कुवारी हशीना की चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम रमेश है, मेरी उम्र 22 साल है, में झाँसी का रहने वाला हूँ और में मेरे पापा के बिजनेस में उनकी मदद करता हूँ. में दिखने में बहुत हैंडसम हूँ और मेरी बॉडी मस्क्युलर है, मेरा लंड 7 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा है. मेरे पड़ोस में एक लड़की रहती थी, वो कॉलेज में पढ़ती थी. वो जब भी मिलती थी तो एक अजीब सी स्माइल देती थी, लेकिन मैंने कभी ध्यान नहीं दिया.

वैसे तो वो जवान हो चुकी थी, उसके बूब्स भी बड़े-बड़े थे, उसके बूब्स का साईज 34 होगा, वो ड्रेस भी बहुत सेक्सी पहनती थी, लेकिन मुझे कभी भी ध्यान नहीं आया कि वो ऐसा क्यों करती है? वो मेरी दीदी के साथ बहुत फ्री थी, वो अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बताती रहती थी.

एक दिन वो मुझसे बोली कि राज भाई आप मुझे गणित की कुछ प्रोब्लम है, समझा दोगे? तो तब में बोला कि ठीक है आ जाना, में करवा दूँगा. अब वो हर रोज शाम को जब भी में ऑफिस से आता, तो वो कोई ना कोई प्रोब्लम लेकर आ जाती थी. अब वो हर रोज सेक्सी सी ड्रेस पहनकर आती थी और मेरे साथ चिपककर बैठ जाती थी और जानबूझकर मेरे हाथों पर अपने बूब्स रब करती थी,

जैसे अचानक हुए हूँ. तब में भी उत्तेजित हो जाता था, लेकिन अपने आप पर कंट्रोल करके रखता, क्योंकि में जानता था कि यह सब ठीक नहीं है. वो शॉर्ट स्कर्ट पहनकर आती थी और जानबूझकर अपनी स्कर्ट थोड़ी ऊपर कर देती थी, ताकि में उसके सेक्सी पैरो को देख सकूँ, लेकिन में उस पर ध्यान नहीं देता था.

फिर एक रविवार को वो मुझसे कुछ समझने आई. अब दीदी सो रही थी और में टी.वी देख रहा था. तब वो समझने लगी, उस दिन उसने टी-शर्ट के नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी और उसके निप्पल साफ-साफ़ दिखाई दे रहे थे. अब में उसकी तरफ देखता ही रह गया था. तब उसने नॉटी सी स्माइल दी. फिर हम दोनों बैठ गये. अब में उसे पढ़ाने लगा था. अब वो बार-बार किसी ना किसी बहाने से मुझे छेड़ रही थी और अब उसके बूब्स मुझसे टच हो रहे थे और मुझे मदहोश किए जा रहे थे, लेकिन में अपने आप पर कंट्रोल कर रहा था.

फिर वो पानी की बोतल लेने फ्रिज की तरफ गयी तो वहाँ पानी पड़ा होने के कारण वो स्लिप हो गयी और गिर गयी थी. अब वो चिल्लाने लगी थी, तो तब में भागकर उसकी तरफ गया, उसकी जांघ में चोट आई थी. अब में उसकी जांघ को रब कर रहा था, उसने शॉर्ट स्कर्ट पहनी थी और अब मुझे उसकी पेंटी साफ-साफ़ दिखाई दे रही थी. उसने पिंक पेंटी पहनी थी और उसमें से उसकी चूत के बाल बाहर आ रहे थे. अब मुझे कुछ-कुछ होने लगा था. अब में धीरे-धीरे उसकी जांघ को दबा रहा था, लेकिन अब मेरा ध्यान उसकी पेंटी की तरफ ही था, शायद उसे पता लग गया था.

अब उसने अपने पैर और खोल दिए थे, लेकिन तभी मुझे ध्यान आया कि मेरी दीदी अंदर है, तो तब मैंने पूछा कि तुम उठकर देखो, चला जाता है कि नहीं, तो तब वो उठने लगी. फिर मैंने उसे कमर से सहारा दिया और उसे उठाया. अब मेरी बाज़ू उसकी कमर पर से फिसलकर उसके बूब्स को टच करने लगी थी. अब वो जानबूझकर मेरी तरफ झुक गयी थी और कहने लगी कि मुझसे नहीं चला जाता भैया.

तब मैंने उसे अपनी बाहों में उठा लिया. अब उसने मेरे गले में अपनी बाहें डाल दी थी और मेरे सीने से चिपक गयी थी और अपनी गर्म-गर्म साँसे मेरे सीने पर मारने लगी थी. अब मेरे कदम ही नहीं बढ़ रहे थे. अब मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरी टाँगो में जान ही नहीं है. फिर उसने धीरे से मेरे सीने पर किस कर दी. अब मेरा पूरा शरीर पसीने में भीग गया था और मेरे पूरे शरीर में करंट दौड़ गया था. तो तभी इतनी देर में दीदी बाहर आ गयी. फिर हमने उसकी पट्टी की और फिर वो नीचे अपने घर चली गयी. फिर यही कोई एक हफ्ता बीत गया और वो कॉलेज भी नहीं गयी थी.

फिर 1 हफ्ते के बाद वो ठीक हो गयी. अब में उसका सामना नहीं करना चाहता था, क्योंकि मुझे मालूम था कि अगर उसका सामना हुआ तो इस बार में अपने होश खो दूंगा. फिर 1 हफ्ते के बाद मेरी दीदी कजिन की शादी में दिल्ली गयी और अब उनको 2-3 के दिन बाद वापस आना था. अब मुझे कोई काम था तो में नहीं गया. जब शनिवार का दिन था तो में 2 बज़े घर वापस आ गया था.

फिर थोड़ी देर के बाद बेल बजी तो तब मैंने उठकर दरवाज़ा खोला, तो सामने सोनिया थी, उसके हाथ में बुक्स थी. अब वो कुछ समझने आई थी. तो तब में उससे बोला कि आज दीदी घर पर नहीं है. तो तब वो बोली कि मुझे पता है और फिर उसने एक नॉटी सी स्माइल दे दी. अब इससे पहले में कुछ कहता, वो सीधी अंदर आ गयी और फिर वो बोली कि आज नो पढ़ाई, आज सिर्फ़ इन्जॉय करेंगे और फिर वो सोफे पर बैठ गयी और टी.वी ऑन कर दिया, जिसमे एक मूवी लगी हुई थी, तो वो देखने लगी.

फिर मैंने उससे पूछा कि वो कोल्डड्रिंक लेगी और फिर में उसके लिए फ्रिज में से कोल्डड्रिंक लेने चला गया. फिर जब में वापस आया तो वो अपनी टी-शर्ट उतार चुकी थी, उसके सफ़ेद बूब्स के ऊपर ब्लेक ब्रा थी. फिर उसने इशारो में मुझे अपने पास बुलाया तो तब मैंने कहा कि नहीं सोनिया, तुम जाओ, यह ठीक नहीं है, तुम बहुत छोटी हो. तब वो बोली कि नहीं दीपक आई लव यू, आई वॉंट टू फील यू. अब उसके मुँह से पहली बार अपना नाम सुनकर में हैरान रह गया था.

तो तब वो बोली कि इस दिन का में कब से इंतज़ार कर रही थी? तो तब में बोला कि नहीं, तुम्हारे मम्मी पापा को पता चलेगा तो क्या बोलेंगे? तो तब वो बोली कि उन्हें पता नहीं चलेगा, वो घर पर नहीं है, लेकिन फिर भी में उससे जाने के लिए बोला. फिर जब में नहीं माना तो तब उसने कहा कि दीपक अगर तुम नहीं आए, तो में बाहर चली जाउंगी और सबसे बोल दूंगी कि तुमने मुझे ऊपर बुलाकर रेप करने की कोशिश की है. तब में डर गया और फिर कुछ सोचकर में उसके पास आ गया.

फिर उसने मेरे गले में अपनी बाहें डाल दी. अब में उसे चूमने लगा था. अब उसने अपनी ब्रा उतार दी थी, उम्म क्या बूब्स थे उसके? अब में उसके बूब्स को सक करने लगा था. तब वो बोली कि ज़ोर से, आज में डूब जाना चाहती हूँ. फिर में उसके बूब्स को सक करता हुआ नीचे आ गया. अब उसने अपनी स्कर्ट भी उतार दी थी. अब वो सिर्फ़ पेंटी में थी. फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए और एक-एक बटन खोलते हुए मुझे किस कर रही थी.

में सिर्फ़ अंडरवेयर में था और वो पेंटी में थी. फिर में उससे बोला कि चलो बेडरूम में चलते है. तब वो जंप करके मेरी गोद में आ गयी और फिर उसने अपनी दोनों टांगे मेरी कमर में डाल दी. फिर मैंने उसे सक करते हुए रूम में ले जाकर बेड पर पटक दिया. तब उसने मुझे इशारे से अपने पास बुलाया. फिर में उसके पास गया, तब वो बोली कि आज में तुम्हें नहीं छोड़ूँगी, तुमने मुझे बहुत दिनों से तड़पाया है और फिर उसने मेरा अंडरवेयर उतारकर मेरा लंड बाहर निकाल लिया और रब करने लगी थी. अब मेरा लंड हार्ड हो गया था.

अब उसने मेरे लंड को सक करना शुरू कर दिया था. अब जब वो मेरे लंड को सक कर रही थी, तो तब मुझे जन्नत के नज़ारे नजर आ रहे थे. अब में मौन करने लगा था आअहह, आआआहह, उूउउ, मममम और फिर थोड़ी देर के बाद मुझे लगा कि मेरा छूटने वाला है तो तब में अपने लंड को बाहर निकालने लगा. तब उसने कहा कि नहीं मेरे मुँह में ही कर दो. तब मैंने उसके मुँह में ही अपना वीर्य निकाल दिया, जिसे उसने सारा पी लिया था और थोड़ा सा उसके होंठो पर गिर गया था, जिसे उसने उसे भी अपनी जीभ से चाट लिया था.

मुझे इतनी संतुष्टि कभी भी लाईफ में नहीं मिली थी. फिर वो बेड पेर लेट गयी और अब उसने अपनी दोनों टांगे खोल दी थी और बोली कि मेरी चूत को लीक करो, तो में बोला कि नहीं. तब वो बोली नहीं करोंगे तो में बाहर चली जाउंगी. फिर में उसकी चूत की तरफ चला गया. तब उसने मेरा मुँह ज़ोर से अपनी चूत में डाल दिया. अब में उसकी चूत को लीक करने लगा था.

फिर मैंने उसकी चूत के होंठ खोले और अपनी जीभ बीच में डालकर फुक करने लगा था. अब वो चिल्ला रही थी आहह और ज़ोर से और ज़ोर से, उम्म्म्मम. अब मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. अब में भी ज़ोर- जोर से करने लगा था. तभी उसका जूस निकल आया, अब वो अपने ऑर्गजम पर पहुँच गयी थी. अब वो मदहोश होकर लेट गयी थी. अब में भी उसके पास बैठ गया था और उसके शरीर पर अपना हाथ फैरने लगा था. तो तब इतनी देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

तब उसने देखा तो उसकी आँखों में चमक आ गयी थी और बोली कि आज मुझे जन्नत का मज़ा दे दो, प्लीज. तब में बोला कि नहीं यह रहने दो. तब वो बोली कि नहीं प्लीज फुक मी. तब में अंदर गया और कंडोम ले आया. फिर मैंने उसकी दोनों टांगे ऊपर की और ज़ोर लगाकर अंदर डाल दिया. तो तब वो दर्द से चिल्लाई.

तब मैंने उसके मुँह पर अपना एक हाथ रख दिया, लेकिन पहली बार चुदने के कारण उसे बहुत दर्द हो रहा था. अब उसने मेरे हाथ पर काट भी दिया था, लेकिन उस टाईम तो में जोश में था. अब में धीरे-धीरे धक्के लगाने लगा था. अब तक उसका जूस निकल आया था और अब उसे भी मज़ा आने लगा था. अब वो चिल्ला रही थी आह, आह और ज़ोर से और ज़ोर से, उम्म्म्म. अब में भी ज़ोर-जोर से धक्के लगाने लगा था. अब वो फिर से झड़ने लगी थी, लेकिन में ज़ोर-जोर से उसकी चुदाई करता रहा. फिर थोड़ी देर के बाद में भी अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया.

इस तरह से हमने उस दिन बहुत इन्जॉय किया और फिर उसके बाद मैंने एक बार फिर से उस दिन उसकी चुदाई की और फिर हम बाद में एक साथ नहाए भी और फिर उसके बाद में मैंने उसकी गांड भी मारी. अब तक 7 बज़ गये थे. अब उसके मम्मी पापा के आने का टाईम हो गया था. अब वो सोफे पर आकर बुक्स लेकर बैठ गयी थी.

फिर मैंने बेडरूम से ब्लड वाली बेडशीट उठाई और उसे धोने लगा, लेकिन ब्लड नहीं निकला था तो मैंने उसे फेंक दिया. अब जब हम बैठे थे, तो तब मैंने उससे पूछा कि वो मेरी तरफ आकर्षित कैसे हुई? तो तब उसने बताया कि उसने ब्लू मूवी देखी थी, तो तभी से उसके मन में मेरे साथ अफेयर की बात आ रही थी. फिर हमें जब भी कोई मौका मिला, तो तब हमने उस मौके का भरपूर फायदा उठाया.

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