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अपनी मौसी की चुदाई-1

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​आपके मैसेज मुझे काफ़ि तदात मे मिले और जान कर खुसि हुइ कि मेरि 3नो कहानि जिसका तितले एक अज़ीब दासतान था आप सबको बहुत पसनद आयि अब मैन अपना एक और सहकार पेस कर रहा हून और उम्मीद है कि ये भि पसनद आयेगा तो दोसतोन आज कि कहानि मे मैन अपनि मौसि और उसकि 14 साल कि लदकि को कैसे चोदता हून ये बताता हून आपको मैन अपनि मौसि के यहान जबल पुर गया था और वो मुझे देख कर बहुत खुस हुइ थि कयोनकि मैन बहुत दिन बाद गया था मेरि मौसि कि एक लदकि भि थि जिसकि अगे अभि सिरफ़ 14 साल थि पर मेरि मौसि कि अगे 38 साल थि और वो थोदि सि मोति थि उनकि चूचियान भि बहुत बदि।।।बदि थि एक दिन जब पिनकी सचूल गयि हुइ थि और मैन चत पर था तब मौसि आनगन मे नहा रहि थि जादे के दिन थे वो नहाते हुए धूप का अननद लेना साहति थि सायद इसि वझा से खुल्ले मे नहा रहि थि और मैन चत पे था तब हि मैनें देखा कि नीचे मौसि नहा रहि है उनके बदन पर सिरफ़ वहिते सोलौर का पेतिसोत था जिसे वो अपनि चूचियोन तक चदाय हुए थि और झरा।।।
झरा पानि से नहा रहि थि तब वो साबुन उथा कर रगदनें लगि और अपनें पैर फ़ैला कर पेतिसोत को जानघोन से उपर उथा कर साबुन मलनें लगि पानि मे भीग जानें से पेतिसोत उनके जिसम से चिपक गया था और मुहजे उनका बदन और उनकि चूचि साफ़ साफ़ नज़र आ रहि थि अब वो अपनि चूचयोन पे भि साबुन लगानें लगि इतनि देर मे मेरा लंड भि खदा हो चुका था मैन अपना लंड पेनत मे से बहर निकाल कर हाथ से रगदनें लगा और धोदि देर बाद मौसि नहा कर अनदर चलि गयि और मैनें भि अपना पानि हाथ मार कर झाद लिया अब मुझमे मौसि को चोदनें कि बात घर कर गयि पर रिसता ऐसा था कि कुच कर नहि सकता था मौसा जि भि बहुत सखत किसम के आदमि थे उनसे मैन दरता भि बहुत था वो तो सुकर था कि वो देलहि गये हुए थे मैन मौसि को चोदनें कि पलनिनग करनें लगा और बहुत सोचनें के बाद आखिर मुझे एक पलान आ हि गया जब रात को मौसि अपनें रूम मे लेति थि और मैन भि लुनगि पहनकर सोनें जा रहा था तब हि मैनें कस के अवाज़ मारि बचाओ बचाओ तभि मौसि जलदि से मेरे रूम मे आ गयि और घबरा कर बोलि कया हुअ बेता? मैन मौसि को देखता हि रह गया उनका गौन बहुत हि सेक्सि था जिसके आगेय के बतन उनहोनें खोल रखे थे और घबराहत मे बुत्तन बनद करना वो भूल हि गयि थि जिस्से कि उनकि रेद बरेस्सरि नज़र आ रहि थि मैनें दरते हुए कहा कि मौसि मुझे बहुत बुरा सपना आया था और खते हुए झत से उनसे चिपक गया वो फले तो झिझक गयि फ़िर दोनो हाथ बदा कर मुझको अपनें बदन से चिपका लिया चूनकि मैन बेद पे था और वो ज़मीन पे तो उनकि चूचि मेरे मुह के पास थि मैन उनकि चूचि को जोर से अपनें मुह से दबाते हुए बोला कि मौसि मुझे बहुत दर लग रहा है पलज़ आप आज मेरे साथ सो जाइये तब मौसि नें कहा धत्त तुम तो बस्सहोन कि तरह दर रहे हो 22 साल के हत्ते।।।
कत्ते मरद होकर भि दरते हो और फ़िर वहिन बैथ गयि बोलि अछा तु सोजा मैन अभि यहिन बैथि हून जब तु सो जायेगा तब मैन चलि जाउनगि और मैन सोनें का नातक करनें लगा मौसि नें अभि भि बुत्तुन नहि बनद किये थे और मैन धीरे ।।।धीरे अपनि लुनगि सरकानें लगा मैनें नीचे जान।।।बूझ कर आज कुच भि नहि फना था मैनें अपनि लुनगि पैरोन के दोनो तरफ़ सरका दि और मेरा लंड बिलकुल साफ़ दिख रहा था तब हि मैनें देखा कि मौसि मेरे लंड को बहुत गौर से देख रहि थि मुझे आभास हो गया कि आज मौसि को चोदनें को मिल जायेगा पर थोदे देर बाद हि मेरे अरमानो पे पानि फ़िर गया मासि नें आगेय बद कर कुच देर धयान से देखनें के बाद लुनगि को मेरे लंड पर दाल दिया और फ़िर अपनें रूम मे चलि गयि मैन मन मसोस कर रह गया दूसरे दिन दिन भर नोरमल रहा पर एक बात नोत कि मैनें देखा कि आज मौसि मुझे अज़ीब सि नज़रोन से देख रहि थि आज रात को मैनें सोनें से फले मौसि से कहा कि मौसि पलज़ आज आप मेरे रूम मे सो जाओ कल आपके जानें के बाद बहुत बुरा सपना आया था मौसि सायद मेरे दिल कि बात भाप गयि थि या मेरा 9″ का खदा लंड्देख कर उनकि चूत मे भि खलबलि होइ गयि थि उनहोनें कहा कि थीक है बेता और रात को मैनें आज भि सिरफ़ लुनगि हि फनि थि और आज तो मौसि नें बहुत हि सेक्सि चोती सि निघती निकाल कर फनि थि मगर वो मोति थि तो उनपर अछि नहि लग रहि थि सायद जब मौसि कि नयि नयि सादि हुइ थि तब हि मौसा नें लाकर दि होगि जब वो बहुत सलिम हुअ करति थि अब तो पेत निकल आनें कि वझा से वो बहुत ऊनचि हो गयि थि और चूचि के पास वाला हिस्सा भि बहुत उभरा हुअ दिख रहा था कयोन कि चूचि फले कि अपेचा काफ़ि बदि हो गयि थि जिसे वो ज़बरदसति उसमे बानधे हुए थि खैर उनके आनें के बाद मैनें कहा कि मौसि आज जाइयेगा नहि और यहिन मेरे बगल मे सो जाइये तब मौसि मेरे बगल मे बैथ गयि और अपनें पैरोन को फ़ैला लिया वो मेरे बिलकुल सामनें बैथि हुइ थि पैर फ़ैलानें से उनकि निघती और उपर खिसक गयि
और जब मैनें देखा तो मुझे 440 का झतका लग गया मौसि नीचे कुच भि नहि फनें हुए थि उनकि पाव कि तरह उभरि हुइ चूत साफ़ दिख रहि थि मैन उनकि तरफ़ हि देख रहा था और सोच रहा था कि मौसि मेरा हि फ़रमुला मुझपेर आजमा रहि है कल मैनें उनको अपना लंड दिखाया था और आज वो मुझे अपनि चूत दिखा रहि है खैर मैन लेत गया और सोनें का नातक करनें लगा थोदि देर बाद मुझे महसूस हुअ कि कोइ मेरि लुनगि के उपर हाथ फ़ेर रहा है पर मैन वैसे हि लेता रहा तब हि मौसि नें अपना हाथ उनदर घुसेद दिया और मेरा लंड मुत्तहि मे लेकर शलानें लगि जिस्से वो अपनि औकात मे आनें लगा पर मैन तब भि वैसे हि पदा रहा और फ़िर मासि नें उसे मुह मे लेकर चूसना सुरु कर दिया अब तो मुझे अपनें आप को रोकना बहुत हि मुसकिल हो गया था कयोनकि किसि भि आदमि का लंड जब कोइ औरत अपनें नरम और मुलायम होनतोन से चूसति है तो कितना मज़ा आता है यहान तक कि उसकि सिसकियान भि निकलनें लगति है पर मैनें बहुत बरदासत किया कयोनकि मैन मासि कि आगेय कि कारवाहि देखना साहता था आखिर उनहोनें चूस ।।चूस कर मेरा पानि निकाल दिया और फ़िर वहिन चदर से मेरा लंड पोच दिया और अपनें रूम मे जकर सो गयि दूसरा दिन भि नोरमल हि रहा आज मैनें मासि से कहा कि कल बहुत अछि नीनद आयि थि तब मौसि नें कहा कि बेता आज मैन तेरे बेद पे हि सो जाउनगि तब और अछि नीनद आयेगि और रात को मासि मेरे रूम मे आयि मैनें आज उनदेरवेअर भि पहन लिया था मासि रूम मे आयि और फ़िर इधर।।।

उदर कि बातेन करनें लगि तब हि वो मेरे करीब आ गयि बोलि कि तुम बहुत घरि नीनद मे सोते हो तुमहे उनदेअरवेअर पहन कर सोना साहिये कल मेरे जानें के बाद बिल्लि आयि थि और तेरि लुनगि तेरे लंड से हति हुइ थि तब वो उसे चात रहि थि अगर कहिन कात लेति तो कया होता? मैन मन हि मन मुसकुरा पदा फ़िर मैनें अपनि लुनगि हता ते हुए कहा कि मासि आज मैनें निक्कर फना हुअ है आज बिल्लि नहि चात पायेगि तब मौसि नें कहा कि बेता मैन देखुन कि कहिन कल बिल्लि नें दानत के निस्सन तो नहि मारे नहि तो सपतिक हो जायेहा और मेरि लुनगि हता कर उनदेअरवेअर को खीचकर उतार दिया मेरा लंड किसि डंडे कि तरह अकद रहा था और मासि उसे हाथ मे लेकर बहुत गौर से देख रहि थि और धीरे।।।धीरे शला रहि थि जिस्से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था तब वो उसे मुह मे भर कर चूसनें लगि तब मैनें कहा मासि ये कया कर रहि हो आप मैन आपके बेता के समान हून तब मौसि बोलि कि बेते के समान है तो ले तु मेरा दूध पे और अपनि निघती एक हि झतके से उतार दि उनकि बदि।।।।।।
बदि चूचियान मेरि आनखोन के सामनें बिलकुल ननगि थि मैन उसे बहुत जोर से दबानें लगा उनकि बदे।।।बदि चूचियान हाथ मे नहि आ रहि थि मैन अपनें दोनो हाथ से उनकि एक चूचि दबा रहा था और एक चूचि कि निप्पलस को दानत से कात रहा था जिस्से उनको भि बहुत मज़ा आ रहा था उसके बाद वो बेद पर लेत गयि और उनके पेत कि वझा से उनकि चिऊचियान दाय।।।।बाय धनक रहि थि मैनें उनकि चूत पर एक चुम्मा लिया वो जोर से सिसक पदि मैनें उनकि चूत चुसायि सुरु कर दि और उनको एक बार झाद दिया फ़िर वो बोलि कि बेता आज मैन तुझे उपर से चोदुनगि तब मैनें हाथ जोद लिये और बोला कि मासि मुझे माफ़ कर दो मेरा दुम निकल जायेगा आप इतनि मोति हो तब वो हसनें लगि फ़िर मैनें कहा कि आपको आज मैन दूसरे सतयले से चोदुनगा जिस्से आपको भि बहुत मज़ा आयेगा वो बोलि चोदो राजा अब तो चूत तुमहारे हवाले है मैनें उनको बेद पर हाथ रख कर नीचे खदा किया और पीचे से उनकि चूत मे एक जोरदार धक्का मारा मासि आआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह आआआआआह्हह्हह्हह्ह कि अवाज़ करते हुए बेद पर दह गयि और मैन धक्के लगानें लगा मैन बहुत जोर।।।जोर से उनकि चुदायि कर रहा था और अब वो भि अपनि चुतद को आगेय ।।

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