया और वो बाहर वाले कमरे में चली गई। उसके पीछे पीछे मैं भी बाहर चला गया। मैं उस के पास बैठ गया और उस से बात करने लगा। पर वो मेरी किसी भी बात का कोई जवाब नहीं दे रही थी। लगा रहा था कि वो मुझसे काफी नाराज है.
फिर मैंने उससे माफ़ी मांगी और हम फिर से कमरे में आ गए।

तब तक सब अपने कमरों में जा चुके थे। फिर कमरे में आते ही मैं उसे नॉनवेज जोक्स सुनाने लगा। थोड़ी देर में वो मेरी बातों से गर्म हो गई और तेज तेज साँसें लेने लगी।
मैं समझ गया कि मेरी बहन अब गर्म हो गई है.. तो मैं उस के और पास को हो कर बैठ गया और उस की जांघ पर हाथ रख दिया।

तो उसने मेरा हाथ एकदम से हटा दिया. तब मैंने फिर से उस के गले पर किस करना चालू कर दिया। इस बार वो अधिक विरोध नहीं कर रही थी.. तो मैंने उसके होंठों पर होंठ रख दिए। वो हल्का सा विरोध करने लगी तो मैंने उसके चूचों पर हाथ रख दिया और उन्हें दबाने लगा। वो फिर भी नाम मात्र का विरोध करती रही.. पर थोड़ी देर में वो गर्म हो गई और मेरा साथ देने लगी। उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी और फ्रेच किस करने लगी.

फिर मैंने उस की शर्ट में हाथ डाल दिया। अब मैं उस की ब्रा के ऊपर से ही उस के चूचे दबाने लगा.. क्योंकि हमारा कमरा तो फर्स्ट फ्लोर पर था और बाक़ी सभी के कमरे ग्राउंड फ्लोर पर थे। इसलिए हमें कोई डर भी नहीं था।

फिर मैंने उस की शर्ट निकाल दी और ब्रा के ऊपर ही अपना मुँह रख दिया। उस ने कामुकता के वशीभूत हो कर मेरा मुँह अपने चूचों में दबा लिया। मैंने उस की ब्रा भी निकाल दी। उस के नंगे चूचे देख कर मैं पागल हो गया. आज उसके उरोज कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रहे थे। मैंने जब उन पर हाथ रखा.. तो बस पागल हो गया। उस के मम्मे छोटे-छोटे थे.. पर सख्त थे।

मैंने उस को बिस्तर पर लिटाया और अपनी बहन के मम्मों पर टूट पड़ा। मैं उस के मम्मे काफी तेज दबा रहा था.. तो उसे दर्द हो रहा था, वो बोल रही थी- भाई, आराम से दबाओ…
पर मैंने उसकी एक न सुनी और अपनी बहन की चूचियों का मजा लेने में लगा रहा।

अब मैं उसके मम्मों से नीचे आया और उसके पेट से होता हुआ उस की नाभि तक आ गया। मैंने उस की नाभि में जीभ घुसा दी.. वो ‘सी सी…’ की आवाजें निकालने लगी। फिर मैंने उस के पजामे में हाथ डाल दिया तो मुझे पता चला कि चूत से निकलने वाले काम रस से इस की पैन्टी गीली हो गई है।

मैंने उस का पजामा निकाल दिया.. फिर तुरंत ही मैंने उस की पैंटी भी निकाल दी। मैं तो उस की कच्ची चूत देख कर पागल ही हो गया.. उस की चूत पर छोटे छोटे से भूरे रेशमी से बाल थे.. वो चमक रहे थे।

तभी मैंने अपना मुँह उस की चूत पर लगा दिया.. वो चिहुँक उठी और मेरा मुँह अपनी चूत में दबाने लगी। मैं तब तक उस की चूत चाटता रहा.. जब तक वो ठंडी नहीं हो गई। मैं उस का सारा रस पी गया था।
अब मैं उठा और अपने सारे कपड़े निकाल दिए और पूरा नंगा हो गया.

उस की नजर सीधे मेरे लंड पर गई.. जिसे देख कर वो डर गई क्योंकि मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है। तब मैंने अपना लंड उसके हाथ में दे दिया.. तो वो उसे हिलाने लगी।
मैंने उसे चूसने को कहा.. तो उसने मेरा लंड मुंह में ले कर चूसना शुरू कर दिया।
हाय… मैं तो मानो सातवें आसमान पर था। मेरी सिसकारियां निकलने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… चूस यार कनिका… मजा आ रहा है.
थोड़ी देर में मेरा वीर्य निकल गया.. जो मैंने उसने मुँह में ही छोड़ा। वो एकदम से उठी और बाथरूम में जाकर मेरा वीर्य थूक कर आई और कुल्ला करके अपने मुख को साफ़ भी किया.

फिर थोड़ी देर हम लेटे रहे.. कुछ समय बाद जब मेरे लण्ड में दुबारा जान आई.. तो मैं उस की टाँगों के बीच गया और बहन की चूत का मुँह खोल कर देखने लगा.. क्योंकि मैं पहली बार सेक्स कर रहा था.. तो मैंने अन्दाजे से अपना लंड चूत पर रखा और बहुत सारा थूक लंड पर मल दिया।

मैंने लंड का सुपारा चूत की दरार में लगा कर थोड़ा जोर लगाया.. तो लण्ड फिसल गया.. वो हँसने लगी। फिर उसने ही मेरा लण्ड अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखा और अन्दर डालने को कहा.. तो मैंने फिर से जोर लगाया। इस बार लंड उसकी चूत में थोड़ा सा घुस गया.

क्योंकि हम दोनों का पहला चोदन था.. तो हम दोनों को ही दर्द होने लगा.. पर मैं फिर भी जोर लगाता रहा। लंड अन्दर घुस ही नहीं रहा था। तो मैंने फिर से थोड़ा बाहर निकाला और फिर जोर से धक्का लगाया.. इस बार 3 इंच लंड अन्दर चला गया।

वो थोड़ा चिल्लाई.. तो मैं उसे किस करने लगा और फिर जोर से धक्का लगाया। इस बार पूरा लण्ड अन्दर चला गया। उसकी चीख मेरे मुँह में घुट कर रह गई.. पर उसकी आँखों से लगातार आंसू निकल रहे थे। मैं कुछ समय रुक गया.. तो थोड़ी देर में वो अपनी गाण्ड हिलाने लगी।

मैंने उसकी हरी झण्डी समझ कर धक्के लगाना शुरू कर दिए, वो “आह.. आह.. अह..” की आवाजें निकालने लगी। सारा कमरा उसकी आवाजों और लण्ड और चूत की थापों से गूँज रहा था।
फिर थोड़ी देर बाद उसने मेरी कमर में नाख़ून गड़ा दिए और जोर जोर से गाण्ड हिलाने लगी.. तब मुझे लगा कि इसका होने वाला है.. तो मैं भी जोर जोर से धक्के मारने लगा।

फिर उसका छूट गया और 5 मिनट बाद मैं भी उसकी चूत के अन्दर फारिग हो गया। उसके चेहरे पर संतुष्टि के भाव झलक रहे थे।

फिर 5 मिनट बाद हम उठे और देखा कि सारे बिस्तर पर खून ही खून फैला है। किसी को इस बारे में पता न चले.. इसलिए हमने अपने कपड़े ठीक किए और चादर धोने चले गए। फिर कमरे में आकर दूसरी चादर बिछाई और फिर से चुदाई के काम पर लग गए।

उस रात हमने दो बार और चुदाई की और मैंने हर बार वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ा।

जब सुबह उठे तो उसने अपनी एक सहेली को फ़ोन किया.. जिसके पापा केमिस्ट थे और उसे अनवांटेड-72 लाने को कहा। वो थोड़ी देर में गोली ले आई और कनिका ने वो खा ली।

फिर उसने अपनी सहेली मनीषा को पूरी कहानी बताई। मनीषा की नजरें मेरे लौड़े पर थीं।

कुछ समय बाद मैं अपने घर आ गया.. पर उसकी फ्रेंड मनीषा का नंबर ले लिया और उससे बातें करने लगा।

उसको मैंने कैसे चोदा.. ये बाद में लिखूंगा.. तब तक के लिए नमस्कार।

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