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“गांड में तेल लगाकर आना साली साहिबा

यह बात कुछ ऐसी है कि मैं जब अपनी बहन निशा की शादी अटेंड करनें गई और वहां मैंनें अपनें जीजू को निशा को चोदते हुए देख लिया और मैं तभी उनके मोटे लंड  की दीवानी हो गई! और उनको टोंट मारते हुए उनके साथ एक शर्त भी लगा दी! फिर जब जीजू मेरे घर जयपुर में रहनें आए तो मैं उनसे वहां अपनें पति की गैर हाजरी में चुद गई और बहुत बुरी तरह चुदी जिससे मेरी चीख निकल गई और मैं शर्त हार कर भी जीत गई थी|
दोस्तों! जीजू मेरी जिंदगी के दूसरे इंसान थे जिन्होंनें मुझे चोदा था! और मुझे चोद चोद कर मेरी चीखें निकाल दी थी| मेरी जिंदगी में मुझे सबसे पहले मेरे पति नें चोदा और फिर मैंनें अपनें जीजू की बाहों में पड़ी| पर हां जीजू नें मेरी चूत चोद कर फाड़ दी थी! और अब तो जीजू का आना जाना भी बहुत हुआ करता था| इसलिए मुझे तो बस अपनें जीजू के लंड लेनें का हर बार इंतजार रहा करता था|

जीजू और मेरे पति की भी बहुत अच्छी बननें लगी थी इसलिए मैं भी बहुत खुश थी और जब भी जीजू मेरे घर रहनें आते तो वह मुझे चोदे बिना कभी नहीं जाते थे|
जीजू जब भी मुझे चोदते थे तो मेरी गांड पर हाथ फेर फेर कर ऐसे दबाते कि मैं आपको क्या बताऊं? और यह कहते की क्या लाजवाब गांड है! मैं उनकी बात सुनकर हंस पड़ती| तो वह भी मुस्कुराते हुए बोलते! अब तो गांड मरवानें के लिए तैयार हो जा|

मैं  उनकी यह बात सुनकर डर गई! क्योंकि जीजू नें एक बार मेरी गांड में उंगली डाली थी! तो तब मेरी चीखें निकल गई थी| और अब तो मैं इस बात को सोच सोच कर डर रही थी| कि इतना मोटा लंड मेरी गांड में कैसे जाएगा? और चला भी गया तो मेरा क्या हाल होगा? मैं तो मर ही जाऊंगी|
कुछ महीनें तक जीजू घर भी नहीं आए और उनका जयपुर में कोई काम भी नहीं पड़ा इसलिए मैंनें भी इतना ध्यान नहीं दिया और मेरी चूत उनके लंड को लेनें के लिए तड़प रही थी| कुछ दिन बाद पता चला कि जीजू की बहन यानि मेरी बहन निशा की ननंद की शादी है और उसके लिए हमनें भी बुलाया गया है|
जिस दिन मुझे यह खबर मिली की शादी आ रही है तो मुझे लगा कि अब तो जीजू ही कार्ड देनें आएंगे और अगर तब चाहा तो मैं एक बार फिर उनसे चुद जाऊंगी! पर ऐसा हो नहीं पाया| क्योंकि जिस दिन जीजू घर पर शादी का कार्ड देनें आए! उस दिन मेरे पति भी घर पर थे! इसलिए मेरे सपनों पर पानी फिर गया|
अब जीजू और मेरे पति बातें मारनें लगे और मैं उनके लिए कॉफ़ी और कुछ स्नैक्स लेकर आई और उन्हें सर्व कर दी| फिर कुछ देर बाद जब वह जानें लगे तो मुझे शादी का कार्ड पकड़ाते हुए बोले शादी में जरूर आना और अपनी गांड पर तेल लगा कर आना|
मैं जब उनकी यह बात सुनी तो मैंनें यह बात हंसी में टाल दी और फिर जीजू भी वापस चले गए|
उनके जानें के बाद मैं तो बस यही सोचती रही कि कहीं वह सच में तो वहां मेरे साथ कुछ करेंगे? और अगर उन्होंनें वहां मेरी गांड मार दी तो मेरा क्या हाल होगा? पर जो भी है| मुझे तो मजे ही आनें थे इसलिए मैंनें इतना ज्यादा ध्यान नहीं दिया और शादी के दिन का इंतजार करनें लगी|
फिर जब शादी का दिन आया तो तैयार होनें लग गई और तैयार होते वक्त मुझे जीजू की बात याद आ गई कि मुझे अपनी गांड पर तेल लगाना है! इसलिए मैंनें तेल लिया और अपनी गांड में उंगली डालकर अंदर तक तेल डाल दिया और तैयार होनें लगी| अब मैं और पति घर से तैयार होकर जीजू के घर जानें के लिए निकल लिए|
मैं तो बस वहां पहुंचनें का इंतजार करती हुई मुस्कुरानें लगी! तो मेरे पति नें पूछा पिंकी क्या हुआ?
मैंनें उनकी यह बात सुनकर अपनी बात ही टाल दी और कोई जोक याद आ गया था यह बहाना लगा कर बात को टाल दिया|
अब तो मैं रास्ते की दूरी खत्म होते दिख रही थी और अपनी मंजिल तक पहुंचनें का इंतजार कर रही थी! फिर कुछ ही मिनटों बाद हम जीजू के घर पहुंच गए| और मैंनें देखा कि जीजू तो पहले से ही बाहर खड़े जैसे मेरा इंतजार कर रहे हो|
अब मैं और मेरे पति उनके पास पहुंचे! तो उन्होंनें मुझे देखकर आंख मार दी| तो मैंनें भी आंख मारनें का जवाब आंख मार कर दिया और मिलकर अंदर चले गए| सभी रिश्तेदारों से मिलनें के बाद अब जीजू नें मेरे पति को अपनें दोस्त के साथ किसी दूसरे शहर में सामान लेनें भेज दिया! और मेरे पास आकर बोले चल मेरे साथ|
मैंनें कहा जीजू  सब क्या कहेंगे? ऐसे जाना ठीक नहीं है|
पर जीजू तो मुझे पीछे के दरवाजे पर आनें का कह कर वहां से चले गए और मैं वहां बैठी उनकि इस बात को सोचती रही और कुछ देर तक ऐसे ही सोचनें के बाद खुद को ना कंट्रोल करते हुए दरवाजे पर चली गई|
मैं जब पीछे के दरवाजे पर पहुंची तो मैंनें देखा कि सामनें एक कार खड़ी है! जिसमें जीजू बैठे हैं| इसलिए मैं उसी कार की फ्रंट सीट पर जाकर बैठ गई| मेरे बैठते जीजू नें कार स्टार्ट की और वहां से निकलते हुए कार को रोड में ले आकर भगानें लगे|
अब मैं उनके साथ कार की फ्रंट सीट पर बैठी तो जीजू नें मेरे बूब्स पर हाथ फेरते हुए उसे दबाना शुरु कर दिया! पर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि हम जा कहां रहे थे? इसलिए मैंनें जीजू से पूछ लिया|
जीजू – ओ मेरी जान तुम्हें जन्नत की सैर करानें ले जा रहा हूं|
यह सुनकर मैं चुपचाप बैठ गयी| उन्होंनें अपनी कार एक खेत के किसी मकान के आगे जाकर रोक दी और फिर हम कार से उतरे और उन्होंनें लॉक खोल कर मुझे अंदर आनें को कहा|
मैं अब जैसे ही अंदर आई! उन्होंनें मुझे अपनी बाहों में भर लिया और मुझे चूमनें लगे| मैं भी उनका साथ देते हुए उन्हें बाहों में जकड़ कर साथ देनें लगी| क्योंकि मैं तो इसी दिन का इंतजार पता नहीं कब से कर रही थी! हम दोनों एक दूसरे को सहलाते जा रहे थे| फिर हमनें एक दूसरे के होठों को चूसा और फिर जीजू नें मुझे अपनी बाहों में भर कर मुझे अंदर एक कमरे में ले गए| जहां बेड था और वहां मुझे लेटा दिया|
मैं जब बेड पर लेटी तो मैंनें उनसे पूछा कि यह मकान किसका है?
तो वह बोले मेरे एक दोस्त का है जो अब तेरे पति को साथ में लेकर गया है ताकि मैं अपनी जान को जन्नत दिखा सकूं|
उनकी यह बात सुनकर मैं हंस पड़ी और हंसते हंसते बोल पड़ी वाह जीजू अपनी साली के लिए इतनी तड़प?
मेरी बात सुन कर दी वह भी मुस्कुरा उठे और मुझे किस करनें लगे| कीस का साथ मेंनें भी दीया और फिर जीजू नें अपनें कपड़े उतार दिये! और फिर साथ ही साथ मेरे सारे कपड़ों को मेरे जिस्म से  अलग कर दिया|
मैंनें इस बार अपनें पूरे जिस्म की वैक्सिंग करवाई थी क्योंकि मैं जानती थी कि इस बार मेरे जीजू की तड़प मुझे बहुत चोदनें वाली है! और चुदाई का और अच्छे से मजा लेनें के लिए मुझे यह करवाना चाहिए|
में जैसे ही उनके सामनें बिल्कुल नंगी हुई तो उन्होंनें पहले तो मेरे जिस्म को खूब निहारा और फिर मुझे चाटते हुए मेरे जिस्म को चूसनें लगे और मेरे बूब्स के निप्पल को उंगलियों में भरकर मसलनें लगे! जिससे मेरी हालत बिगड़ती चली गई| अब मेरे सामनें जीजू का लंड उनके अंडर वियर के अंदर खड़ा सलामी दे रहा था! जिसको मैंनें एक ही पल में जीजू का अंडरवियर नीचे कर के लंड हाथ में ले लिया|
जीजू का ७ इंच लंबा लंड आज फिर से मुझे चोदनें वाला था! इस बात की बहुत खुशी थी| इसके लिए अब जीजू नें मेरी चूत पर अपना मुंह रखा और चाटनें लगे! पर मैंनें तो इस बार उनका लंड लेना था! इसलिए उन्हें चूत चाटनें से रोक दिया और जीजू के मोटे सुपाड़े को अंदर डालनें का हुक्म दे दिया|
जीजू नें मेरी बात मान ली और मेरी चूत पर अपना सुपाडा रख कर एक जोर से धक्का दिया! जिससे मेरी चीख निकल गई| और तभी उन्होंनें मेरी गांड में उंगली डालनें की कोशिश करी! तो उन्हें महसूस हुआ कि आज तो मेरी गांड अंदर से चिकनी  है! यह बात जानकर वह हस पड़े और उंगली एकदम से गांड में डाल कर ऊपर नीचे करनें लगे! और उधर अपना सुपाडा मेरी चूत पर लगातार मार मेरी चूत का पानी निकाल दिया|
अब मेरा तो हो चुका था इसलिए अब उन्होंनें मेरी टांगे उठाकर मेरी गांड पर अपना मुंह रखा और चाटनें लग गये! और फिर कुछ पल बाद मेरी गांड के नीचे पिलो रखकर मेरी टांगें ऊपर की और उठा दी|
अब मुझे पता था कि अब तो मेरी गांड की खैर नहीं पर कब तक बचती मेरी गांड?
अब जीजू नें मेरी गांड पर तेल लगाना शुरु कर दिया और मुझे यह सब करवाते हुए खूब मजा आनें लगा! पर डर लगनें लगा| अब तो मैं गई! जीजू मेरी गांड को खूब अच्छे से तेल लगा रहे थे और उंगली अंदर डाल कर भी अंदर से गांड पूरी चिकनी कर रहे थे! उनकी उंगली अंदर जाते ही मैं सिहर उठती और यह बात सोचकर मचल भी उठती|
फिर अचानक से जीजू नें मेरी गांड पर अपना लंड रखा और ऊपर से ही उसको रगड़नें लगे| फिर धीरे धीरे उन्होंनें मेरी गांड के छेद में अपना सुपाडा रख कर सहलानें लगे| मुझे हल्का हल्का एहसास तो हो रहा था! पर शायद जीजू की हेल्प गांड पर लगा तेल कर रहा था! जिसकी वजह से मुझे इतना पता नहीं चल पा रहा था|
फिर ऐसे ही चलते चलते जीजू नें एकदम से अपनें लंड को अंदर की और धक्का दिया! जिससे मेरी जोर से चीख निकल गई और मेरी आंखों से भी आंसू आनें लगे| पर उस समय जीजू नें मेरी तरफ ध्यान ना देते हुए मेरी गांड को अपनें लंड से चोदे जा रहे थे और मैं दर्द से चीखी जा रही थी! और वह मेरी गांड को चोदते ही जा रहे थे और लगातार उपर नीचे करे जा रहे थे! मैंनें उन्हें देखकर बोला कि निकाल दो इसे बाहर! मैं मर जाऊंगी| पर उन्होंनें मेरी यह बात नहीं सुनी और मेरी गांड को लंड से पूरा ही चोद डाला|
अब जीजू का आधा लंड मेरी गांड में था और वह लगातार धक्के लगाए जा रहे थे! और मेरी उन के धक्के पर चीखें निकल रही थी| जीजू का आधा लंड सभी भी बाहर था और वह अब अपनें लंड पर ओइल लगाकर एक धक्का लगाते और थोड़ा अंदर लेते जिससे मेरी चीख और तेज हो जाती थी|
अब जीजू का हल्का सा लंड बाहर रह गया था! जिसे जीजु नें तेल लगाकर एक से धक्के मैं मेरी गांड में लंड घुसा डाला जिससे चीखे मारनें लग गई और जोर जोर से रोनें लगी| तब जीजू नें मेरे आंसू पोंछकर और मुझे किस करते हुए अपना लंड मेरी गांड में ऊपर नीचे करनें लग गए|
थोड़ी देर के दर्द के बाद मुझे अभी खूब मजा आनें लग गया| मैंनें भी उनका साथ देते हुए अपनी गांड हिला हिला कर लंड अंदर ले रही थी| मुझे इसमें दर्द तो बहुत ज्यादा हुआ पर मजा भी चूत चुदाई से दुगना मिल रहा था|
अब जीजू नें मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड को चोदनें लगे! मुझे इस पोजीशन में बहुत मजा आ रहा था| और फिर करीब १५ मिनट तक उनहोनें मुझे ऐसे ही चोदा और मेरी उस पोजीशन को रिलेक्स देते हुए मुझे सीधा लेटा दिया! और अब टांग ऊपर उठाकर गांड में लंड उतार डाला|
जीजू इस पोजीशन में मेरे बूब्स पकड़ कर दबा रहे थे और जोर जोर से चोदे जा रहे थे! फिर वह कभी मेरी गांड में अपना लंड उतारते तो कभी मेरी चूत में अपना लंड  उतार कर मुझे एक साथ दो-दो चुदाई का मजा मिल रहा था|
अब जीजू नें मेरी चूत को चोदना शुरू कर दिया! जिससे मैं समझ गई कि अब तो जीजू का निकलनें वाला है! इसलिए मैंनें भी अपनी गांड उठा कर उनका साथ दिया| और २० धक्को  के बाद उनके लंड में एक जोरदार धार मेंरी चूत में ही निकाल दिया जो कि इतनी गरम थी कि मेरी चूत उनके गर्म पानी से एक बार फिर से झड़ गई|
अब जीजू  मेरे ऊपर आकर लेटे रहे और फिर एकदम से उठकर अपनें सुपाड़े को तैयार कर लिया! मेरी गांड तो मोटा लंड खा खा कर पूरी सूज चुकी थी! पर जीजू थे की चीखें निकालनें में पूरे एक्सपर्ट थे!  इसलिए उन्होंनें मेरी सूजी गांड में लंड डाल दिया| मैं चींखती रही और वह मुझे चोदते रहे|
मेरे प्यारे जीजू को चीखे निकलवानें में बहुत मजा आता था और हम वहां करीब ३ दिन रुके और उन्होंनें मुझे पूरे ३ दिन जमकर चोद डाला|
फिर मैं और मेरे पति घर की और चल पड़े और घर आकर भी मेरी गांड बहुत दुखी  और करीब ४ दिन बाद जा कर ठीक हूई|

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