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चलती ट्रेन में भाभी की चुदाई

  1. भाभी को चलती ट्रेन में चोदा:

Bhabhi hindi sex kahaniप्रिय पाठको, मैं राजू कुमार इस बार अपनी कहानी नहीं लिख रहा हूँ, मेरे एक मित्र की बड़ी तीव्र इच्छा थी कि उसकी सेक्सी कहानी मेरे द्वारा सम्पादित हो तो मैंने अपने दोस्त की इच्छा को मान कर इस सम्पादित करने का जिम्मा लिया है!
तो मेरे मित्र की जुबानी इस सेक्सी कहानी का मजा लें!

मैं सुनील नागपुर से हूँ, मेरा रंग गोरा और नार्मल बॉडी है और मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है जो किसी भी भाभी या लड़की को खुश कर सकता है।
मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज का नियमित पाठक हूँ।
आप सबकी सेक्सी कहानी पढ़ कर मैंने भी सोचा क्यों न अपनी भी स्टोरी लिखूं। यह मेरी पहली कहानी है, अगर कुछ गलती हो तो माफ़ करना।

2 साल पहले की बात है, मैं मेरी भाभी (बुआ की बहु) के साथ गाँव से वापस आ रहा था। भाभी का नाम रीता है, उम्र 32 साल, 34-30-38 उनका फिगर और एकदम गोरा भरा हुआ बदन!
काफी समय से भाभी को चोदने की इच्छा थी मेरी… मैं भाभी से और भाभी मुझसे काफी छेड़छाड़ करते थे, हम दोनों एक दूसरे के काफी क्लोज थे और अपनी सब पर्सनल बातें एक दूसरे से शेयर करते थे।

बात उस समय की है जब मैं गाँव प्रतापगढ़ गया था और भाभी भी आई हुई थी। मैंने सोचा कि भाभी के यहाँ चलता हूँ, अगर वो भी साथ चल रही होगीं तो साथ अच्छा रहेगा।
जब भाभी के घर पहुंचा तो पता चला भाभी भी नागपुर जाने वाली थी पर एक दिन बाद… तो मैंने भी एक दिन रुक कर भाभी के साथ ही जाने का मन बनाया।

अगले दिन जब मैं और भाभी और उनका 3 साल का लड़का गोलू प्रतापगढ़ पहुंचे तो मैंने स्लीपर बस की दो टिकेट ले ली। हमारी सीट सबसे पीछे थी, मैं काफी खुश था।
तो भाभी बोली- क्या बात है देवर जी, बहुत खुश हो?
तो मैं बोला- हाँ आज आप जैसी खूबसूरत भाभी के साथ सोने को मिलेगा।
भाभी हंसने लगी और बोली- चलो ठीक है, आज जितना मजा ले सकते हो ले लो अपनी भाभी से!

मैंने भाभी से कहा- आप गोलू को सुला दो।
भाभी बोली- ठीक है।

शाम 6 बजे से बस चली और 7 बजे तक हल्की हल्की ठण्ड लगने लगी।
मैंने भाभी से कहा- भाभी ठण्ड लग रही है।
भाभी के पास 2 शाल थी, एक भाभी ने गोलू को ओढ़ा दी और दूसरी मैंने और भाभी ने ओढ़ ली।
मैंने भाभी से कहा- भाभी, और ठण्ड लग रही है, क्या मैं आपसे चिपक जाऊँ?
भाभी मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा दी।

मैं भाभी से चिपक गया और भाभी की कमर में हाथ डाल कर सो गया।

रात 9 बजे बस रीवा पहुंची तो नींद खुली। वहाँ बस कुछ देर के रुकी, सबने कुछ खाया पीया और 30 मिनट में बस फिर चल पड़ी और ठण्ड भी अब ज्यादा लगने लगी। और मैं वापस वही पोजीशन में भाभी की कमर में हाथ डाल कर चिपक कर लेट गया और साइड का पर्दा लगा दिया जिससे कोई यह न देख पाए कि हम क्या क़र रहे हैं।

मैं धीरे धीरे भाभी के पैर में पैर डालकर सहलाने लगा। धीरे धीरे भाभी गर्म होने लगी।
फिर मैं भाभी के ब्लाउज के ऊपर से उनकी चूचियां दबाने लगा। भाभी के मुँह से सिसकारियां निकलने लगी और भाभी मुझसे और चिपकने लगी और एक हाथ मेरे शर्ट क अंदर हाथ डाल कर मेरे सीने को सहलाने लगी और दूसरे हाथ से मेरे लंड को दबाने लगी।

मैंने भाभी के ब्लाउज के बटन खोल दिए, भाभी ने शायद काली ब्रा पहनी थी और बहुत हॉट लग रही थी। मैंने भाभी की ब्रा को ऊपर करके उनकी चुची को आजाद कर दिया।

भाभी की चूचियां आजाद होते ही उछल कर बाहर आ गई, एकदम गोरी गोरी चूची और उनका काले रंग का निप्पल बहुत ही खूबसूरत था।
मैं एक चूची मुंह में लेकर चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा, भाभी की सिसकारी बढ़ने लगी।

फिर भाभी ने मेरे पैंट खोल कर मेरे लंड को बाहर निकाल लिया और देखने लगी और बोली- कितना बड़ा है और मस्त लंड है तुम्हारा, जो भी लड़की तुमसे शादी करेगी, खुश हो जाएगी तुम्हारे लंड से चुदवा चुदवा के!
तो मैंने भाभी से कहा- पहले तो आपको चोद चोद कर खुश करना है, कब से आपको चोदने की इच्छा थी।
भाभी बोली- आज पूरी कर लो अपनी इच्छा… आज की रात इस चलती बस में मैं तुम्हारी बीवी हूँ। और घर पर भी जब भी मौका मिलेगा मैं खुद तुमसे चुदव़ाऊँगी।

भाभी नीचे होकर मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी, मैं तो जन्नत की सैर करने लगा। भाभी मेरा लंड एकदम लोलीपोप की तरह चूस रही थी.

मैं भाभी की साड़ी को ऊपर क़रके उनकी चूत को सहलाने लगा। फिर मैंने भाभी की पेंटी को निकाल दिया और भाभी की चूत में उंगली डाली तो भाभी की चूत गीली थी।
मैंने भाभी की चूत को चूम लिया, भाभी की चूत पर हल्के हल्के बाल थे।

आप पढ़ रहे है भाभी को चलती ट्रेन में चोदा:

फिर मैं अपनी जीभ भाभी की चूत में डाल कर चूसने लगा, भाभी ‘आह आआह उह्ह्ह…’ करने लगी और मेरा मुंह अपनी चूत पर और दबाने लगी और कहने लगी- प्लीज, जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में डाल कर मेरी प्यास बुझा दो।

मैं अपना लंड भाभी की चूत में डाल कर चोदने लगा, भाभी की चूत कसी हुई थी, शायद काफी दिन से चुदी नहीं थी।
30-35 धक्के मारने के बाद भाभी झड़ गई और मुझसे चिपक गई, पर मेरा अभी नहीं हुआ था और मैं और जोर जोर से चोदने लगा।
10-15 धक्के मारने के बाद मेरा गिरने वाला था तो भाभी बोली- अंदर ही निकालना, मैं दवाई ले लूँगी।

मैंने अपना सारा माल भाभी की चूत में गिरा दिया और भाभी और मैंने अपने कपड़े ठीक किये और चिपक कर सो गये।

उस रात भाभी ने 2 बार मेरा लंड चूस चूस कर मेरा सारा वीर्य पीया और मैंने भी उनकी चूची को दबा दबा कर खूब पिया।

सुबह होने पर हम दोनों खूब खुश थे।

उस दिन के बाद मैंने कई बार भाभी के घर जाकर भाभी की चुदाई की और उनकी खूबसूरत गोरी चिकनी गांड भी मारी।

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