loading...

चुत चुदाई की दास्तां-13

Hindi sex story, hindi sex kahani, rialkahani,bhabhi ki chudai

अब तक आपनेंं इस सेक्सी स्टोरी में जाना था कि संजय अपनी मुँहबोली बहन की कमसिन लड़की पूजा के साथ अपनेंं वासना का खेल शुरू करनेंं वाला थाl
अब आगे..

संजय को देख कर पूजा नेंं हल्की सी मुस्कान दी- क्या हुआ.. क्यों मुस्कुरा रही है?
पूजा- मामू अब पढ़ाई बहुत हो गई.. अब हम थोड़ा रेस्ट करेंगे ना?
संजय- हाँ तो कर लो किसनेंं रोका हैl
पूजा- मामू आप कल की तरह वहाँ कुर्सी पर रेस्ट करो ना.. साथ में मुझे भी झूला झुला देनाl

संजय नेंं मन में कहा कि साली इत्ती सी है.. मगर इसको मज़ा पूरा चाहिए.. इसको नहीं मालूम कि जब मेरा लंड घुसेगा.. ये मज़ा इसकी सज़ा बन जाएगीl
पूजा- क्या सोचनेंं लगे आप आओ नाl

संजय नेंं दरवाजा बंद किया और कल की तरह लाइट ऑफ कर दीl

पूजा- वाउ मामू आप ग्रेट हो.. आज भी आप कल की तरह मज़ा दोगे ना?
संजय- हाँ मेरी जान.. आज तुझे उससे भी अच्छा मज़ा दूँगा आ जा जल्दी से!
पूजा- मगर मामू आज भी अगर सूसू आया तो मुझे छोड़ देना.. मैं भाग कर बाथरूम में चली जाऊंगीl
संजय- नहीं पूजा वो सूसू नहीं होता है वो मज़ा रस होता है.. तुम सोचो अगर सूसू होता तो मेरे भी सारे कपड़े गंदे हो जाते ना कल!
पूजा- हाँ मामू.. मैंनेंं कल सोचा कि वो इतना ज़्यादा भी नहीं आया था.. ये मज़ा रस क्या होता है मामू?
संजय- ये तुझे बाद में समझा दूँगा.. अभी तो आ जा.. झूले का मज़ा ले ले और हाँ.. आज तू अपनी चड्डी निकाल कर बैठना.. नहीं तो कल की तरह फिर गंदी हो जाएगीl
पूजा- हाँ मामू सही है.. मगर चड्डी नहीं होगी तो आपके कपड़े गंदे होंगे ना?
संजय- अरे मेरे होंगे तो होनेंं दे.. मैं तो यहीं रहता हूँ, तुझे घर जाना होगा.. तेरी मॉम को पता लगेगा तो गुस्सा करेगीl
पूजा- हाँ सही है मामू.. वैसे मेरी कल वाली चड्डी कहाँ है मामू?

पूजा की बात सुनकर संजय को रात की बात याद आ गई.. जब वो टीना को चोद कर वापस घर आया थाl उसका लंड फिर खड़ा हो गया था तब उसनेंं पूजा की चड्डी पर मुठ मारी थी, तब कहीं उसको सुकून आया थाl

पूजा- मामू बताओ ना.. आप बार-बार कहाँ खो जाते हो?
संजय- अरे वो मैंनेंं धोकर सुखा दी है.. तू जाते टाइम ले जानाl
पूजा- ठीक है मामू.. चलो अब बैठ जाओ, मैं भी चड्डी निकाल कर आती हूँl

संजय कुर्सी पर बैठ गया, उसनेंं बरमूडा नीचे कर लिया और पूजा को उल्टा ही पास आनेंं को कहा ताकि उसको लंड दिखाई ना देl

वैसे तो लाइट बंद थी.. मगर दिन की रोशनी अलग ही होती है ना, कितना भी लाइट बुझाओ थोड़ा बहुत तो दिख ही जाता हैl

जैसा संजय नेंं कहा.. पूजा उल्टे पाँव उसके पास आ गईl जब वो बैठनेंं लगी संजय नेंं उसका स्कर्ट ऊपर कर दिया और उसको कल की तरह बैठा लियाl अब लंड सीधे चुत से टकराया तो पूजा सिहर उठीl
पूजा- इससस्स उफ़फ्फ़ मामू आपकी गोद में आज ये गर्म-गर्म क्यों लगा?
संजय- तूनेंं चड्डी नहीं पहनी ना इसलिए.. अब बोल मत बस मज़ा लेl

संजय का लंड भी कुँवारी चुत की गर्मी महसूस कर रहा थाl अब वो धीरे-धीरे कुर्सी हिलानेंं लगा और लंड को चुत पर घिसनेंं लगा थाl

पूजा- सस्स आह.. मामू आज तो आह.. कल से भी ज़्यादा मज़ा आ रहा है उम्म्ह… अहह… हय… याह… उफ़ जोर-जोर से हिलाओ ना आह.. मज़ा आ रहा हैl

संजय को खुद बहुत मज़ा आ रहा था वो और तेज कुर्सी हिलानेंं लगाl

पूजा मज़े से सिसकियां ले रही थी.. अब तो संजय का लंड भी बहुत गर्म हो गया था.. उसमें से बूंदें यानि प्रीकम बाहर आनेंं लगा थाl यही हाल पूजा का था उसकी चुत भी पानी छोड़नेंं लगी थीl

पूजा- आह.. उफ़फ्फ़ ससस्स मामू आह.. बहुत मज़ा आ रहा है आह.. सस्स..
संजय धीरे से बोला- रानी अभी ये मज़ा ले ले.. फिर तुझे चोद कर असली मज़ा दूँगाl

मज़ा लेते हुए पूजा को जाँघों पर चिपचिपा सा लगा तो उसनेंं आगे हाथ डाल कर चैक किया और जैसे ही उसनेंं नीचे हाथ दिया.. संजय का लंड उसके हाथ में आ गया, जोकि लोहे जैसा सख़्त और गर्म थाl लंड का स्पर्श पाते ही वो घबरा गई और जल्दी से उठ गईl

संजय को कुछ करनेंं का मौका भी नहीं मिला.. अब तक पूजा पलट गई थी और उसनेंं लंड महाराज के दर्शन कर लिएl
पूजा- ऊऊ बाप रे.. मामू अपनेंं भी चड्डी निकाली हुई है और आपकी फुन्नी कितनी बड़ी हैl

संजय इस हमले से बौखला गया मगर फ़ौरन उसनेंं अपनेंं आपको संभाल लियाl
संजय- अरे तू उठ क्यों गई.. ऐसे मैंनेंं चड्डी इसलिए निकाली कि तेरे मज़ा रस से ये खराब ना होl
पूजा- वो तो ठीक है मामू मगर आपकी फुन्नी आर्यन से कितनी बड़ी और मोटी है!
संजय- तूनेंं कब देखी आर्यन की फुन्नी?
पूजा- मॉम उसको नहलाती हैं.. तब मैंनेंं कई बार देखीl
संजय- अरे वो छोटा है ना.. इसलिए उसकी छोटी है और मैं बड़ा हो गया हूँ इसलिए मेरी बड़ी है, चल अब आजा बैठ जाl
पूजा- मामू कल आपकी फुन्नी मुझे चुभ रही थी ना और ये इतनी गर्म क्यों है?
संजय- अरे पगली कल भी यही थी और ये तो गर्म ही रहती है.. तेरी फुन्नी भी तो गर्म है.. हाथ लगा के देख!

पूजा नेंं अपनी चुत पर हाथ लगा कर देखा वो भी कामवासना में जल रही थीl
पूजा- हाँ मामू, मेरी फुन्नी भी गरम हो रही है मगर ये ऐसे गर्म क्यों है?
संजय- अरे भोली गुड़िया जब मेरी फुन्नी और तेरी फुन्नी आपस में मिलती हैं ना.. तब ये गर्म होती हैं और तभी चुत रस एम्म.. मेरा मतलब है मज़ा रस बाहर आता हैl अब तू सवाल ही करती रहेगी या मज़ा भी लेगी!
पूजा- मामू आपकी फुन्नी और मेरी फुन्नी मिलती है तब मज़ा भी बहुत आता है इसी लिए मज़ा रस निकालता हैl
संजय- हाँ अब सुन तुझे और ज़्यादा मज़ा लेना है क्या?
पूजा- हाँ मामू मुझे बहुत.. बहुत सारा मज़ा लेना हैl
संजय- अच्छा फिर कुर्सी को जानेंं दे तू बिस्तर पर सीधी लेट जा, मैं मेरी फुन्नी को तेरी फुन्नी से अच्छे से मिलाऊंगा तब बहुत ज़्यादा मज़ा आएगाl

पूजा बेचारी मज़े की मारी संजय की बातों में आ गईl अब संजय के मज़े थे वो खुल कर मज़ा ले सकता थाl

संजय नेंं पूजा के पैर फैलाए और लंड को हाथ से पकड़ कर चुत पर घिसनेंं लगाl
पूजा- आह आह मामू सच्ची आह.. अब ज़्यादा मज़ा आ रहा है.. ससस्स उफ़फ्फ़ गुदगुदी हो रही है आह.. मेरा बदन भी आह.. मामू गर्म हो रहा हैl
संजय- आह.. मेरी पूजा आह.. तेरी चुत कितनी गर्म है आह.. बाहर लंड रगड़ रहा हूँ तो आह.. ये हाल है अन्दर जाएगा तो पता नहीं आह.. उफ़फ्फ़ जल ही जाएगाl

संजय धीरे से बोला था और जोर से भी बोलता तो भी शायद पूजा ध्यान नहीं देती, वो तो अपनेंं मज़े में आँखें बंद करके आहें भर रही थीl

संजय- आह.. आ पूजा तू बहुत प्यारी है उफ़ तेरी जैसी लड़की मेरे नसीब में आई आह.. शायद मैंनेंं आह.. कोई अच्छे कर्म किए होंगे आह.. ले आह.. मज़ा आ रहा है ना!
पूजा- ससस्स आह मामू बहुत मजा आ रहा है उफ़.. कल जैसे ही आह.. आज भी सूसू जैसा लग रहा है आह.. आह..

संजय के मन में ख्याल आया कि कच्ची कली का चुत रस कैसा होगा.. उसको तो टेस्ट करना चाहिएl ये सोच कर उसनेंं लंड से घिसाई बंद कर दीl

पूजा- उफ़ क्या हुआ मामू रुक क्यों गए आह.. कितना मज़ा आ रहा थाl
संजय- मेरी जान क्या तुझे इससे भी ज़्यादा मज़ा लेना है?
पूजा- हाँ, मामू लेना हैl
संजय- तो मेरी बात सुन अपनी आँखें बंद कर ले और कुछ भी हो जाए.. जब तक मैं ना कहूँ खोलना मतl
पूजा- ठीक है मामू मैं नहीं खोलूँगी आप बस मुझको मज़ा दोl
संजय- तो ठीक है अब देख ऐसा मज़ा दूँगा तू याद करेगी अपनेंं मामू कोl

पूजा नेंं कस कर आँखें बंद कर लीं और संजय कुत्ते की तरह अपनी जीभ से उसकी चुत को चाटनेंं लगाl वैसे तो वो किसी सील बंद तिजोरी की तरह थी, जीभ की नोक भी अन्दर नहीं जा पा रही थी.. मगर संजय नोक से उसको कुरेद रहा था और पूरी चुत को होंठों में दबा कर चूस रहा थाl

पूजा को तो जैसे दुनिया का सबसे हसीन तोहफा मिल गया थाl वो हवा में उड़नेंं लगी थी और उसका जिस्म आग की तरह तपनेंं लगाl

पूजा- आह आह आह सस्स मामू उफ़फ्फ़ ये क्या आह.. इतना मज़ा आह.. मेरी आह.. फुन्नी आह.. पता नहीं आह.. मामू उफ़फ्फ़..

मज़े और वासना के चलते पूजा कुछ बोल भी नहीं पा रही थी और संजय तो पक्का खिलाड़ी थाl उसनेंं ऐसी ज़बरदस्त चुत की चुसाई की कि बेचारी पूजा 3 मिनट भी नहीं टिक पाईl

पूजा- आह.. आईईइ मामू आह.. मैं आ गई आह.. मेरा आह.. जोर से करो आह.. जोर से करो आह.. मेरा मज़ा रस आह.. निकलनेंं वाला है उफ़ अफ आह.. एयाया आआ आह..

पूजा कमर को जोर-जोर से हिलानेंं लगी संजय नेंं उसकी टांगें कस के पकड़ी हुई थीं और वो अपनी बहन की बेटी की चुत के रस की एक बूँद भी वेस्ट नहीं करना चाहता थाl उसनेंं बड़े स्वाद से चुत को पूरा चाट कर साफ किया, फिर पूजा से कहा- अब आँखें खोलोl

पूजा के जिस्म से तो जैसे किसी नेंं सारा खून निचोड़ लिया हो.. वो एकदम बेजान सी हो गई थीl

पूजा- उफ़ मामू सच्ची आज तो बहुत मज़ा आया आह.. ओह मामू आई लव यूl
संजय- आई लव यू टू बेबी मेरे साथ रहोगी तो ऐसे ही मज़ा देता रहूँगाl

पूजा को ना जानेंं क्या याद आया.. उसनेंं नीचे देखा और अपनी चुत को भी हाथ लगा कर चैक कियाl

उधर संजय का लंड तो लोहे जैसा सख़्त हो रहा थाl वो सोच रहा था कि अब इसे कैसे शांत करूँ, तभी उसकी मुश्किल पूजा नेंं आसान कर दीl

पूजा- मामू अपनेंं तो मेरी फुन्नी को चाट के साफ कर दिया और सारा मज़ा रस भी पी गए.. आपको घिन नहीं आई फुन्नी चाटनेंं से?
संजय- तुझे कैसे पता मैंनेंं चाटा है?
पूजा- मामू मेरी आँखें बंद थीं.. मगर इतना तो फील हुआ कि आप चाट रहे हो.. सच्ची बहुत मज़ा आ रहा थाl
संजय- पूजा फुन्नी से कैसी घिन.. कोई सूसू थोड़े था जो घिन आती, वो तो मज़ा रस था उसमें बड़ा स्वाद होता हैl
पूजा- सच्ची ओह मामू आप सारा अकेले पी गए.. मुझे भी टेस्ट करना हैl

इतना सुनना था कि संजय की बांछें खिल गईं उसको अगला कदम साफ़ दिखनेंं लगा थाl

loading...

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *